http full form

Http का फुलफॉर्म क्या होता है? | What is the Http Full Form in Hindi?

Http Full Form in hindi: आज के दौर में कंप्यूटर की जरूरत हर एक काम के लिए होती है। हर बिजनेस, इंटीट्यूट, दफ्तर इत्यादि जगहों पर कंप्यूटर के बिना कोई काम नहीं होता है।

इसके लिए लोग वेबसाइट बनाते हैं जिससे उनका काम और भी तेजी से बढ़ सके और जब भी आपने किसी वेबसाइट को खोला होगा तो ज्यादातर वेबसाइट्स के लिंक में सबसे पहले HTTP लिखा होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस HTTPS का फुल फॉर्म क्या होता है ?

आज के इस लेख में हम आपको http full form बताएंगे, और इसे पूरे विस्तार में समझाएंगे।

एचटीटीपी क्या होता है ? | What is HTTP in Hindi?

[su_note note_color=”#71ff66″]HTTP का Full Form in Hindi में “Hypertext Transfer Protocol” होता है और इसके लेटेस्ट version HTTPS का फुल फॉर्म “Hypertext Transfer Protocol Secure” होता है।[/su_note]

https full form

https full form

इन दोनों को Short में http और https भी कहते हैं। कंप्यूटर में इसका काम बहुत ही अहम होता है। Hypertext Transfer करने के लिए जिस protocol का उपयोग होता है वो http है।

Hypertext का मतलब ये होता है कि अगर आपकी कोई वेबसाइट है तो उस वेबसाइट का Text, URL में HTTP होता है।

Hypertext और उसी वेबसाइट में जितने भी web based content होते हैं जैसे कि ”Text, Images, Video, Audio etc.” वो सभी इसी Hypertext under के अंतर्गत होता है।

HTTP हर एक web पेज के domain name के पहले इस्तेमाल होता है, अभी ज्यादातर web पेज में https का इस्तेमाल होने लगा है क्योंकि http से जादा सुरक्षित https होता है।

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एचटीटीपीएस क्या होता है ? | What is https Full Form in Hindi?

[su_note note_color=”#71ff66″]HTTPS का Full Form in Hindi में “Hypertext Transfer Protocol Sources” होता है। अब लगभग आप समझ ही गए होंगे कि http और https के बीच में खास अंतर क्या होता है।[/su_note]

https full form

https full form

HTTP का काम वो ही है जो http का है लेकिन HTTP और HTTPS में बड़ा अंतर ये होता कि अगर किसी site पर https इस्तेमाल होता है तो उस site के सभी डाटा encrypted में ट्रांसफर होते है जिससे वो जादा safe हो जाते हैं।

https ज्यादातर banking, E-commerce वेबसाइट में इस्तेमाल किए जाते हैं, इसका मतलब जिन वेबसाइट में money transfer होते है उन site में https का इस्तेमाल किया जाता है।

किसी वेबसाइट में अगर https use होता है तो उसके url में एक green कलर का “Secure” लिखा रहता है, इसे आप गूगल, फेसबुक, amazon, flipkart कोई भी वेबसाइट पर visit करके आसानी से चेक कर सकते हैं।

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एचटीटीपी इंटरनेट में जरूरी क्यों है ? Importance of HTTP in Hindi

इस technology का इस्तेमाल web server और web users के बीच सही communication के लिए होता है।

इसकी सबसे खास बात ये होती है कि ये प्रोटोकॉल बड़े multifunction और multi input का आधार होता है।

कोई भी link ठीक तरीके से काम करने के लिए वो http पर निर्भर रहता है और ये हम सभी जानते हैं कि कोई भी website बिना communication process के काम नही करता है।

गौरतलब है कि जब भी किसी page को open किया जाता है तो उसके URL address के पहले http:// enter किया जाता हैं जिसके बाद यह browser को http पर communicate करने के लिए कहता है और तभी कोई वेबसाइट खुलती है।

Hyper Text Transfer Protocol (Full Form of HTTP) आमतौर पर एक web browser होता है जो web server के आधार पर HTML Files को request भेजता है और फिर यह browser में text, images, hyperlink etc के साथ display हो जाता है।

इसे stateless system भी कहते है। इसका मतलब other file transfer protocol होता है जिसकी request के बाद HTTP connection drop होता है और web browser के दोबारा request भेजने के बाद server web page पर respond करता है फिर connection close होता है।

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एचटीटीपी कैसे काम करता है ? | How works HTTP?

