asp net in hindi

ASP.NET Tutorial in Hindi

ASP.NET का पूरा नाम Active Server Pages Network Enabled Technologies (एक्टिव सर्वर पेज नेटवर्क इनेबल्ड टेक्नोलॉजीज) है |  ASP.Net एक web development framework है, जिसके उपयोग से हम साधारण web page से लेकर जटिल वेब-आधारित एप्लिकेशन भी बना सकते है। इसके सबसे पहला संस्करण को Microsoft द्वारा वर्ष 2002 में जारी किया गया था।

कई लोग ASP.NET को एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज समझने की भूल करते है, लेकिन ये कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं है बल्कि एक फ्रेमवर्क है।  जिसके मदद से हम कई अलग-अलग Programming language और Scripting languages जैसे की C#, F#, J# ,VB.NET आदि का उपयोग करके वेब एप्लीकेशन बना सकते हैं ।

Type of programming models in ASP.NET in Hindi:- अलग-अलग प्रकार के website और web application की जरूरतों को देखते हुए asp.net में कई प्रकार के प्रोग्रामिंग मॉडल उपलब्ध है। इनमे से कुछ महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग मॉडल निम्नलिखित है :-

  • NET Web Pages :- इसका उपयोग मुख्य रूप से डायनामिक वेबसाइट बनाने के लिए किया जाता है। इसमें बहुत आसानी से HTML को सर्वर कोड और database के साथ जोड़ा जा सकता है। साथ ही यह अन्य सुविधाएं भी प्रदान करता है जिनके उपयोग से सुंदर website आसानी से बनाया जा सकता है।
  • NET Web Forms :- ASP.NET Web Pages के आने से पहले Web Forms का उपयोग किया जाता था। यह भी डायनामिक वेबसाइट बनाने की सुविधा देता है, लेकिन इसमें कुछ कमियां थी जिसे बाद में ASP.NET Web Pages के माध्यम से दूर किया गया।
  • NET MVC :- MVC का पूरा नाम है – Model View Controller.  इसके उपयोग से किसी बड़े और जटिल वेबसाइट के Source Code को उसके काम के अनुसार तीन भागों में बाँट दिया जाता है, इसके कारण web development का काम बहुत आसान हो जाता है।
  • NET Core :- इसे नवंबर 2015 में, ASP.NET के 5.0 संस्करण में जारी किया गया था। इसी update के बाद ASP क्रॉस-प्लेटफॉर्म बना मतलब की अलग-अलग ऑपरेटिंग सिस्टम में चलने की छमता इसी अपडेट में जोड़ी गयी थी।

आप इन सभी फ्रेमवर्क को माइक्रोसॉफ्ट के आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है। इन्हें डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते है। Microsoft Dotnet Framework Download

Advantages and Disadvantage of ASP.NET in Hindi

Advantages of ASP.NET in Hindi :-

  • NET एक क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म फ्रेमवर्क है मतलब की इसमें बने एप्लिकेशन को हम Windows, Linux, और macOS जैसे किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में अपने जरुरत के अनुसार चला सकते हैं।
  • इसे माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़े सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा बनाया गया है, यह लगातार नए Updates लाकर net को एक बेहतर उत्पाद बनाने का प्रयास करती रहती है। Asp.net का नया version पहले वाले की तुलना में 859 गुना तेज है। इन्हीं कारणों से यह वेब एप्लिकेशन बनाने के लिए एक विश्वसनीय फ्रेमवर्क है।
  • इसमें Code reviews के लिए बड़े ही उन्नत किस्म की तकनीक जोड़ी गई है, इसके कारण code लिखते समय होने वाली गलती के लिए तुरंत Alert करता है जिससे developer का बहुत अधिक समय बचता है और गलती होने की संभावना भी बहुत कम हो जाती है।
  • NET MVC ( Model-View-Controller ) आर्किटेक्चर का अनुसरण करता है। इसके उपयोग से हम source code को उसके काम के अनुसार तीन  घटकों में बाँट सकते है। यह web development के काम को आसान बना देता है।
  • net में बड़े और जटिल applications के निर्माण के लिए भी आवश्यक कोड की मात्रा काफी कम होती है, जिससे समग्र विकास की गति बढ़ जाती है और विकास लागत कम हो जाती है।
  • सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बहुत अधिक विश्वसनीय है, क्योंकि इसमें हम अंतर्निहित विंडोज़ प्रमाणीकरण और Per-application configuration जैसी विशेषताओं के उपयोग से सुरक्षित application बना सकते हैं।
  • Net फ्रेमवर्क में अपने जरुरत के अनुसार developer किसी भी उपयुक्त programming या scripting language का उपयोग कर सकते है।
  • इसके उपयोग से web application को अपने पर्सनल कंप्यूटर पर बनाकर ऑनलाइन Server पर अपलोड करना बहुत आसान है।
  • Net किसी एप्लीकेशन के design और code को अलग – अलग file में बाँट देता है जिससे की वेब को बनाना और संभालना आसान हो जाता है।

