it act 2000 in hindi

IT Act 2000 in Hindi

What is it act 2000 in Hindi:-  IT Act 2000 का पूरा नाम Information Technology Act 2000 है, इसे ITA-2000 या IT Act के नाम से भी जाना जाता है। हिंदी में इसे सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम के नाम से जाना जाता है।  इस अधिनियम को Indian Parliament (भारतीय संसद) द्वारा 17 अक्टूबर 2000 को अधिसूचित किया गया था। IT Act 2000 भारत देश में साइबर क्राइम और इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स से निपटने वाला सबसे प्राथमिक कानून है।

इस बिल को 2000 के बजट सत्र में तत्कालीन सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रमोद महाजन की अध्यक्षता में अधिकारियों के एक समूह द्वारा पारित किया गया था और 9 मई 2000 को तब के राष्ट्रपति के. आर. नारायणन द्वारा ITA-2000 को हस्ताक्षरित किया गया था।

Summary of IT Act 2000 in Hindi :- IT Act का मूल अधिनियम में 13 अध्याय, 4 अनुसूचि और 94 खंड में विभाजित किया गया था। इस कानून को पूरे भारत में लागू किया गया था और अगर किसी दूसरे देश के नागरिक ने भारत के किसी कंप्यूटर या नेटवर्क के साथ कोई अपराध किया है तो उस देश के नागरिकों पर भी इस कानून को लागू किया जा सकता है। IT Act के अंतर्गत भारत में किए गए कुछ प्रमुख बदलाव निम्नलिखित रुप से है:-

  • इस अधिनियम के द्वारा electronic governance (इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस) या e-governance (ई-गवर्नेंस) की नींब राखी गई थी तथा सरकारी सेवाओं को पहुंचाने में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान किया गया था।
  • इस कानून के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए गए सभी वित्तीय लेन-देन को कानूनी मान्यता प्रदान किया गया ।
  • डिजिटल तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा एवं डॉक्यूमेंट को सभी सरकारी विभाग तथा न्यायालय की कार्यवाही में कानूनी मान्यता प्रदान की गई।
  • विभिन्न प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी संगठनों द्वारा कई प्रकार से उपभोक्ता की डाटा को संग्रहित कर के रखने का प्रावधान बनाया गया। उदाहरण के लिए टेलीकम्युनिकेशन कंपनी द्वारा अपने उपभोक्ता के कॉल डिटेल्स को एक निश्चित समय तक जमा करके रखने का प्रावधान होता है।
  • इसी कानून के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर को मान्यता दी गई थी।
  • इसी कानून के अंतरगत डिजिटल हस्ताक्षर जारी करने के लिए एक संगठन बनाया गया था जिसे Controller of Certifying Authority के नाम से जाना जाता है। भारत देश में जारी किए गए सभी डिजिटल हस्ताक्षरों को इसी संगठन द्वारा अधिकृत किया जाता है ।
  • IT Act विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों को परिभाषित करता है और उनके लिए दंड भी निर्धारित करता है।
  • इस नए कानून से उठने वाले विवादों को हल करने के लिए Cyber Appellate Tribunal (साइबर अपीलीय न्यायाधिकरण) की भी स्थापना की गई थी।
  • इस अधिनियम में भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code)- 1860, भारतीय साक्ष्य अधिनियम (the Indian Evidence Act)- 1872, बैंकर बुक एविडेंस एक्ट (Banker’s Book Evidence Act)- 1891 और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम (Reserve Bank of India Act)- 1934 के विभिन्न खंडों में संशोधन कर उन्हें नई तकनीकों के अनुरूप बनाया गया।

Amendments in IT Act 2000 in Hindi

IT Act in hindi

It Act In Hindi

Amendments in ITA-2000 in Hindi :- 2008 में आईटी एक्ट में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गए जिसके बाद IT Act 2000 में एक नया Section 66A को जोड़ा गया।  66A के अंतर्गत आईटी एक्ट में किए गए बदलाव निम्नलिखित रुप से हैं:-

  • इंटरनेट के माध्यम से किसी को “अपमानजनक संदेश” भेजने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • यह जाँच अधिकारियों को किसी भी कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से किसी भी सूचना के अवरोधन, निगरानी या डिक्रिप्शन की शक्ति प्रदान करता है ।
  • इसमें पोर्नोग्राफी, चाइल्ड पोर्न, साइबर आतंकवाद और वायरायवाद को संबोधित करते हुए प्रावधान पेश किए गए।

