COCOMO Model in Hindi

What Is COCOMO Model in Hindi

Definition of COCOMO Model in Hindi :- कोकोमो मॉडल का पूरा नाम Constructive Cost Model ( कंस्ट्रक्टिव कॉस्ट मॉडल ) है ।  इसे Barry Boehm ( बैरी बोहम ) द्वारा 1970 के दशक में बनाया गया था।  COCOMO MODEL का उपयोग सॉफ्टवेयर परियोजनाओं में लागत का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।

COCOMO मॉडल में मुख्य रूप से Software का आकार या Source Code की लाइनों की संख्या, उत्पाद विशेषताएँ, कार्मिक विशेषताएँ, हार्डवेयर विशेषताएँ, Project ने निर्माण में लगने वाला समय जैसे विभिन्न मापदंडों को आधार बनाकर Software विकास में लगने वाले मूल्यों का आकलन किया जाता है ।

Software Project के प्रकृति को समझकर Cocomo में उसपर आने वाले लागत के अनुमान की भविष्यवाणी करने के लिए Barry Boehm  ने विभिन्न स्तरों पर विभिन्न मॉडलों का सुझाव दिया है, जो सटीकता और शुद्धता की आवश्यकता के आधार पर आवश्यक है।  इन सभी मॉडलों को विभिन्न प्रकार के Software और व्यावसायिक परियोजनाओं पर लागू किया जा सकता है।

Types of COCOMO Model in Hindi

Different models of Cocomo In Hindi:- कोकोमो मॉडल के अनुसार किसी भी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के तीन प्रकार होते हैं जो की उनकी जटिलता के ऊपर निर्भर करते हैं। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के ये तीनों रूप एवं उनके उदाहरण निम्नलिखित रूप से है :-

  1. Organic – एक सॉफ्टवेयर परियोजना को Organic type का कहा जाता है, यदि वह software project निम्नलिखित शर्तों को पूरा करता है।
    • Software development के लिए आवश्यक टीम का आकार पर्याप्त रूप से छोटा है,
    • Problems को अच्छी तरह से समझ लिया गया हो।
    • Development team द्वारा इस तरह के Problems को अतीत में हल किया गया हो मतलब टीम के सदस्यों को समस्या के बारे में पूरा अनुभव हो ।

    Example of Organic COCOMO Model in Hindi :- इस तरह की परियोजनाओं के उदाहरण सरल व्यापार प्रणाली, सरल इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली (inventory management systems) और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम हैं।

  1. Embedded – एक सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट जिसमें उच्चतम स्तर की जटिलता, रचनात्मकता और अनुभव की आवश्यकता होती है, इस श्रेणी में आते हैं। इस तरह के सॉफ्टवेयर में बड़े Software development team की आवश्यकता होती है, और ऐसे जटिल मॉडल विकसित करने के लिए डेवलपर्स को अनुभवी और रचनात्मक होने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के software system को जटिल हार्डवेयर के साथ संयोजित किया जाता है |
    Example of Embedded COCOMO Model in Hindi :- इसके उदाहरणों में ATM, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम आदि शामिल है।
  2. Semi-detached – एक सॉफ्टवेयर परियोजना को Semi-detached type का कहा जाता है, यदि वह software project ऊपर के दोनों type,  organic और Embedded के बीच का होता है।  इस प्रकार का प्रोजेक्ट organic से अधिक कठिन और Embedded से आसान होता है।  मतलब की इस प्रकार के project में अनुभवी और अनुभवहीन developers का मिश्रण होता है।
    Example of Semi-detached COCOMO Model in Software Engineering in Hindi :- इसके उदाहरण में एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम (OS), एक डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) और जटिल इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करना शामिल है।

Advantages and Disadvantages of COCOMO Model in Hindi

Advantages of COCOMO Model in Hindi :- कोकोमो मॉडल के प्रमुख लाभ निम्नलिखित रुप से है :-

  • इसके उपयोग से किसी सॉफ्टवेयर परियोजना की कुल लागत का अनुमान लगाना आसान हो जाता है।
  • इसके उपयोग से विभिन्न प्रकार के कारक या factors जो किसी सॉफ्टवेयर परियोजना की लागत को प्रभावित कर सकते हैं उनका हिसाब करना आसान है।
  • कोकोमो मॉडल पूरी तरह से तथ्यात्मक है, इसकी व्याख्या करना बहुत आसान है, इसलिए इसे स्पष्ट रूप से समझ सकते है कि यह कैसे काम करता है।
  • कोकोमो मॉडल में Software Development Life Cycle (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल) या SDLC के सभी चरण जिसमें analysis से लेकर testing तक सभी को शामिल किया जाता है।
  • यह historical data पर काम करता है, इसलिए इसका पूर्वानुमान अधिक सटीक है।

Disadvantages of COCOMO Model  Hindi :- कोकोमो मॉडल के प्रमुख नुकसान निम्नलिखित रुप से है :-

  • यह मॉडल customer skills, hardware issues और सभी दस्तावेजों की अनदेखी करता है।
  • यह सॉफ़्टवेयर निर्माण में लगने वाले लागतों की सटीकता को सीमित करता है।
  • यह सुरक्षात्मक पहलुओं के प्रभाव की अनदेखी कर देता है।
  • यह हार्डवेयर समस्याओं को अनदेखा करता है।
  • यह सॉफ्टवेयर डेवलपर या Software Engineer के काम के स्तर की अनदेखी करता है।
  • यह प्रत्येक चरण में बिताए गए समय की मात्रा को आधार बनाकर उत्पाद की मूल्य का अनुमान लगाने का प्रयास करता है।

Conclusion on COCOMO Model in Software Engineering in Hindi :- यह पूरी दुनिया में सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट की लगत का अनुमान का लगाने के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला मॉडल है। कोकोमो सॉफ़्टवेयर के आकार और उसके निर्माण में लगाने वाला समय के आधार पर सॉफ़्टवेयर उत्पाद के लगत की भविष्यवाणी करता है।

इसके साथ ही कोकोमो मॉडल में ऐतिहासिक डेटा का उपयोग किया जाता है अर्थात पिछले प्रोजेक्ट में किए गए प्रदर्शनों के आधार पर अनुमान लगाने का प्रयास किया जाता है कि वर्तमान प्रोजेक्ट में कितना मूल्य लगेगा। यह मॉडल किसी साधारण सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लागत का लगभग सही अनुमान लगाने में सक्षम है, यही कारण है कि इसका उपयोग बहुत अधिक पैमाने पर किया जाता है। हालांकि यह पद्धति विशेष प्रकार के जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है जैसे कि rapid development model (इसमें उत्पाद के विकास की प्रक्रिया को जल्दी से जल्दी पूरा करना होता है) |

इस आर्टिकल में हमने कोकोमो मॉडल को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है की COCOMO Model in hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कोकोमो मॉडल से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

3

No Responses

Write a response