Http के काम करने के लिए client-server model communication का इस्तेमाल करता है जो TCP के Top पर बनाया गया एक Application Layer Protocol कहलाता है।

अब अगर Http client-server कि बात करें तो ये http request और response के ज़रिए कम्यूनिकेट करते हैं और इसके तीन मुख्य message type होते हैं जिसमें GET, POST और HEAD शामिल होते हैं।

किसी भी server पर भेजे जाने वाले http GET message में सिर्फ एक ही url पाया जाता है। server url के optional data portion को process करता है और फिर browser आपको रिजल्ट देता है।

HTTP POST message को url के अंत में नहीं जोड़ता बल्कि request message body में optional data parameters सेव करके रख देता है।

HTTP HEAD request GET request की तरह ही काम करता है और url के पूरे content का उत्तर नहीं देता बल्कि server सिर्फ HEADER सूचना को ही HTML section के अंदर वापस भेज देता है।

इसके बाद वो browser से एक TCP connection शुरू करता है। Web browsing session default रूप से server port 80 का इस्तेमाल करता है, लेकिन कभी-कभी इसकी जगह 8080 जैसे दूसरे पोर्ट भी इस्तेमाल हो जाते हैं।

इसके बाद एक session के establish होने के बाद users http page पर जाकर message भेजने और प्राप्त करने के लिए सक्षम हो जाते हैं।

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HTTPS में कैसे संदेश पाए जाते हैं?

Https में दो तरह के संदेश पाए जाते हैं जिसमें SSL (Secure Socket Layers) और TLS (Transport Layer Security) कैटेगरीज होती हैं।

इन दोनो संदेशों को PKI कहते हैं, इसका मतलब Public Key Infrastructure होता है। ये एक Asymmetric System होता है जो कि communication को Encrypt करने के लिए होते हैं। इसमें दो तरह की कैटेगरी होती है जिनके नाम Public key और Private key हैं।

अगर किसी भी चीज को public key के ज़रिए Encrypt किया जाए तो वो सिर्फ private key के ज़रिए ही Decrypt होता है।

जब भी आप कोई browser open करते हैं तो अक्सर आपने देखा होगा कि अगर वो HTTPS के साथ है तो उसके साथ एक Certificate लगा होता है लेकिन अगर आप उस option पर click करेंगे तो ही आप उसे देख सकेंगे।  

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कंप्यूटर में एचटीटीपी का काम |  http full form in computer:

अगर आप किसी भी वेबसाइट को खोलना चाहते हैं तो वो आप बिना http के नहीं खोल सकते हैं।

क्योंकि यही वो माध्यम है जिसके जरिए आप अपनी जरूरत की वेबसाइट को खोलकर उसपर काम कर सकते हैं।

अगर आप कोई वेबसाइट बनाते हैं तो उसके कॉन्फ्रिग्रेशन में आपके लिए ऑप्शन में भी ये आता है लेकिन ये सिर्फ ऑप्शन ही नहीं बल्कि जरूरी होता है।

अगर आप एचटीटीपी के साथ अपनी वेबसाइट बनाते हैं तो वो वेबसाइट के लिंक के साथ कनेक्ट हो जाता है और फिर जो भी आपकी वेबसाइट पर विजिट करता है तो http के माध्यम से आसानी से वेबसाइट तक पहुंच सकता है।

अगर वेबसाइट बनाते समय आपने लिंक के साथ http नहीं जोड़ा तो आपकी वेबसाइट में error आने लगेगा। इसके अलावा आपकी वेबसाइट हैक होने का खतरा भी 100 परसेंट बढ़ जाता है।

अगर आपने https का इस्तेमाल किया जो कि paid होती है तो आपकी वेबसाइट सिक्योर हो जाती है। कंप्यूटर में सिर्फ किसी वेबसाइट को खोलना ही जरूरी नहीं है बल्कि आपको एचटीटीपी लगाना भी बेहद जरूरी हो जाता है क्योंकि यही एक माध्यम है जिसके जरिए आप अपनी मनचाही वेबसाइट पर वो इनफॉर्मेशन आसानी से पा सकते हैं जिसकी आपको जरूरत है।

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Conclusion:

दोस्तो आज के हमारे इस आर्टिकल पे बस इतना ही था. I Hope आप सबको हमारे आर्टिकल http full form in hindi और https full form in hindi के बारे में Detail में जानकारी मिल गए होंगे।

अगर आपका वेबसाइट है और Use करते है तो आपको उसके बारे में जानकारी रहना बोहोत ही जरुरी है.

अगर आपको http और https के related और जानकारी सहिये तो हमे Comments पे जरूर बताये।

अगर आर्टिकल अत्छा लगा तो आपने दोस्तों के साथ Share करना ना भूले साथ में Facebook, Twitter पे भी जरूर Share करे, धन्यबाद||

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