Disadvantage of ASP .NET in Hindi :-

  • मौजूदा समय में PHP जैसे Server Side Scripting Language में बहुत सरे free और open source CMS उपलब्ध है जैसे की इनके तुलना में ASP .NET में बहुत कम बिकल्प उपलब्ध है।
  • छोटे application बनाने के लिए यह एक महंगा और जटिल निर्णय सिद्ध हो सकता है।
  • मौजूदा समय में ज्यादातर सॉफ्टवेयर डेवलपर PHP और Python जैसे लैंग्वेज को सीखना पसंद करते हैं, ऐसे में net में कुशल डेवलपर ढूंढना काफी मुश्किल और महंगा हो सकता है।

History of ASP.NET in Hindi:- इसे सबसे पहले January 2002 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा बनाकर बाजार में लांच किया गया था। जनवरी 2000 के बाद से माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के द्वारा ही समय-समय पर इसके कई अलग-अलग संस्करण बाजार में निकाले जाते रहे हैं। इनमें से कुछ प्रमुख संस्करणों के उदाहरण निम्नलिखित रुप से है:-

DateVersionFeatures
24 अप्रैल 20031.1मोबाइल आधारित नियंत्रण |

इनपुट किए गए टेक्स्ट और करैक्टर आदि का Automatic validation.

7 नवंबर 20052.0डेटा नियंत्रण और एक्सेस के लिए नई तकनीक का प्रयोग ।

64-बिट प्रोसेसर के लिए समर्थन |

 

21 नवंबर 20063.0विंडोज प्रेजेंटेशन फाउंडेशन, विंडोज वर्कफ़्लो फाउंडेशन, विंडोज कम्युनिकेशन फाउंडेशन, विंडोज कार्डस्पेस को ASP.NET के साथ जोड़ा गया।
19 नवंबर, 20073.5AJAX को फ्रेमवर्क के भाग के रूप में शामिल किया गया है।

HTTP pipelining, syndication feeds, RSS, JSON, POX जैसे तकनीकों को फ्रेमवर्क के साथ जोड़ा गया।

12 अप्रैल, 20104.0MetaKeyword (मेटाकीवर्ड) और MetaDescription (मेटाडेस्क्रिप्शन) के गुणों को पेज क्लास में जोड़ा गया।

 

15 अगस्त, 20124.5Windows Server 2012 और Windows 8 के लिए इस संस्करण को निकाला गया था।
17 अक्टूबर, 20134.5.1Bootstrap (बूटस्ट्रैप) 3.0

