flowchart in hindi

Flowchart in Hindi

What is Flowchart in Hindi ? अगर आप जानना चाहते हैं कि flowchart kya hota hai ? तो इस लेख को जरूर अवश्य पढ़ें, क्योंकि इस लेख में हमने विस्तार से बताया है की फ्लो चार्ट क्या होता है? इसका उपयोग कहां किया जाता है? इसके साथ ही इसके Advantages और Disadvantages के विषय में examples (उदाहरण) के साथ चर्चा की है।

Definition of Flowchart in Hindi

Definition of Flowchart in Hindi:- फ्लोचार्ट ज्यामितीय आकृतियों ( geometric shapes ) के मदद से किसी प्रोग्राम के सभी तार्किक चरणों को प्रदर्शित करता है। व्यापक रूप में Flowchart  एल्गोरिदम के वर्कफ़्लो या प्रक्रियाओं के प्रवाह को diagram के उपयोग से प्रस्तुत करता है, इसीलिए फ्लोचार्ट को Algorithm का  graphical representation ( चित्रात्मक प्रतिरूप ) भी कहते है।

फ्लो चार्ट समस्याओं और कार्यों की structure ( संरचना ) को स्पष्ट करते हैं, जिससे जटिल प्रक्रियाओं की कल्पना करने में मदद होती हैं।

Flow Charts मूल रूप से औद्योगिक इंजीनियरों ( industrial engineers ) में असेंबली लाइन मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाते थे, लेकिन आज कल  फ़्लोचार्ट्स का उपयोग Computer Science, Software Development and Programming, manufacturing, architecture, इंजीनियरिंग, business, technology, education, विज्ञान, चिकित्सा, government  administration और कई अन्य विषयों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

 

Symbols of Flowchart In Hindi

Symbols Used in Flowchart and Their Meaning :- फ़्लोचार्ट में ज्यामितीय आकृतियों (Geometric shapes) के उपयोग से समस्याों को दर्शाया जाता है। प्रत्येक ज्यामितीय आकृति का flowchart  में कुछ अर्थ होता है, जो की उन चिन्हों के पारंपरिक गणितीय अर्थ से अलग है।  फ्लोचार्टों में उपयोग होने वाले कुछ सामान्य प्रतीकों के नाम और उनका अर्थ निम्नलिखित रूप है :-

  • Start/Stop:- Flowchart की शुरुआत और अंत को दिखाने के लिए इस Start/Stop symbol  का उपयोग किया जाता है।
  • Process:- गणितीय प्रक्रियाओं को प्रदर्शित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • Input/ Output:- प्रोग्राम में इनपुट और आउटपुट को दर्शाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • Decision:- इसका उपयोग flow chart में निर्णय बिंदु का दरसाने के लिए किया जाता है।
  • Terminal Points:- यह एक प्रोग्राम के अंत बिंदुओं को दर्शाता है।
  • Arrow:- यह विभिन्न आकृतियों के बीच संबंधों को दर्शाता है।
  • On-page Reference:- फ़्लोचार्ट के दो या अधिक भागों को जोड़ने के लिए इसका उपयोग किया जाता है

Examples of Flowchart in Hindi

Flowchart examples In Hindi :- व्यावहारिक रूप से फ्लोचार्ट बनाने के कुछ उदाहरण निम्नलिखित है

Example Of Flowchart in Hindi

Example Of Flowchart in Hindi

Guidelines for Preparing Flowchart in Hindi:- फ़्लोचार्ट डिज़ाइन करते समय निम्नलिखित दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए

