algorithm in hindi

Algorithm in Hindi

अगर आप जानना चाहते हैं कि एल्गोरिदम क्या होता है? अर्थात What is algorithm in Hindi. तो इस लेख को पढ़ते रहे क्योंकि इस लेख में हमने सरल हिंदी भाषा में यह समझाने का प्रयास किया है, की algorithm kya hota hai, इसके साथ ही computer science में एल्गोरिदम की परिभाषा (Definition), महत्व (Important), विशेषताएं (characteristics), Advantage, Disadvantage इत्यादि के विषय पर विस्तार से चर्चा किया है।

What is Algorithm in Hindi (एल्गोरिदम क्या होता है) ? :- एल्गोरिदम में एक विशिष्ट कार्य या समस्या को हल करने के लिए निर्देश होते हैं। यह उन नियमों या प्रक्रियाओं को बताता है जिनका पालन किसी समस्या के समाधान के लिए किया जाना चाहिए। एल्गोरिथ्म एक गणित के समीकरण की तरह होता है, इसमें किसी बिस्तृत समस्या के समाधान को अंग्रेजी भाषा के उपयोग से संक्षिप्त में बताया जाता है। इसके उपयोग से software developer एवं programmer के काम करने की औसत गति काफी बढ़ जाती है, क्योंकि वह लोग किसी एल्गोरिदम में बताए गए निर्देश को देखकर बड़ी आसानी से प्रोग्राम का सोर्स कोड लिख पाते हैं।

Definition of Algorithm in Hindi

Definition of Algorithm in Hindi :- किसी भी गणितीय संचालन ( mathematical operations ) , डेटा प्रोसेसिंग ( data processing ) और अन्य कंप्यूटर  संबंधित समस्याओं का समाधान  के क्रमबद्ध  तरीके को एल्गोरिथम कहते है  |

अगर साधारण शब्दों में कहें तो एल्गोरिदम में सभी संभावित तरीके क्रमबद्ध रूप में लिखे होते हैं , जिनका उपयोग करके किसी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है |

किसी भी समस्या के कई सारे संभावित समाधान हो सकते हैं, इसीलिए एक ही समस्या के कई अलग-अलग algorithms बनाए जा सकते हैं लेकिन सभी algorithms में से सबसे अच्छा एल्गोरिदम उसे ही माना जाएगा जो कम से कम समय और कंप्यूटर मेमोरी का उपयोग करके  समस्या का समाधान उपलब्ध करवा सकें |

Important of Algorithm in Hindi

Computer Science के क्षेत्र में एल्गोरिदम बहुत ही महत्वपूर्ण तरीका है, किसी समस्या के बेहतर समाधान के लिए  |  उदाहरण के लिए किसी भी computer program को बनाने से पहले अगर हम उस program  के द्वारा Solve किए जाने वाले problem और उसके output के आधार पर Algorithms  बनाते हैं तो हम यह बेहतर तरीके से समझ सकते हैं, कि इस कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने के कितने संभावित तरीके हैं और इन सभी तरीकों में से कौन सा तरीका सबसे अच्छा है जो  हमें कम से कम समय और computer memory के उपयोग से output उपलब्ध करवा सकता है  | Algorithms  के कुछ और विशेषताएं निम्नलिखित है

  • एल्गोरिदम किसी समस्या को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है |
  • एल्गोरिदम के मदद से हम यह पहले ही निर्धारित कर सकते हैं कि किसी कंप्यूटर प्रोग्राम को बनाने में हमें कितना Variables, Function या Class की आवश्यकता पढ़ने वाली है |
  • एल्गोरिदम हमें गलत प्रोग्राम बना कर समय बर्बाद करने से बचाता है |

Features of an Algorithm in Hindi

Characteristics / features of an Algorithm in Hindi :- एल्गोरिथ्म के कुछ प्रमुख लक्षण निम्नलिखित रूप से है :-

