Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi in 150 Words

माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में “बेटी बचाओ बेटी पढाओ” नामक अभियान की शुरुआत किया जिसका मुख्य उदेश्य पुरे राष्ट्र में बालिकाओं की स्थिति में सुधार और समाज में व्याप्त लिंग असंतुलन को दूर करना है। यह अभियान पूरी तरह से बेटियों को समर्पित है। हमारे देश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या लगातार कम हो रही है। 0-6 वर्ष की आयु के बीच 1000 लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या केवल 918 रह गई है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में बच्चियों के साथ काफी भेद-भाव किया जाता है जिसके कारण महिलाओं के की कुल साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में काफी कम है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao Beti Padhao) जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान की शुरुआत की गई। महिलाओं को पूरी तरह से समर्पित इस अभियान के मूल दो उद्देश्य है, देश में महिलाओं के लिंगानुपात को बढ़ाना तथा अधिक से अधिक महिलाओं को शिक्षित करके उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना।

Short Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi in 300 Words

हमारे शास्त्रों में ऐसा कहा गया है की “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।” अर्थात जिस भूमि पर नारियों का सम्मान होता है वहां सभी देवताओं का निवास होता है और जिस स्थान पर ऐसा नहीं किया जाता वहां सभी अच्छे कर्म भी व्यर्थ हो जाते हैं। आज के भारत में महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या लगातार कम हो रही है वर्तमान में एक हजार पुरुषों की तुलना में केवल 918 महिलाएं ही रह गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं को काफी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसी कारण पुरुषों की तुलना में बहुत ही कम मात्रा में महिलाओं को स्कूल भेजा जाता है, गांव में तो यह अंतर और ज्यादा है। इन्हीं विकट समस्याओं को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में “बेटी बचाओ बेटी पढाओ” नामक अभियान का शुभारंभ किया गया इस अभियान के अंतर्गत देश में महिलाओं के घटते लिंगानुपात एवं शिक्षा के क्षेत्र में फैले भेदभाव को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे जिससे कि महिला एवं पुरुष दोनों को तमाम सुअवसर प्राप्त हो सके। बेटी बचाओ बेटी पढाओ  (Beti Bachao Beti Padhao) अभियान के अंतर्गत २०२०-21 के बजट में 28,600 करोड़ रुपए का एक विशेष पैकेज आवंटित किया गया था।

Beti Bachao Beti Padhao Nibandh Hindi Mein 500 Word

Prastavana:- देशभर में नारी की स्थिति दयनीय है और स्थिति कुछ ऐसी है कि लोग बेटी के जन्म पर चाह कर भी खुशियां नहीं मना पाते हैं। बेटियों का जन्म एक वरदान है जो हर किसी को नसीब नहीं होता है फिर भी लोग इसे सही रूप से नहीं समझ पाते हैं। आज के दौर में हर क्षेत्र में बेटियों की उपस्थिति है और उनके हौसले कई घटनाओं से भी कम नहीं होते हैं, इसलिए बेटियों को अभिशाप नहीं बल्कि उन्हें वरदान मानना चाहिए। उनके होने से ही हर जगह रौनक है फिर वो मां का विशेष रूप हो, बहन हो, बेटी हो या पत्नी हो, अगर वे घर में नहीं है तो पूरा घर सूना है। 

इसी प्रकार उनके होने से संसार में भी अलग सुखद एहसास बना रहता है मगर फिर भी कुछ अज्ञानी इन्हें कोख में ही मारने की कोशिश करते हैं। मोदी सरकार ने इसी अपराध को देखते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान चलाया है और आज के इस लेख में हम आपको Beti Bachao Beti Padhao योजना के बारे में विस्तार से बताएंगे।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना क्या है ? | What is Beti Bachao Beti Padhao?

