DBMS क्या है? What is DBMS in Hindi (Full Guide)

DBMS क्या है? What is DBMS in Hindi (Full Guide)

DBMS क्या है? (What is DBMS in Hindi) :- नमस्कार दोस्तों क्या आप जानते है कि DBMS क्या होता है इसका full Form क्या होता है और इसके क्या फायदे है.

आज इस आर्टिकल में इन सभी topics के बारे में बताएँगे.

दोस्तों DBMS का Full Form “Data Base Management System” होता है. इसका उपयोग Internet server पर डाटा को manage करने के लिए किया जाता है.

इस Data Base Management System एक तरह का system होता है जिसकी सहायता से हम डाटाबेस में डाटा को मैनेज करते है जैसे कि डाटा को insert करना, डाटा को delete करना या फिर डाटा को update करना आदि तरह के काम इस DBMS की मदद से किये जाते है.

साथ ही Database को access भी DBMS की सहायता से किया जाता है.

DBMS के प्रयोग से जम किसी भी Database में अपनी जरूरत की जानकारी बिना किसी परेशानी और बहुत कम समय में प्राप्त कर सकते है.

अगर आप DBMS को और अच्छे से जानना चाहते है तो आपको इसकी कुछ characteristics को पढ़ना चाहिए जिससे DBMS से related आपके सभी doubts क्लियर हो जायेगे।

DBMS क्या है? (What is DBMS):

DBMS in hindi

DBMS in hindi

DBMS किसी Database को manage करने का एक system होता है. जिसको बिभिन्न सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की मदद से manage किया जाता है.

DBMS को कई बिना किसी परेशानी और डाटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए design किया गया है.

आपकी जानकरी के लिए बता दू कि DBMS का सबसे पहले इस्तेमाल Charles Bachman ने 1960 में किया था.

फिर धीरे धीरे इस DBMS को और स्मार्ट और user friendly बनाया गया. इसके बाद 1990 में DBMS में Object orientation यूज़ किया गया इसके बाद DBMS का प्रयोग करना आसन हो गया था.

फिर 1991 में Microsoft ने भी Personal DBMS का यूज़ करना शुरू कर दिया था.

DBMS को यूज़ करने से डाटा को Store करने में काफी आसानी होती है इसके साथ ही आप डाटा को किसी भी तरह से बिना किसी परेशानी के manage कर सकते है.

DBMS के प्रयोग से पहले किसी भी server में डाटा को Store करने में बहुत से परेशानियाँ होती थी जिसके कारण DBMS की जरूरत पड़ी.

DBMS से हम डाटा redundancy को कम कर सकते है ये पहले से secure होता है साथ ही डाटा को बिना किसी परेशानी से बैकअप भी कर सकते है.

 

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Types of DBMS in Hindi (डीबीएमएस के प्रकार):

DBMS 4 Types के होते है, जो कि निम्न है:-

  1. Hierarchical.
  2. Network.
  3. Relational.
  4. Object-oriented.

DBMS का पूरा नाम क्या है ? (Full Form Of DBMS In Hindi):

DBMS जो की किसी भी Database  Manage करने के लिए उपयोग किया जाता है जिसके बारे में हम आपको ऊपर बता चुके है लेकिन अब DBMS का पूरा नाम क्या है जिसके बारे में पता होना बहुत जरूरी होता है जिसके बारे में नीचे हमने बताया भी है –

“Data Base Management System”

Data को Store करना:

जैसा कि आप लोग जानते है कि Database को कई प्रकार की डाटा को Store करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें आप किसी भी प्रकार की डाटा को Store करा सकते है।

इसमें किसी भी डाटा को Store कराने के लिए कोई भी लिमिट नही है।

साथ ही आप डाटा को किसी भी rule के according Store करा सकते है और उसे वापस किसी भी तरह से एक्सेस कर सकते है।

कई Properties को Support करना:

DBMS कई तरह की Properties को सपोर्ट करता है। जैसे कि Automatically और Consistency और Isolation और Durability को सपोर्ट करता है जिससे Database को उसे करना आसान हो जाता है।

Data Redundancy कम होती है:

Database Data Redundancy को सपोर्ट करता है अगर आप Data Redundancy का मतलब नही समझ रहे है.