  • Unambiguous ( असंदिग्ध ) :- एल्गोरिथम का प्रत्येक steps स्पष्ट और असंदिग्ध होना चाहिए। इसके प्रत्येक inputs/outputs का  केवल एक अर्थ होने चाहिए।
  • Input :- एल्गोरिथ्म में 0 या अधिक अच्छी तरह से परिभाषित इनपुट होना चाहिए।
  • Output :- एल्गोरिथ्म में काम से काम 1 या अधिक अच्छी तरह से परिभाषित आउटपुट होना चाहिए, और वांछित आउटपुट से मेल खाना चाहिए।
  • Finiteness ( सीमित्ता ) :- एक सीमित steps के बाद एल्गोरिदम को समाप्त होना चाहिए।
  • Feasibility ( साध्यता ) :- उपलब्ध संसाधनों के एल्गोरिथम को साथ साध्य होना चाहिए । मतलब ऐसे एल्गोरिथम को मान्यता नहीं दी जा सकती तो वर्त्तमान परिस्थिति में समस्या का समाधान नहीं कर सकती लेकिन लेकिन दूसरे परिस्थिति में कर सकती है ।
  • Independent ( स्वतंत्र ) :- एक एल्गोरिथ्म में प्रत्येक steps का किसी भी प्रोग्रामिंग कोड से स्वतंत्र होना चाहिए।

How to write an Algorithm in Hindi 

How to write an algorithm:- एल्गोरिदम कैसे लिखना है ये  समस्या और उपलब्ध संसाधन पर निर्भर करता  है , इसे लिखने का कोई अच्छी तरह से परिभाषित मानक नहीं हैं।

designing of algorithm in hindi

Designing of Algorithm in Hindi

algorithms लिखते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए की इसे कभी भी किसी विशेष प्रोग्रामिंग कोड का समर्थन करने के लिए नहीं लिखा जाना चाहिए वल्कि सभी प्रोग्रामिंग भाषाएं कुछ बुनियादी कोड कंस्ट्रक्शन जैसे loops (do, for, while), flow-control (if-else), आदि साझा करती हैं, इन common कंस्ट्रक्शन का उपयोग एल्गोरिदम लिखने के लिए किया जा सकता है।

इसके आलावा algorithm में अंग्रेजी भाषा के शब्द जैसे की read , write , compute , set और गणितीय निर्देश के शब्द जैसे की  add, multiply, divide, subtract, equal to, less than, grater than  आदि का भी उपयोग किया जाता है ।

 

Example of algorithm in Hindi

Example of algorithm in Hindi:-  दो नंबर जोड़ने और परिणाम प्रदर्शित करने के लिए एक algorithm निम्नलिखित है :-

Step 1 − START
Step 2 − declare three integers a, b & c
Step 3 − define values of a & b
Step 4 − add values of a & b
Step 5 − store output of step 4 to c
Step 6 − print c
Step 7 – STOP

Analysis of Algorithm in Hindi

Analysis of Algorithm in Hindi :- किसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने में एल्गोरिथम द्वारा लिए जाने वाले समय (Time) और मेमोरी स्पेस (Memory Space) के आधार पर उस एल्गोरिथम का Analysis (विश्लेषण) किया जाता है। Analysis (विश्लेषण) करने के बाद कोई एल्गोरिदम निम्नलिखित तीन में से किसी एक परिस्थिति में होता है।

algorithm in hindi

Algorithm in Hindi

  • Worst-case :-वह एल्गोरिदम जो किसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए सबसे अधिक चरणों (maximum number of steps) का पालन करता है, वो Worst case के श्रेणी में आता है।
  • Best case :- वह एल्गोरिदम जो किसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए सबसे कम चरणों (minimum number of steps) का पालन करता है, वो Best case के श्रेणी में आता है।
  • Average case :- वह एल्गोरिदम जो किसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए औसत चरणों (average number of steps) का पालन करता है, वो average case के श्रेणी में आता है।

Types of algorithm in Hindi ( एल्गोरिथ्म के प्रकार ) :- वैसे तो एल्गोरिथ्म के कई प्रकार हैं लेकिन सबसे मूल रूप में एल्गोरिथ्म के निम्नलिखित 7 प्रकार है:-