  • फ्लोचार्ट बनाते समय केवल Standard symbols का ही उपयोग करना चाहिए।
  • सुनिश्चित करें कि फ़्लोचार्ट में START (या BEGIN) से शुरू होकर STOP (या END) पर अंत होता हो।
  • START / BEGIN और STOP / END में केवल एक प्रवाह रेखा होनी चाहिए।
  • फ़्लोचार्ट का डिज़ाइन साफ, स्वच्छ और आसानी से समझने योग्य होना चाहिए इसमें कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए।
  • फ्लोचार्ट की सामान्य दिशा ऊपर से नीचे या बाएँ से दाएँ होती है।
  • कभी भी दो या दो से अधिक प्रवाह रेखा एक दूसरे को काटना या intersect नहीं करना चाहिए।
  • यदि फ़्लोचार्ट लंबा और जटिल है तो प्रवाह लाइनों की संख्या को कम करने के लिए कनेक्टर प्रतीकों का उपयोग किया जाना चाहिए।
  • अधिक स्पष्ट रूप से चरणों का वर्णन करने के लिए annotation symbol का उपयोग करें।

Type of Flowcharts in Hindi:- फ़्लोचार्ट्स के प्रमुख प्रकार निम्नलखित रूप से है

  1. Document Flowcharts:- इसका उपयोग किसी संगठन के भीतर जिम्मेदारी के बीच दस्तावेजों और सूचना के प्रवाह को दिखने के लीये किया जाता है।
  2. Data Flowcharts:- डेटा फ़्लोचार्ट्स किसी सिस्टम में डेटा के प्रवाह पर नियंत्रण को दर्शाते हैं।
  3. System flowcharts:- सिस्टम फ़्लोचार्ट्स किसी सिस्टम के इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट के बीच संबंधों को दर्शाते हैं।
  4. Program Flowcharts:- प्रोग्राम फ़्लोचार्ट द्वारा किसी प्रोग्राम को निष्पादित करने में कंप्यूटर द्वारा किए गए logical operations के sequence (अनुक्रम) को दिखाता है।

Advantages and Disadvantages of Using Flowcharts in Hindi

Top Benefits of Using Flowcharts in Hindi:- फ्लोचार्ट को उपयोग करने के कुछ प्रमुख फायदे निम्नलिखित रुप से है

  • एल्गोरिथ्म और स्‍यूडो कोड की तुलना में फ्लोचार्ट को बहुत आसानी से समझा जा सकता है।
  • Flowcharts यह समझने में मदद करता है कि वर्तमान में कैसे काम हो रहा हैं और उन्हें कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
  • एक प्रक्रिया के प्रमुख elements को खोजने में सहायता करता है, जहां एक प्रक्रिया समाप्त होती है और अगले एक के शुरू होने के बीच स्पष्ट रेखाएं खींचती हैं।
  • फ्लो चार्ट टीम के सदस्यों के बीच संचार को बढ़ाता है, जीससे डेटा इकट्ठा करने, समस्याओं की पहचान करने, चर्चाओं को केंद्रित करने और संसाधनों की पहचान करने में मदद होती है ।
  • यह हमें दी गई समस्या के Logic को समझने में मदद करता है जिससे की software developer को सही प्रोग्रामिंग करने में मदद मिलती है।
  • फ़्लोचार्ट्स का डिजाइन बनाना बहुत आसान है, हम MS Word जैसे वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के उपयोग से भी इसे बना सकते हैं।
  • फ्लोचार्ट की शुद्धता की जांच के लिए RAPTOR जैसे testing सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा सकता है।
  • Flow charts के किसी भी logical path को अधूरा नहीं छोड़ा दिया जाता बल्कि सभी संभावित संभावनाओं को चार्ट में दर्शाया जाता है।
  • यह गलतियों को ढूँढ़ने की प्रक्रिया अर्थात debugging (डिबगिंग) और troubleshooting (ट्रबलशूटिंग) में हमारी मदद करता है।

Disadvantages of Using Flow Charts in Hindi:- फ्लो चार्ट को उपयोग करने के कुछ प्रमुख नुकसान निम्नलिखित रुप से है:-

  • इसको बनाने में काफी लंबा समय लगता है, जिससे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  • आमतौर पर एल्गोरिथ्म को पेपर पर रेखांकित किया जाता है, जिसकी शुद्धता की जांच करना काफी कठिन हो जाता है।
  • मुख्य problem के logic में किया गया छोटा सा संशोधन पुरे फ्लोचार्ट के डिज़ाइन को परिवर्तित करने पर विवश करता है।
  • समस्या या एल्गोरिदम जितना जटिल होगा, उसका फ्लो चार्ट बनाना उससे भी अधिक जटिल होगा।
  • चूँकि फ्लोचार्ट के सभी एक से एक दूसरे पर निर्भर होते हैं, इसलिए इसके किसी भी भाग में छोटा सा परिवर्तन करना काफी मुश्किल होता है उसमें बहुत अधिक समय लगता है।