तो आपको बता दु की ये किसी भी डाटा को दो बार लिखने से बचाता है जैसे same नाम के दो व्यक्ति को अलग अलग लिखने से बचाता है।

सभी ज़रुरी Data का Backup लेना:

अगर आप सोच रहे है कि Database में किसी भी कंपनी या फिर किसी organization की सभी जानकारी होती है

और अगर किसी कारण की वजह से वो सभी डाटा delete हो जाते तो आपको बता दु कि DBMS की वजह से सभी डाटा का backup हो जाता है।

Database Structure और Definition:

जैसा कि आप जानते है कि Database का पूरा architecture इस प्रकार डिजाईन होता है जिससे डाटा को कई प्रकार से एक्सेस और मैनेज किया जा सके।

ये डाटा structure, डाटा type, और Format के बीच रिलेशन को show करता है।

डाटा Integrity और Security :

किसी भी Database को unauthorized एक्सेस से बचाने के लिए इसकी security को बेहतर तरह से design किया जा सके जिससे पुरे Database को secure किया जा सके.

इसके लिए Database में डाटा integrity को add किया गया है जिससे Database को secure किया जा सके।

Database Concurrency:

जैसा की आप जानते है कि किसी भी Database को किसी भी समय कितने भी यूज़र access कर सकते है।

इस feature को add करने के लिए Database में Concurrency feature का प्रयोग किया गया है जिसके बाद किसी भी Database को कितने भी user एक साथ एक्सेस कर सकते है।

Normalization in DBMS in Hindi:

Normalization in DBMS

Normalization in DBMS

Normalization को किसी भी Database का सबसे महत्वपूर्ण feature बताया गया है।

आपको बता दु कि Normalization से किसी भी Database में Redundant डाटा को delete या फिर remove किया जा सकता है।

इसके अलावा Normalization से किसी भी Database में unnecessary डाटा को भी remove किया जा सकता है।

ऐसा के बार होता है कि कभी कभी same डाटा ही Database में Store हो जाती है जिससे Database को एक्सेस करने और डाटा को मैनेज करने में कई परेशानियाँ होती है।

इससे Database में unnecessary डाटा Store हो जाती है। इस तरह की सभी प्रोब्लेम्स को सोल्व करने के लिए Database में Normalization का प्रयोग किया जाता है।

Database में किसी भी डाटा को Normalization करने के तीन तरीके होते है:

First Normal Form:

जब column की सभी values atomic होती है मतलब जब column में Store हुई values repeating values नही आती है जैसे टेबल में कोई duplicate value रो नही होनी चाहिए,

और हर cell में single value होनी चाहीए तो वो First Normal Form में होती है। जब Database में प्रत्येक attributes single valued attribute होता है तो इसे First Normal Form कहते है।

Second Normal Form:

कोई टेबल Second Normal Form में तभी आती है जब वो First Normal Form की सभी Properties को फॉलो करती हो और साथ ही उसमे partial dependency नही होनी चाहिए उसे Second Normal Form कहते है।

इसके अलावा Database में जितने भी non prime attributes होते है वो सभी फुल functional dependent होने चाहिए।

Third Normal Form:

कोई टेबल Third Normal Form में तभी आती है जब वो Second Normal Form की सभी Properties को फॉलो करती है .

साथ ही Third Normal Form में होने के लिए किसी relation और किसी non prime attribute के लिए transitive dependency नही होनी चाहिए।

इसके अलावा Third Normal Form में प्रत्येक non prime function dependency में ज़रुरी condition अप्लाई होनी चाहिए।

Data Independence in DBMS in Hindi:

Data Independence in DBMS

Data Independence in DBMS

Data Independence अगले Level में Schema definition को बिना प्रभावित किये हुए एक Level में Schema definition को modify करने की एबिलिटी को Data Independence कहते है।

Data Independence तीन तरह की होती है:

1.Logical Data Independence: 

Logical Data Independence में बिना External Schema को बदले Logical Schema को बदलना Logical Data Independence कहते है।

2.Physical Data Independence: 

जब Logical Schema में बिना बदलाव किये physical schema में changes किये जाते है तो इस प्रोसेस को Physical Data Independence कहते है।

3 .DBMS architecture in Hindi: 

अगर आप DBMS का architecture जानना चाहते है तो आपको बता दु कि DBMS का architecture तीन Level से मिलकर बना होता है। इसमें External or view level और logical or conceptual level और Physical or Internal level होती है।



Conclusion:

दोस्तों इस आर्टिकल पे बस इतना ही था. आप सबको DBMS in Hindi इस आर्टिकल को पढ़ के अत्छा लगा होगा।

हमने आपको DBMS से Related सभी जानकारी आपको देने की कोसिस की है.

अगर आपको DBMS के रिलेटेड और भी Information सहिये तो हमे Comments पे जरूर बताये।

अगर आर्टिकल पसंद आया तो आप आपके दोस्तों को Share करने के साथ साथ सभी Social Media पर Share करना ना भूले।

 

 

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