  • Recursive algorithms
  • Dynamic programming algorithm
  • Backtracking algorithm
  • Divide and conquer algorithm
  • Greedy algorithm
  • Brute Force algorithm
  • Randomized algorithm
Types of algorithm in Hindi
  • Recursive algorithms :- इस algorithm का उपयोग तब किया जाता है जब problem को एक ही प्रकार की सरल या छोटी problems में तोड़ा जा सके ।  उदाहरण के लिए मान लीजिये की अगर किसी Number  का Factorial निकलना है जैसे की X! तो इस Problem का गणितीय समाधान इस प्रकार होगा |

X ! = ( X )  x ( X -1  ) x  ( X – 2  ) x  ( X – 3  ) x  ( X – 4 ) …

          इस प्रकार के Problem को solve करने के लिए Recursive algorithms का उपयोग किया जा सकता है  ।

  • Dynamic programming algorithm :- इस में किसी जटिल बड़े समस्या को कई छोटे – छोटे समस्या में बांट दिया जाता है और उन सभी छोटे समस्या को एक साथ एकत्रित कर के मुख्य समस्या का समाधान निकला जाता है ।  उदाहरण के लिए Fibonacci Sequence (0, 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, … )  का algorithm  हम Dynamic programming algorithm के उपयोग  से बना सकते है  ।
  • Backtracking algorithm in Hindi :- इस algorithm में किसी समस्या के एक भाग को solve  कर के best possible solution तक पहुँचने का प्रयास किया जाता है और अगर best possible solution न मिले तो उस भाग को छोड़ के किसी दूसरे भाग के solve किया जाता है | उदाहरण के लिए मान लीजिये की के पास आपके पास तीन बक्से रखे हुए हैं और उन तीनों बक्से में से किसी एक बक्से में सोने का सिक्का रखा हुआ है अब अगर आपको बक्से के अंदर से सोने का सिक्का निकालना है तो आपको सबसे पहले किसी एक बक्से को खोलकर यह देखना होगा कि क्या इसके अंदर सोने का सिक्का है या नहीं अगर पहले बक्से में सोने का सिक्का मिल जाता है तो यही आपका Solution होगा और अगर नहीं मिलता है तो आपको यह बक्सा बंद करके दूसरा बक्सा खोलना होगा किसी समस्या के समाधान के इसी तरीके को Backtracking algorithm  के मदद से Solve किया जाता है ।
  • Divide and conquer algorithm:- इसमें किसी प्रॉब्लम को दो sub-problems में बाँटा जाता है उसके बाद उन दोनों प्रॉब्लम को आगे और छोटे sub-problems  में तब तक बाँटा किया जाता है जब तक कि किसी निश्चित समाधान तक ना पहुंच जाए, एक निश्चित समाधान मिलने के बाद सभी sub-problems  स्कोर जोड़कर मुख्य समस्या का समाधान निकाल निकाल दिया जाता है ।
  • Greedy algorithm in hindi:- इस एल्गोरिथ्म में मुख्य Problem की चिंता किये बिना सभी step पर सबसे अच्छा उत्तर निकलने पर जोर दिया जाता है, Problem को Solve करने का ये तरीका कई बार खराब परिणाम की ओर ले जाता है ।
  • Brute force algorithm :- इस एल्गोरिदम में बिना किसी shortcuts Solution पर समय बर्बाद करते हुए समस्या के सभी संभावित समाधान पर विस्तार से सोचा जाता है । उदाहरण के लिए अगर इस Brute force algorithm के माध्यम से किसी व्यक्ति का उम्र निकालना है तो कोई अनुमान लगाए बिना एक से शुरू करके संख्या को तब तक बढ़ाई जाएगी जब तक कि व्यक्ति के असली उम्र का पता ना चल जाए |
  • Randomized algorithm:- इस एल्गोरिदम में अनुमान लगाकर एक समाधान निकाला जाता है और उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का उम्र पता करना है तो व्यक्ति के शारीरिक अवस्था को देखकर एक अनुमान लगाया जाएगा किस व्यक्ति की उम्र कितनी हो सकती है ।
Advantages of Algorithm in Hindi
  1. एल्गोरिदम के उपयोग से किसी जटिल समस्या के समाधान को सहज और सरल तरीके से कई अलग-अलग चरणों में व्यक्त किया जाता है, जिससे कि इसे समझना आसान हो जाता है।
  2. सभी एल्गोरिथ्म एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करता है और किसी बड़ी समस्या को छोटा करके सरल शब्दों में व्यक्त करता है।
  3. यह किसी भी programming language पर निर्भर नहीं है, इसलिए प्रोग्रामिंग के ज्ञान के बिना भी किसी व्यक्ति के लिए इसे समझना आसान होता है।
  4. एक एल्गोरिथ्म हर चरण पर एक logical sequence ( तार्किक क्रम ) का पालन करता है, इसलिए इसे डिबग करना अर्थात इसमें मौजूद गलतियों को ढूंढ कर ठीक करना बहुत आसान होता है।
  5. एल्गोरिथ्म का उपयोग करके, समस्या छोटे-छोटे टुकड़ों या चरणों में टूट जाती है इसलिए इसे समझने में आसानी होती है।
  6. एल्गोरिथ्म को लिखने के लिए साधारण अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ Pseudocode का उपयोग किया जाता है जिससे कि प्रोग्रामर के लिए इन्हें समझ कर वास्तविक Program Source Code में बदलना आसान हो जाता है।
Disadvantages of Algorithm in Hindi
  1. एंग्लोथिरम्स बनाने की प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता है क्योंकि यह कोई कंप्यूटर प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह एक अवधारणा है कि प्रोग्राम कैसा होना चाहिए।
  2. कई बात समस्या के किसी विशेष भाग को एल्गोरिदम के syntax अर्थात ग्रामर या व्याकरण के अनुसार व्यक्त करना कठिन काम हो जाता है।