Uses of flowcharts in Hindi:- फ़्लोचार्ट के कुछ प्रमुख उपयोगों निम्नलखित रूप से हैं:-

  1. किसी नई project की योजना बनाने में।
  2. किसी बिज़नेस या संगठन के workflow को Documenting (दस्तावेजीकरण) करना।
  3. कंप्यूटर एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से संबंधित प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण करना।
  4. डाटा मैनेजमेंट एंड प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को दर्शाने में।
  5. केमिकल और प्रोसेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में।
  6. अकाउंट और ऑडिटिंग के क्षेत्र में।
  7. किसी प्रॉब्लम या प्रोजेक्ट के life cycle (जीवन चक्र) का आकलन करने में।
  8. Reverse-engineering (रिवर्स-इंजीनियरिंग) करने में।
  9. एक नई उत्पाद के डिजाइन और प्रोटोटाइप बनाने के चरणों का प्रदर्शन करने में।

History Of Flowcharts in Hindi:- व्यावसायिक प्रक्रियाओं को फ़्लोचार्ट के मदद से दर्शाने का चलन 1920 और 30 के दशक में शुरू हुआ, जब 1921 में Frank (फ्रैंक) और Lillian Gilbreth (लिलियन गिलब्रेथ) नाम के दो industrial engineers (औद्योगिक इंजीनियरों) ने पहली बार ने अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) के समक्ष “Flow Process Chart” का सुझाव प्रस्तुत किया।

1930 के दशक की शुरुआत में एक दूसरे औद्योगिक इंजीनियर Allan H. Morgensen (एलन एच मॉर्गेंसन) ने अपनी कंपनी के एक conferences में लोगों के लिए काम को और अधिक कुशल बनाने के लिए Gilbreth tools के मदद से एक डिज़ाइन मॉडल प्रस्तुत किया। 1940 के दशक में Art Spinanger (आर्ट स्पिनर) and Ben S. Graham (बेन एस ग्राहम) नाम दो यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन के प्रक्रिया को दर्शाने के लिए फ्लोचार्ट का उपयोग करने के सुझाव का और अधिक प्रचार-प्रसार किया। 1947 में ASME ने गिलब्रेट्स द्वारा बनाए “Flow Process Charts” के मूल आइडिया को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया।

हालांकि Flowcharts के जिस स्वरूप का उपयोग हम वर्तमान समय में computer algorithms और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करते हैं उसे बनाने का श्रेय Herman Goldstine और John von Neumann को जाता है। फ्लोचार्ट का उपयोग आज के समय में भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और बिज़नस ऑर्गनाइजेशन के जटिल समस्या को सरलता से समझने के लिए बहुत ज्यादा किया जाता है।

 

Conclusion on Flowcharts in Hindi:- फ़्लोचार्ट किसी एल्गोरिथम graphical representation (चित्रात्मक प्रतिरूप) होता है। इसे बनाने के लिए साधारण ज्यामितीय प्रतीक जैसे की rectangle, oval shapes, arrows का उपयोग किया जाता है। फ्लो चार्ट में उपयोग की गई रेखाएं यह बताती है कि जानकारियों का प्रवाह किस दिशा में हो रहा है और इसके symbols चरण-दर-चरण प्रक्रियाओं का वर्णन करती है। यह बड़ी जटिल समस्या को चित्रात्मक रूप देता है, जिससे कि उसे समझना और उसका विश्लेषण करना काफी आसान हो जाता है। उम्मीद है कि आपको Flow Charts in Hindi का याह लेख पसंद आया होगा। इस लेख में हमने फ्लोचार्ट को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। अगर आप हमें इस आर्टिकल से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताइए जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सकें।

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