Accounting क्या है? | What is Accounting in Hindi (Full Guide)

Accounting क्या है? | What is Accounting in Hindi (Full Guide)

अकाउंटिंग क्या है? | What is Accounting in Hindi: Hello Friends, आप सभी को फिर से और एक Interesting Article पे स्वागत करता हु.

आधुनिक व्यवसाय इतना बढ़ गया है कि इसमें अरबों-खरबों का लेनदेन हिसाब-किताब रखना होता है।

इस लेन-देन के ब्यौरे को याद रखकर व्यावसायिक उपक्रम का संचालन करना मुमकिन नहीं है और इसका लेखा जोखा रखने के लिए हमें किसी ना किसी एकाउंटेंट की जरूरत होती है।

Accounting को हिंदी में लेखांकन कहते हैं एक ऐसा इंसान जो हर छोटे-बड़े बिजनेस के बारे में समझ रखता है और किसी बिजनेसमैन की मदद करता है।

इसे करने से पहले आपको ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर अकाउंटिंग क्या है इसलिए आज के लेख में हम आपके लिए what is accounting in hindi लेकर आए हैं जो आपको समझने में मदद करेगा।

अकाउंटिंग क्या है? | What is Accounting in Hindi:

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लेखांकन यानी Accounting एक ऐसा प्रोसेस है जो कि वित्तीय पहलुओं (Financial Aspects) के बारे में सारे रिकॉर्ड रखता है।

अगर हम दूसरे शब्दों में कहें तो अकाउंटिंग एक प्रोसेस होता है जो कि किसी भी ऑर्गनाइजेशन या बिजनेस में होने वाले रुपयों के लेन-देन के बारे में जानकारी रखता है।

ये दो शब्दों लेख और अंकन से मिलकर बना है जिसमें लेख का मतलब लिखना और अंकन का मतलब अंकों में होता है। अमेरिकन इन्स्ट्टीयूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक अकाउन्टैन्ट्स (AICPA) के एक लेख के अनुसार,

”लेखांकन वित्तीय प्रकृति के है, मुद्रा के रूप में प्रभावपूर्ण तरीके से लिखने, वर्गीकृत करने और सारांश निकालने एवं उनके परिणामों की व्याख्या करने की कला को कहते हैं।”

इस परिभाषा के मुताबिक लेखांकन एक कला है विज्ञान नहीं है। इस कला का उपयोग वित्तीय प्रकृति के मुद्रा में मापनीय व्यवहारों और घटनाओं के अभिलेखन, वर्गीकरण, संक्षेपण और निर्वचन के लिए होता है।

उदाहरण के लिए, किसी भी बड़े Organization में, Business में, छोटे-बड़े दुकानों में बहुत सामान खरीद बिक्री होता है, इसे याद रखना काफी मुश्किल होता है इसलिए हम खरीद और बिक्री के Record के लिए अकाउंटिंग करते हैं।

कई बड़ी संस्था में तो लोग बड़े-बडे Accountant रखते हैं लेकिन कुछ छोटे बिजनेसमैन खुद ही इसका लेखा-जोखा रखते हैं।

जब भी कोई सरकारी रूप से अपनी कंपनी को रजिस्टर्ड कराते हैं तो उन्हें किसी ना किसी अकाउंटेंट की जरूरत पड़ती ही है।

अकाउंटिंग के फायदे क्या हैं ? | Advantage of Accounting:

अगर आप कोई दुकानदार हैं तो इस बात को आसानी से समझ सकते हैं कि अकाउंटिंग के क्या-क्या फायदे होते हैं लेकिन अगर आप एक विद्यार्थी हैं तो इसके फायदों के बारे में जानकारी कम या नहीं होगी।

जब भी हम अपने बिजनेस के लेन-देन को या कोई दुकानदार अपने लेन-देन की प्रक्रिया को लिखित रूप से रखता है तो उसके कई सारे फायदे होते हैं जो इन बिंदुओं में लिखित है….