 

साल 1961 से भारत में बाल लिंग अनुपात (Child Sex Ratio) गिरावट आ रही है। साल 1991 में 1000 लड़कों में 945 लड़कियां थीं, वहीं साल 2011 में ये संख्या गिरकर 918 हो गई।

एक एक गंभीर समस्या थी क्योंकि एक देश को पूर्ण रूप से विकास के लिए लिंग अनुपात बराबर होना चाहिए। इस वजह से साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम शुरु किया।

हमारे देश में 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लिंग अनुपात में अंतर पाया गया और अगर जिला स्तर पर बताएं तो 640 जिलों में से 429 जिलों में लिंग अनुपात गिरा है।

22 जनवरी, 2015 को पीएम ने पानीपत में जब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का आयोजन किया तब तीन मुख्य लक्ष्यों पर बात की गई जो इस प्रकार है..

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  1. कन्या भ्रूण हत्या का रोकथाम (Prevention of gender-biased sex-selective elimination)
  2. कन्याओं की सुरक्षा व समृद्धि (Ensuring survival & protection of the girl child)
  3. बालिकाओं की शिक्षा और भागीदारी सुनिश्चित करना (Ensuring education & participation of the girl child)

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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया और ये 1000 करोड़ और किशोर न्याय अधिनियम-2015 के जरिए जुटाया जाने का ऐलान हुआ। 

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लाभ | Benefits of BBBP?

केंद्र स्तर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के बजट नियंत्रण व प्रशासन के लिए महिला एंव बाल विकास मंत्रालय जिम्मेदार होगा।

ये योजना करीब 100 जिलों के साथ एक पायलट के रूप में शुरु हुआ था और अगर इसे एक वाक्य में व्यक्त करें तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना, पितृसत्ता को खत्म करना और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया था।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लाभ कुछ इस प्रकार हैं…

  1. इस योजना का सबसे सीधा प्रभाव कन्या भ्रूण हत्या व शिशु हत्या पर रोकथाम है।
  2. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना से लिंग अनुपात कम करने पर असर आए।
  3. कन्या भ्रूण हत्या एंव बेटे बेटी के बीच बढ़ते भेदभाव में कमी लाना है।
  4. बाल विवाह में कमी व बालिका शिक्षा में बढ़ोत्तरी।
  5. बेटे और बेटी को समान मानते हुए उन्हें समान अधिकार प्राप्त हों।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य | Beti Bachao Beti Padhao Yojna:

इस योजना का पूरा उद्देश्य बालिका के जन्म को लेकर उत्सव की तरह मनाने का है जिससे पुराने और रूढ़िवादी विचारों को तोड़ा जा सके।

इस योजना को लड़कियों की शिक्षा और उनके कल्याण के प्रति कुछ इन उद्देश्यों को भी ध्यान में रखा गया।

लिंग अनुपात को खत्म करना:

आज एशिया में महिला लिंग अनुपात में खतरनाक दर से गिरावट हो रही है और हमारा देश महिला दर में तेजी से गिरावट करने वाले देशों में टॉप पर है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष लिंगानुपात पर ध्यान केंद्रित किया गया और लैंगिंक भेदभाव की रोकथाम की दिशा में कई बड़े कदम भी उठाए गए।

लड़कियों के अस्तित्व को सुरक्षित करना:

हमारे देश में समाचार पत्रों में हर दिन महिला भ्रूण कूड़ेदान में मिला छापा जाता है या फिर उनके साथ कहीं दुष्कर्म हो रहा है जो एक दयनीय स्थिति है।

रेलवे स्टेशन के पास अखबार में लिपटी कई मृत बालिकाएं पाई जाती हैं। इससे हमारे समाज की बीमार मानसिकता का पता चलता है।

इस अभियान के तहत लोग अपनी बेटियों को कम से कम कोख में ही मारेंगे तो नहीं जिससे उनका अस्तित्व बना रहे।

शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में भागीदारी बनाना:

कई रूढ़िवादी परिवार ऐसे हैं जो लड़कियों को स्नातक तक की शिक्षा मुश्किल से दिलाकर उनकी शादी करवा देते हैं।

अगर उन्हें योग्य वर मिल जाए तो कभी-कभी शिक्षित भी नहीं बनाते हैं जो एक गंभीर समस्या है।