Web API

MVC जैसे नए गुणों को जोड़ा गया।

5 May, 20144.5.2background में चलने वाले कार्यों को शेड्यूल करने का नया तरीका जोड़ा गया।

HTTP हेडर के निरीक्षण और संशोधन का नया तरीका जोड़ा गया।

20 जुलाई, 20154.6Windows 10 पर चलने में सक्षम बनाया गया।

Why Should We Learn ASP.NET in Hindi (हमें ASP.NET क्यों सीखना चाहिए):- 

किसी वेबसाइट या फिर वेब आधारित एप्लीकेशन के निर्माण में ASP.NET framework का उपयोग करने पर कई लाभ मिलते है, जैसे की यह निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर देता है, निर्माण में लगने वाले कुल खर्चे को कम कर देता है, यह कई सारे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और API टूल का समर्थन करता है जिससे की  डेवलपमेंट की प्रक्रिया आसान हो जाती है।  लेकिन इन सभी चीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इस फ्रेमवर्क को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा मुख्य रूप से Windows server environment को ध्यान में रखकर बनाया गया था, अर्थात अगर कोई डेवलपर विंडोज सर्वर पर होस्ट करने के लिए किसी वेब एप्लीकेशन का निर्माण करना चाहता है तो उस प्रोजेक्ट के निर्माण में ASP.NET का उपयोग करने पर बहुत सारे फायदे होते हैं, क्योंकि इसे माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा मुख्य रूप से इसी काम के लिए बनाया गया था।

Difference Between ASP and ASP.NET :- कुछ लोग ASP और ASP.NET के बीच भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों के नाम एक जैसे ही है। लेकिन दोनों की उपयोगिता और गुणों के बीच बहुत अधिक अंतर है, जिसके बारे में निचे हमने विस्तार से चर्चा किया है :-

ASPASP.NET
इसका पूरा नाम Active Server Pages  (एक्टिव सर्वर पेज) है।इसका पूरा नाम Active Server Pages Network Enabled Technologies (एक्टिव सर्वर पेज नेटवर्क इनेबल्ड टेक्नोलॉजीज) है।
ASP एक scripting language है जिसे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा 1998 में डायनेमिक वेब पेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया था।यह एक web framework है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी द्वारा 2002 में वेबसाइट और वेब एप्लीकेशन से संबंधित प्रोजेक्ट को मैनेज करने के लिए डिजाइन किया गया था।
यह पूरी तरह से object oriented language पर आधारित नहीं है, कोई सॉफ्टवेयर डेवलपर प्रोजेक्ट की आवश्यकता को देखते हुए इसका उपयोग करता है।यह पूरी तरह से object oriented language पर आधारित है।
इसमें सोर्स कोड में मौजूद त्रुटियों को ढूंढना बहुत कठिन हो जाता है, अर्थात इसमें Error handling बहुत जटिल हो जाता है।इसमें Error handling बहुत आसानी से किया जा सकता है।
इसमें in-built classes की संख्या केवल 4 है।इसमें दो हजार से अधिक in-built classes उपलब्ध है।

 

Conclusion of ASP.NET in Hindi:- ASP.NET एक web framework है जिसका उपयोग वेबसाइट और वेब आधारित एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। इसे माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के द्वारा डिजाइन किया गया था। यह कोई programming language नहीं है वल्कि यह एक फ्रेमवर्क है, जिसके उपयोग से HTML, CSS और JavaScript जैसे मार्कअप लैंग्वेज और स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज को एक साथ मिलाकर किसी प्रोजेक्ट के निर्माण की प्रक्रिया को बहुत अधिक सुविधाजनक तरीके से किया जा सकता है।

यह किसी प्रोजेक्ट के design और developments के काम को बहुत आसानी से पूरा करने में मदद करता है, इसमें बहुत सारे पूर्व निर्धारित API एवं Tools होते है जिनके मदद से सॉफ्टवेयर डेवलपर या प्रोग्रामर अपने काम को बहुत तेजी से पूरा कर सकते है। इसके साथ ही यह code लिखने की प्रक्रिया में की जाने वाली गलतियों को कम कर देता है, क्योंकि जैसे ही कोई डेवलपर ASP.NET framework में कुछ लिखता है तो यह फ्रेमवर्क उसे इस टेक्स्ट से संबंधित महत्वपूर्ण suggestion खुद ही बता देता है। इसके साथ ही अगर कोड में syntax error या semantic error जैसे कोई त्रुटि मौजूद हो तो उसे भी ठीक करने की सलाह भी देता है।

इस लेख में घूमने हमने एऍसपी.नेट को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको ASP.NET in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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