1.हमें लेन-देन के पैसों के बारे में पता चलता रहता है कि कितना पैसा किसे दिया है या किससे कितना पैसा लेना है। इससे बिजनेस में बढोत्तरी होती है और किसी भी तरह की हेरा-फेरी कोई नहीं कर सकता है।

2.जब हम किसी भी रिकॉर्ड को लिखित रूप से रखते हैं तो बार-बार अपने लेन-देन की प्रक्रिया को याद रखने के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ता है। इससे मन हल्का रहता है और बिजनेस आसानी से होता है।

3.अकाउंटिंग के जरिए हम ये भी पता लगा सकते हैं कि बिजनेस में कितना घाटा और फायदा हुआ है। वैसे तो फाइनेंशियल ईयर 31 मार्च तक हर साल हर बिजनेसमैन को अकाउंटेंट के पास जाना होता है लेकिन अगर अपनी तरफ से सब क्लियर हो तो कोई समस्या नहीं आती है।

4.अकाउंटिंग के जरिए हम पता लगा सके हैं कि हमारे बिजनेस में अभी तक कितनी पूंजी लगी है और हमारे पास और पैसा लगाने का हौसला है या नहीं।

5.अकाउंटिंग के जरिए बिजनेस का दूसरे क्लाइंट पर दूसरा ही प्रभाव पड़ता है और अगर संस्था बड़ी है तो कर्मचारियों का मासिक वेतन भी हिसाब से लिखा जाता है इससे कोई गलत तरीके से पैसा नहीं ले सकता।

लेखांकन कितने प्रकार के होते हैं? | Types of Accounting in Hindi

अकाउंटिंग के भी अपने दायरे होते हैं और हर लेखांकन के प्रकार अपने-अपने तरीकों से काम करते हैं।

वैसे तो व्यक्तिगत खाता, वास्तविक खाता और नाममात्र का खाता ये तीन प्रकार के खाते होते हैं लेकिन इन सभी के अपने और अहम काम होते हैं, तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं…

व्यक्तिगत खाता | Personal Account:

Personal Account के अंतर्गत वे लेखांकन आते हैं जो किसी भी व्यक्ति, किसी कंपनी या किसी संस्था से संबंधित हो।

अगर इसे दूसरे शब्दों में समझाएं तो वैसा account जो किसी भी व्यक्ति, organization, company से जुड़े होते हैं उसे Personal Account कहते हैं।

उदाहरण के लिए राम का खाता (Mohan का account), Bank account आदि।

Personal account के अंतर्गत ये सभी खाते आते हैं जिनमें नीचे लिखी चीजें काम आती हैं-

  1. व्यक्ति का खाता (Ram account)
  2. बैंक खाता (Bank account)
  3. कैपिटल खाता (Capital account)
  4. सप्लायर या कस्टमर का खाता (Supplier or customer account)
  5. फाइनेंशियल और इंस्टिट्यूशन का खाता (Financial and institution account)
  6. ड्रॉविंग खाता (Drawing account)

इस अकाउंट में वैसे सभी अकाउंट्स आते हैं जिससे हमें पता चलता है कि किस व्यक्ति से कितना पैसा लेना या देना है।

वास्तविक खाता | Real Account:

Real account के अंतर्गत वे खाते आते हैं जो वस्तु या संपत्ति से related हो। अगर accounting के term में बताएं तो वैसा खाता जो कि assets (goods and services) और liabilities (ऋण या कर्जा) से संबंधित होते हैं उन्हें वास्तविक खाता कहते हैं। इस खाते में कुछ ऐसी चीजें सामने आती हैं जो नीचे लिस्टेड हैं-

  1. लैंड खाता (Land account)
  2. बिल्डिंग खाता (Building account)
  3. मशीनरी खाता (Machinery account)
  4. फर्नीचर खाता (Furniture account)
  5. वेहिकल खाता (Vehicles account)
  6. कैश खाता (Cash account)

नाममात्र के खाते | Nominal Account:

Nominal Account के अंतर्गत वे खाते आते हैं जिनमे आय (income) और खर्च (expenses) के बारे में लिखा जाता है।

अगर इसे आसान भाषा में समझाएं तो ये ऐसा खाता होता है जो कि लाभ या हानि से related information को संयोजित रखता है।

नाममात्र खातों के प्रकार कुछ इस तरह होते हैं-

  1. मासिक वेतन खाता (Salary account)
  2. ब्याज खाता (Interest account)
  3. छूट खाता (Discount account)
  4. परचेस खाता (Purchase account)
  5. वेग्स खाता (Wages account)
  6. कमीशन पे या रिसीवर खाता (Commission pay or receive account)
  7. बीमा खाता (Insurance account)
  8. बिक्री खाता (Sales account)

Conclusion:

दोस्तों, आज के हमारे इस आर्टिकल पे बस इतना ही था. I Hope आप सबको हमारे Acounting in Hindi के बारे में Detail  में जानकारी मिल गए होंगे।

आप सबको हमारे इस आर्टिकल को कैसा लगा हमे Comment section पे बताना ना भूले। अगर आपको भी Accounting के related कोई knowledge हे तो हमे जरूर बताये।

अगर आर्टिकल पसंद आया तो आपने दोस्तों के साथ Share करना ना भूले। धन्यबाद ||

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