acceptance testing in hindi

Acceptance Testing in Hindi

Definition of Acceptance Testing in Software Engineering in Hindi :- ऐक्सेप्टन्स टेस्टिंग या स्वीकृति परीक्षण, एक Software Testing (सॉफ्टवेयर टेस्टिंग) तकनीक है जिसमें यह जाँचा जाता है की अंतिम उत्पाद ग्राहक के व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है की नहीं। इसके साथ ही इसमें ग्राहक एवं ग्राहक के संगठन में काम करने वाले कर्मचारी जिन्हें इस सॉफ्टवेयर उत्पाद पर काम करना है उनके संतुष्टि का भी मूल्यांकन किया जाता है।

सॉफ्टवेयर टेस्टिंग की प्रक्रिया में Acceptance Testing सबसे अंतिम चरण है और इस परीक्षण के सफल होने के बाद सॉफ्टवेयर उत्पाद को सीधे उपयोग के लिए ग्राहक को दे दिया जाता है। ऐक्सेप्टन्स टेस्टिंग करने से पहले सॉफ्टवेयर का पूरी तरह से बन कर तैयार हो जाना बहुत आवयशक है तथा इसे टेस्टिंग के अन्य सभी चरण जैसे की unit test, integration test और system test में भी सफल होना जरुरी है।

Need of Acceptance Testing in Hindi :- जैसा कि आप जानते हैं की किसी सॉफ्टवेयर का इंटीग्रेशन टेस्टिंग करने से पहले उसे सॉफ्टवेयर परीक्षण के अन्य सभी चरण जैसे कि यूनिट टेस्ट, इंटीग्रेशन टेस्ट और सिस्टम टेस्ट से होकर गुजरना होता है। इन तीनों परीक्षण को सफलतापूर्वक करने के बाद भी ऐक्सेप्टन्स टेस्टिंग या स्वीकृति परीक्षण करने का मुख्य कारण निम्नलिखित रुप से है:-

  • किसी भी सॉफ्टवेयर उत्पाद को बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य ग्राहक के व्यवसायिक समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ एक सरल और आसानी से उपयोग करने योग्य System तैयार करने का होता है, जिससे कि ग्राहक को पूरी तरह से संतुष्ट किया जा सके। इसलिए एक्सेप्टेंस टेस्टिंग करने की प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर को वास्तविक माहौल में उपयोग करने से पहले ग्राहक एवं ग्राहक के संगठन में काम करने वाले कर्मचारियों के द्वारा सॉफ्टवेयर को जांचने के लिए दिया जाता है। जिससे की Customer पूरी तरह से संतुष्ट हो जाए।
  • एक्सेप्टेंस टेस्टिंग करने से पहले सॉफ्टवेयर को उसके वास्तविक environment में install किया जाता है। सॉफ्टवेयर को कई बार उसके निर्माता के कंप्यूटर से लेकर उसके उपयोगकर्ता के कंप्यूटर तक पहुंचाने पर उसमें कई ऐसी त्रुटियाँ सामने आ जाती है जो कि अब तक टेस्टिंग के विभिन्न चरणों में सामने नहीं आ पाया था। आमतौर पर ये त्रुटियां छोटी-मोटी होती है लेकिन इन्हें ठीक करना बहुत जरुरी होता है।
  • कई बार ऐसा होता है इस सॉफ्टवेयर के निर्माण प्रक्रिया में लगने वाले समय के दौरान ग्राहक की जरूरतों में परिवर्तन हो जाता है। लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर ग्राहक के इन बदलते जरूरतों पर ध्यान ना दे कर पुराने जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर का निर्माण कर देते हैं, ऐसे में अगर ग्राहक द्वारा अंतिम उत्पाद की जांच करवाए बिना उसे सॉफ्टवेयर सिस्टम दे दिया जाए तो ऐसा System उसके जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ रहेगा।

Type Of Acceptance Testing in Hindi :- ऐक्सेप्टन्स टेस्टिंग मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है :-