Conclusion of Algorithm in Hindi :- एल्गोरिदम का उद्देश्य हर जटिल समस्या को संक्षिप्त एवं सरल तरीके से Step by Step व्यक्त करने का होता है, जिससे कि समस्या को ठीक से समझने में मदद मिल सके और प्रोग्राम सोर्स कोड लिखने में आसानी हो सके। किसी समस्या का एल्गोरिदम बनाएं बिना इस बात का अंदाजा लगाना बिल्कुल बहुत मुश्किल होता है कि उस समस्या को प्रोग्राम कोड में किस प्रकार से परिवर्तित किया जाए। एल्गोरिदम एक गणितीय सूत्र की तरह होता है इसमें सब कुछ साफ-साफ लिखा होने के कारण इसे समझना बहुत आसान होता है। इसलिए हम ऐसा कह सकते हैं कि एल्गोरिथ्म किसी समस्या को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है।

कई बार कुछ विशेषज्ञों द्वारा ऐसा तर्क दिया जाता है कि एल्गोरिदम को बनाने में व्यर्थ का समय बर्बाद होता है क्योंकि पहले किसी समस्या का एल्गोरिदम बनाने से बेहतर है की सीधे समस्या को देखकर प्रोग्रामिंग स्टार्ट कर दिया जाए। किसी छोटी सी समस्या के लिए यह बात सही भी है लेकिन जब हम वास्तविक जीवन से जुड़ी हुई समस्याओं के लिए सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाते हैं तो एक साथ किसी प्रोजेक्ट में हजारों सॉफ्टवेयर डेवलपर काम करते हैं। अगर इतने सारे लोग बिना किसी तैयारी के काम शुरू कर दे और उनसे वास्तविक समस्या को समझने में कोई गलती हो जाए तो सब का समय और पैसा बर्बाद होगा। इसलिए यह बहुत आवश्यक है काम शुरू करने से पहले project को अच्छे से समझ लिया जाए कि उन्हें करना क्या है ।

उम्मीद है कि Algorithm in Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा अगर आप इस लेख से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट में लिखकर हमें जरूर बताएं जिससे कि हम इस लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सकें।

 

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