data link layer in hindi

What is Data Link Layer in Hindi

Definition of Data Link Layer in Hindi :- डेटा लिंक लेयर OSI Model ( Open Systems Interconnection / ओपन सिस्टम इंटरकनेक्शन ) की दूसरी परत ( layer ) है।  यह Network Layer को Physical Layer से जोड़ती है। कोई भी मशीन जैसे की कंप्यूटर या कोई प्रिंटर जो नेटवर्क से जुड़े हुए है उन्हें Node कहते है।  Computer Networking में डेटा लिंक लेयर दो node के बीच कनेक्शन की स्थापना एवं समाप्ति के लिए जिम्मेदार होता है।

Data Link Layer में डेटा पैकेट को encoded ( सांकेतिक शब्दों में बदलना ), decoded ( गूढ़ाक्षरों को स्पष्ट करना ) और organized ( व्यवस्थित ) किया जाता है। किसी network से जुड़े LAN या WAN पर दो नोड्स अगर एक ही समय में कोई डेटा पैकेट भेजने का प्रयास करते हैं तो डेटा लिंक लेयर यह भी निर्धारित करती है कि डिवाइस को टकराव से कैसे बचाएँ।

Data Link Layer डेटा के पैकेट्स में मौजूद त्रुटियों को ठीक भी करने अर्थात Error Correction के लिए उत्तरदायी है।  यह Error detection bits का उपयोग करके डेटा पैकेट्स में मौजूद त्रुटियों का पता लगता है और गलती मिलने पर उन्हें ठीक करता है।

Protocols Of Data Link Layer in Hindi:- डेटा लिंक लेयर के अंतर्गत काम करने वाले प्रमुख प्रोटोकॉल Ethernet (ईथरनेट), token ring (टोकन रिंग), FDDI (Fiber Distributed Data Interface / फाइबर डिस्ट्रिब्यूटेड डेटा इंटरफ़ेस), PPP (Point-to-Point Protocol / पॉइंट-टू-पॉइंट प्रोटोकॉल) आदि है।

Devices Of Data Link Layer in Hindi:- डेटा लिंक लेयर के अंतर्गत काम करने वाले प्रमुख नेटवर्क उपकरण या Network Devices के नाम Switch और Bridges है।

Type Of Data Link Layer in Hindi

Type Of Data Link Layer in Hindi :- OSI Model का डेटा लिंक लेयर दो उप परतों में विभाजित होता है

  • Logical Link Control (LLC) :- लॉजिकल लिंक कंट्रोल, डेटा लिंक लेयर की सबसे ऊपरी उप-परत है।  मुख्य रूप से इसका उपयोग अलग-अलग नेटवर्क प्रोटोकॉल को एक ही नेटवर्क माध्यम पर एक साथ संचालित करने  के लिए किया जाता है।  डेटा फ़्रेम को अनुक्रम संख्या LLC द्वारा निर्दिष्ट की जाती है।  साथ ही कोई ऐसी सेवा जिसके लिए स्वीकृति लेने की आवश्यकता पड़ती हो वहां यह स्वीकृति की जांच करता है।
  • Media Access Control (MAC) :- मीडियम एक्सेस कंट्रोल डेटा लिंक लेयर की निचली परत है। यह डेटा के प्रवाह को नियंत्रित करता है, साथ ही अगर किसी टकराव के कारण यदि डाटा पैकेट अपने गंतव्य स्टेशनों तक नहीं पहुंच पाए तो यह डाटा पैकेट को पुनः प्रवाहित करने के लिए भी जिम्मेदार है । यह डेटाफ्रेम की सत्यता की जांच करने के बाद उसे एक अनुक्रम प्रदान करता है जिससे त्रुटियों के खिलाफ सुरक्षा में सहायता मिलती है।

Functions of Data Link Layer in Hindi

Functions of Data Link Layer in Hindi :- OSI Model के डेटा लिंक लेयर द्वारा किये जाने वाले प्रमुख कार्य निम्नलिखित रूप से है :-

