Data Transmission in Hindi

What is Data Transmission in Hindi

Definition of Data transmission in Hindi:-  डेटा ट्रांसमिशन को data communication या digital communications के नाम से भी जाना जाता है। Data transmission दो या दो से अधिक कंप्यूटिंग, या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच डेटा या जानकारियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया है। बुनियादी तौर पर डेटा ट्रांसमिशन उपकरणों को एक दूसरे से बात करने में सक्षम बनाता है।

डेटा ट्रांसमिशन के उपयोग से ही Audio, Video, Image, Text और Signals का हस्तांतरण हो पाता है। ऐसा आवश्यक नहीं कि हर बार डाटा ट्रांसमिशन दो अलग-अलग मशीनों के बीच ही हो किसी सामान मशीन के अलग-अलग हिस्सों के भी जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए डाटा ट्रांसमिशन का उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए किसी कंप्यूटर में हार्ड डिस्क से प्रोसेसर के बीच जानकारियों के हस्तांतरण के लिए भी data transmission का उपयोग किया जाता है।

Need of Data Transmission in Hindi:-

  • एक ही कंप्यूटर में कई अलग – अलग प्रकार के device होते है जैसे ही Keyword , Mouse , Microphone इन सभी को भी आपस में जोड़ने के लिए data communication की आवश्यकता होती है।
  • आज के समय में Telephone, Mobile Phone, Internet, Television Broadcasting जैसे सेवाएं लोगों के रोज़ के दिनचर्या का एक बहुत जरुरी हिस्सा बन गई है, इन सभी सेवाओं को चलने के लिए digital communications की आवश्यकता होती है।
  • विभिन्न स्थानों पर फैली व्यावसायिक सगठन जैसे की bank द्वारा कोई निर्णय लेने के लिए सभी स्थानों से मुख्यालय तक डेटा का प्रवाह आवश्यक है।

Data Transmission Modes in Hindi

Data Transmission Modes in Hindi:- दो उपकरणों के बीच डेटा किस प्रकार से स्थांतरित होता है ये डेटा ट्रांसमिशन मोड पर निर्भर करता है। इसे communication mode (कम्युनिकेशन मोड) के नाम से भी जाना जाता है । इसके तीन प्रकार होते हैं जो कि निम्नलिखित रुप से है

  1. Simplex mode:- सिम्प्लेक्स मोड में डेटा का प्रवाह केवल एक ही दिशा में होता है उदाहरण के लिए radio station से जो सिग्नल प्रसारित किये जाते है उसके मदद से उपयोगकर्ता ऑडियो को सुन सकता है लेकिन कोई उपयोगकर्ता अपने रेडियो मशीन की मदद से reply नहीं दे सकता।
  2. Half-duplex mode:- हाफ-डुप्लेक्स मोड में एक समय पर केवल एक ही दिशा में जानकारियों को प्रभावित किया जा सकता है, अर्थात जब एक दिशा में किसी सिग्नल को प्रवाहित किया जा रहा होता है, उतने देर तक दूसरे भाग को प्रतीक्षा करना पड़ता है । वॉकी-टॉकी हाफ-डुप्लेक्स मोड का एक उदाहरण है। इसमें जब तक उपयोगकर्ता बोलता है तबतक दूसरा सुनता है और जब दूसरा बोलता है तो पहला उपयोगकर्ता सुनता है। इसमें अगर दोनों एक साथ बोले तो विकृत ध्वनि पैदा होगी जिसे कोई भी उपयोगकर्ता समझ नहीं पाएगा।
  3. Full-duplex mode:- फुल डुप्लेक्स मोड में दोनों उपकरणों के बीच एक साथ जानकारियों का आदान प्रदान किया जाता है। इसकी दूसरी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जानकारियों का आदान-प्रदान बहुत तेजी से होता है। उदाहरण के लिए मोबाइल में किया जाने वाला संचार या इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से किया जाने वाला संचार में एक ही समय पर जानकारियों का आदान-प्रदान किया जा सकता है।

Type of Data transmission in Hindi

Types of Data transmission in Hindi :- डेटा ट्रांसमिशन की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है

  1. Parallel transmission :- इसमें डेटा के प्रत्येक बिट्स को एक अलग संचार लाइन के उपयोग से भेजा जाता है। मतलब  n बिट्स को संचारित करने के लिए, n तारों या रेखाओं का उपयोग किया जाता है। Parallel transmission का उपयोग आमतौर पर छोटे दुरी पर डेटा को तेज़ी से भेजने के लिए किया जाता है।
  2. Advantages:-
    • इसे प्रोग्राम करना आसान है।
    • इसमें डेटा को बहुत तेज़ी से भेजा जा सकता है।
    • यहां बहुत बड़े आकार के डाटा को भी हस्तांतरित करने में सक्षम है।
  3. Disadvantages:-
    • यह महंगा है इसलिए आमतौर पर छोटी दूरी पर डेटा भेजने में ही इसका उपयोग होता है।
    • यदि उपयोगकर्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है तो इन तारों को संभालना बहुत मुश्किल हो जायेगा ।
  • 2. Serial transmission :- इसमें डेटा के विभिन्न बिट्स क्रमिक रूप से एक के बाद एक प्रसारित होते हैं। मतलब डेटा भेजने के लिए केवल एक संचार लाइन की आवश्यकता होती है। सीरियल ट्रांसमिशन का उपयोग आम तौर पर लंबी दूरी पर डेटा को भेजने के लिए किया जाता है।
  • Advantages:-
    • इसमें केवल एक ही संचार चैनल का उपयोग किया जाता है इसीलिए यह संचरण की लागत को कम करता है
  • Disadvantages:-
    • इसमें डेटा ट्रांसफर की गति धीमी होती है।

Analog vs Digital Signal in Hindi

Data Transmission की प्रक्रिया किसी न किसी माध्यम के द्वारा संपन्न होती है, अर्थात किसी दो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान करने के लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है। यह माध्यम कोई तांबे के तार या ऑप्टिकल फाइबर केवल हो सकती है या फिर कोई wireless signal ( वायरलेस सिग्नल ) जैसे की सैटेलाइट सिग्नल या वाई – फाई ( Wi-Fi ) भी हो सकती है। इन माध्यम के उपयोग से डेटा electromagnetic signal ( विद्युत चुम्बकीय संकेत ) के रूप में यात्रा करती है। ये electromagnetic signal दो प्रकार के होते है

  • Analog signal :- ये समय, दुरी और अवस्था के प्रभाव में बदलने वाली signals है। एनालॉग सिग्नल के उदाहरण :- microphone से आवाज के रूप में निकलने वाला signal एनालॉग सिग्नल होता है।
  • Digital signal :- इसमें डेटा 0 और 1 के निश्चित सेट में होता है और समय, दुरी और अवस्था का इनपर कोई प्रभाव नहीं परता। डिजिटल सिग्नल के उदाहरण :- कंप्यूटर से जुड़े हुए अलग-अलग उपकरण के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान डिजिटल सिग्नल के रूप में होता है।

Conclusion of Data Transmission in Hindi:- डेटा ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बीच जानकारी या data के हस्तांतरण की प्रक्रिया है। यह डिजिटल संचार का मूल आधार है क्योंकि चाहे किसी दो मशीनों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करना हो या किसी मशीन के आंतरिक उपकरणों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करना हो इन सभी कामों में डाटा ट्रांसमिशन का ही उपयोग होता है।

इस लेख में हम में डाटा ट्रांसमिशन को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। अगर आप Data Transmission in Hindi के लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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