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Acceptance Testing In Hindi

  1. Operational acceptance testing (OAT):- ऑपरेशनल एक्सेप्टेंस टेस्टिंग या परिचालन स्वीकृति परीक्षण में सॉफ्टवेयर उत्पाद में उम्मीद के मुताबिक प्रक्रियाएं संचालित हो रही है या नहीं इसकी जाँच की जाती है। इसके साथ ही इसमें विभिन्न प्रकार के सिक्योरिटी टेस्ट जैसे कि electricity failure, Hardware failure या software failure होने पर बैकअप और रिकवरी के लिए उपलब्ध विकल्पों की जांच की जाती है। सॉफ्टवेयर उत्पाद को विभिन्न आपदाओं से कैसे बाहर निकाला जाएगा तथा इस पर रख रखाव किस प्रकार से किया जाएगा इसका भी जाँच किया जाता है।
  2. User acceptance testing (UAT) :- यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग को अंतिम उपयोगकर्ता परीक्षण भी कहा जाता है क्योंकि इसमें सॉफ्टवेयर को उसके अंतिम उपयोगकर्ता अर्थात ग्राहक एवं ग्राहक के संगठन में कार्य करने वाले कर्मचारियों के द्वारा जाँचा जाता है।

Advantages of Acceptance Testing in Hindi :-

  • यह ग्राहक की संतुष्टि को बढ़ाता है क्योंकि इस प्रक्रिया के कारण उन्हें उत्पाद ग्रहण करने से पहले उसका परीक्षण करने का मौका मिलता है।
  • यह सॉफ़्टवेयर के गुणवत्ता और मानदंड को बढ़ाने में मदद करता है इसलिए क्योंकि इसमें उत्पाद को उसके वास्तविक working environment में इंस्टॉल करके टेस्ट किया जाता है।
  • एक्सेप्टेंस टेस्टिंग से मिलने वाले परिणामों का विश्लेषण करके targeted audience की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलता है।
  • चूँकि इस प्रक्रिया में ग्राहक अपने आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद का परीक्षण करता है जोकि सॉफ्टवेयर निर्माता के दृष्टिकोण से अलग हो सकता है इसलिए इस परीक्षण के बाद कई नए प्रकार की जरूरतें सामने आ सकती है।

Disadvantages of Acceptance Testing in Hindi :-

  • कई बार ग्राहक नए उत्पाद को ठीक से समझ नहीं पाता इसलिए वह उत्पाद में कुछ ऐसे परिवर्तन की मांग करता है जिसकी कोई आवश्यकता ही नहीं था। ऐसी परिस्थिति में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को व्यर्थ का परिश्रम करना पड़ता है, कई बार सॉफ्टवेयर निर्माता और ग्राहक के बीच एक तनाव की स्थिति भी पैदा करता है।
  • यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल या SDLC की प्रक्रिया में लगने वाला कुल समय और लागत को बढ़ा देता है।

 

Conclusion on Acceptance Testing in Software Engineering in Hindi :-

ऐक्सेप्टन्स टेस्टिंग या स्वीकृति परीक्षण सॉफ्टवेयर को जांचने की प्रक्रिया में सबसे आखरी चरण है। इस चरण को सफलतापूर्वक पार करने के बाद सॉफ्टवेयर सीधे उपयोगकर्ता के समक्ष वास्तविक कार्यों में उपयोग के लिए दे दिया जाता है, इसलिए इस चरण में सॉफ्टवेयर उत्पाद के सभी गलतियों को ढूंढना बहुत आवश्यक होता है। साथ ही इस चरण में ग्राहक की संतुष्टि का भी ध्यान रखा जाता है क्योंकि पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ग्राहक की समस्याओं का समाधान एवं उसकी संतुष्टि से ही है।

उम्मीद है Acceptance Testing in Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आप हमें एक्सेप्टेंस टेस्टिंग से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

 

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