  • Framing:- डेटा-लिंक लेयर, नेटवर्क लेयर से पैकेट लेती है और उन्हें मैनेज करने योग्य Frames में बाँट देती है। फिर, यह फिजिकल लेयर को प्रत्येक Frames बिट-बाय-बिट भेजता है।
  • Physical Addressing:- यदि frames को नेटवर्क पर विभिन्न कंप्यूटर या मशीन के बिच वितरित करना हो तो डेटा लिंक लेयर data frame के साथ जिस Node से डाटा आ रहा है, उसका फिजिकल एड्रेस और जिस Node को डाटा भेजना है उसका फिजिकल ऐड्रेस जोड़ देता है।
  • Flow Control :- किसी नेटवर्क से जुड़े हुए अलग-अलग सिस्टम की गति और क्षमता में काफी अंतर हो सकता है। इसी कारण ऐसा हो सकता है कि डाटा भेजने वाले मशीन बहुत तेजी से डाटा भेज रहा हो और जबकी जिस मशीन को डाटा रिसीव करना है वह इतना सक्षम नहीं है कि इस गति से आ रहे data को जल्दी से ग्रहण कर सके। इसके परिणाम स्वरूप डाटा के ट्रैफिक जाम होने की परिस्थिति उत्पन्न हो जाता है हो सकता है, डाटा लिंक लेयर Flow Control की सुविधा प्रदान करता है जिससे इस प्रकार की परिस्थिति में data की प्रवाह को प्रबंधित किया जा सके।
  • Error Control :- कभी-कभी डेटा प्रवाह में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। Data Link Layer डेटा फ़्रेम में त्रुटि का पता लगाने वाले बिट्स को जोड़कर त्रुटियों का पता लगाने के लिए एक तंत्र प्रदान करता है। यह delete हो चुके डेटा बिट्स को पुनर्प्राप्त करने का प्रयास भी करता है।
  • Access Control :- जब नेटवर्क में कई सरे device कोई data स्थानांतरित करने की कोशिश करता है, तो उनमे टकराव होने की संभावना रहती है, इसलिए Data Link Layer यह निर्धारित करते हैं कि किसी समय पर किस डेटा पैकेट पर कौन से device का नियंत्रण रहेगा।

Importance of Data Link layer in Hindi :- डेटा लिंक लेयर का महत्व निम्नलिखित रुप से है:-

  • जानकारियों को भेजने वाला source मशीन से लेकर जानकारियों को प्राप्त करने वाले destination मशीन तक डाटा पैकेट में उत्पन्न होने वाले error का पता लगाने और उन्हें ठीक करने के लिए जिम्मेदार होता है।
  • डाटा लिंक लेयर केक मशीन से दूसरे मशीन तक हस्तांतरित होने वाले डाटा पैकेट के स्वरूप अर्थात format को निर्धारित करती है।
  • यह डेटा के प्रवाह की गति अर्थात flow control को निर्धारित करते हैं।
  • ऐसे डेटा पैकेट जो अपने गंतव्य तक पहुंचने में असफल हो जाते हैं यह उनके हस्तांतरण की प्रक्रिया को दुबारा प्रारंभ करवाता है जिसे retransmission भी कहते है।
  • यह OSI Model के पहले लेयर Physical Layer और तीसरे लेयर Network Layer को जोड़ता है।
  • यह connection-oriented और connectionless services दोनों प्रकार की सेवा प्रदान करता है। कनेक्शन लेस के अंतर्गत जानकारियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया काफी तेजी से की जा सकती है, लेकिन यह अधिक सुरक्षित नहीं माना जाता। जबकि connection-oriented हस्तांतरण थोड़ा धीमा होता है लेकिन इसे अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें डेटा पैकेट के हस्तांतरण की प्रक्रिया को प्रारंभ करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि जानकारियों को भेजने वाले और जानकारियों को प्राप्त करने वाले मशीन के बीच संपर्क स्थापित हो चुका है और दोनों ही जानकारियां को भेजने एवं प्राप्त करने के लिए तैयार है।

Conclusion of Data Link Layer in Hindi:- डेटा लिंक लेयर OSI मॉडल की दूसरी परत है जो फिजिकल लेयर और नेटवर्क लेयर के बीच स्थित होता है। यह OSI Model के फिजिकल और नेटवर्क लेयर को जोड़ता है। डाटा लिंक लेयर जानकारियों को भेजने वाले मशीन से लेकर जानकारियों को प्राप्त करने वाले मशीन तक कनेक्शन की स्थापना एवं समाप्ति के लिए जिम्मेदार होता है। इसके साथ ही यह error detection और error correction के लिए भी जिम्मेदार होता है।

इस लेख में हमने डाटा लिंक लेयर को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको Data Link Layer in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप डाटा लिंक लेयर से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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