इससे एक बेहत एवं मजबूत भारत के लिए महिला बच्चे को बचाएं और उनका भविष्य सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, इस देश में हर बच्ची को शिक्षित होने का अधिकार है और ऐसा होना ही चाहिए।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ऑनलाइन फॉर्म | Beti bachao Beti padhao yojana online form:

अगर आप भी इस योजना का आर्थिक लाभ लेना चाहते हैं तो ध्यान रहे सरकार द्वारा ऐसा कोई फॉर्म नहीं है। दरअसल, इस योजना को सरकार द्वारा इसलिए शुरु किया गया जिससे लोगों में जागरुकता फैलाई जाए।

फिर भी अगर आप अपनी बेटी का भविष्य सुनिश्चित करने के लिए इस स्कीम के बारे में जानना चाहते हैं तो भारत सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) आपके लिए सही है।

साल 2014 में बालिकाओं के लिए ये शुरु की गई थी जिससे उन्हें आर्थिक रूप से लाभ मिलता है। इस योजना में सुकन्या समृद्धि योजना खाता 10 साल तक की बच्चियों के लिए खोला जाता है।

खाता खुलवाने के लिए आप नजदीकी बैंक में जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

इसके बाद आपका PM Sukanya Samriddhi Yojana के तहत एक खाता खोल दिया जाता है और इसके लिए आप नजदीकी कैफे में जाकर फॉर्म को डाउनलोड कर सकते हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्कीम के लिए डाक्यूमेंट्स (BBBP Documents):

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का कोई एप्लीकेशन नहीं है तो इसमें कोई डॉक्यूमेंट की भी जरूरत नहीं है।

आप ऐसे लोगों से सावधान रहें जो आपसे इस स्कीम में खाता खुलवाने के लिए पैसे मांगते हैं क्योंकि भारत सरकार ने ऐसी कोई सुविधा नहीं रखी है।

अगर आप सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाते हैं तो आपको नीचे लिखे कुछ जरूरी कागजात की जरूरत पड़ेगी..

  • SSY खाता खुलवाने का फॉर्म
  • आवेदनकर्ता (बालिका) का जन्म प्रमाण पत्र
  • माता-पिता/अभिभावक का एड्रेस प्रूफ
  • गार्डियन/माता-पिता का पहचान पत्र

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एप्लीकेशन | Beti Bachao Beti Padhao App:

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत भारत सरकार ने एक एप्लीकेशन बनवाया है। इस ऐप को C-DAC Hyderabad की एक टीम ने बनाकर तैयार किया है।

Beti Bachao Beti Padhao App का मुख्य उद्देश्य लोगों में जगरुकता फैलाना है। आपको इसमें अलग-अलग सेक्शन दिखेंगे जैसे ‘Why’, ‘What’, ‘How’, ‘Where’, ‘Audio’, ‘Videos’, ‘Helpline’, ‘Suggest us’ इत्यादि।

इस app से अगर आपके पास कोई प्रेरणादायक कहानी है तो आप अपनी कहानी को आसानी से शेयर कर सकते हैं।

इस योजना से जुड़ी वीडियो को भी आप देख सकते हैं और इस app को गूगल प्ले से डाउनलोड कर सकते हैं।

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निष्कर्ष | Conclusion:

दोस्तों आज के इस आर्टिकल पे बस इतना ही था. I Hope आप सबको  Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi  आर्टिकल से Detail में जानकारी मिल गए होंगे

बेटियां ईश्वर का वरदान होती हैं जो एक कोमल हृदय के साथ पैदा होती हैं और अगर अपने पर आ जाएं तो ये कुछ भी कर सकती हैं।

घर में आप जितना स्थान बेटों को देते हैं उतना बेटियों को भी दें, उन्हें सिर्फ नवरात्रि के दौरान नहीं पूजें बल्कि हमेशा उनका सम्मान करें।

मोदी सरकार ने बेटे और बेटी को समान अधिकार की बात कही है जिसका समर्थन हम सभी को करना चाहिए ये एक बेहतर भविष्य के जरूरी है।

उम्मीद है कि आपको हमारी  Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi ये जानकारी पसंद आई होगी, धन्यवाद।

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