[Note:- कालांतर में Section 66A के कानूनों में कई प्रकार के बदलाव किए गए। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के सरकारों ने अपने-अपने राज्यों के जरूरतों के अनुसार भी समय-समय पर कई प्रकार के इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित कानूनों को आईटी एक्ट के साथ जोड़ा है। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के सरकार ने 2015 में सोशल मीडिया प्लेटफार्म के उपयोग से आतंकवादी संगठनों के लिए चलाए जा रहे कैंपेन को रोकने से संबंधित एक कानून पारित किया और इससे आईटी एक्ट के साथ जोड़ा। इन बदलावों को केवल महाराष्ट्र राज्य पर ही लागू किया जाता है।  ]

Provision in Information Technology Act 2000 in Hindi

Types of Offences and their Punishment according to IT act-2000 in Hindi :- आईटी अधिनियम के अनुसार अपराध और उनकी सजा निम्नलिखित रूप से :-

SectionOffencesPunishmentBailability
65

 

कंप्यूटर सोर्स कोड के साथ छेड़छाड़ करना।3 साल तक की जेल या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना।यह अपराध जमानती है और इस अपराध की सुनवाई प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के  न्यायालय (Courts of Judicial Magistrate of First Class) में होती है।
66कंप्यूटर संबंधित अपराध  जैसे की हैकिंग आदि।3 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।‘’
66-Aकिसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या संचार सेवा का उपयोग करके घृणास्पद या अपमानजनक संदेश भेजना।3 साल तक की कैद और जुर्माना
66-Bबेईमानी या चोरी से कंप्यूटर / मोबाइल या अन्य संचार उपकरण प्राप्त करना।3 साल तक कारावास और 1 लाख तक का जुर्माना।
66-CIdentity Theft (पहचान की चोरी) अर्थात धोखे से किसी व्यक्ति का पासवर्ड, डिजिटल हस्ताक्षर या किसी अन्य विशिष्ट पहचान का उपयोग करना।3 साल तक कारावास और 1 लाख तक का जुर्माना।
66-Dकंप्यूटर या किसी अन्य डिजिटल उपकरण का उपयोग करके धोखा देना।
66-EViolation of Privacy (गोपनीयता का उल्लंघन), जैसे कि किसी के इमेज वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री को बिना अधिकार के उपयोग करना।3 साल तक कारावास या 2 लाख रूपए तक जुर्माना ।
66-FCyber Terrorism (साइबर आतंकवाद) अर्थात इंटरनेट के उपयोग से आतंकवादी गतिविधियों का प्रचार-प्रसार करना या आतंकवादी गतिविधि में लिप्त होना।जीवन भर के लिए कारावास की सज़ा।यह गैर-जमानती अपराध है और इसकी सुनवाई Court of Sessions (सत्र न्यायालय)  द्वारा किया जाता है।
67अश्लील या संवेदनशील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित करना।पहली बार इस अपराध को करने पर 3 साल तक की कैद या  5 लाख तक जुर्माना । दूसरी बात इसी अपराध को करने पर 5 साल तक की कैद या  10 लाख तक जुर्माना
67-Aइलेक्ट्रॉनिक रूप में sexual सामग्री का प्रकाशन या संचारण।यह गैर-जमानती अपराध है और इसकी सुनवाई Courts of Judicial Magistrate of First Class (प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के  न्यायालय )  द्वारा किया जाता है।
67-B18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील चित्रण करना या इस प्रकार के सामग्री का प्रकाशन या संचारण करना।3 साल तक कारावास और 1 लाख तक का जुर्माना।यह गैर-जमानती अपराध है और इसकी सुनवाई Courts of Judicial Magistrate of First Class (प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के  न्यायालय )  द्वारा किया जाता है।
67-Cजानबूझकर निर्धारित समय के लिए आवश्यक रिकॉर्ड बनाए रखने में असफलता या सूचना के संरक्षण के बारे में दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करना।3 साल तक की कैद और जुर्माना
68आईटी एक्ट से संबंधित आदेशों का पालन करने में विफलता / इनकार2 साल तक कारावास या 1 लाख तक जुर्माना।
69किसी संगठन द्वारा it act 2000 के अंतर्गत निर्दिष्ट एजेंसी की सहायता करने में विफलता।7 साल तक की कैद और जुर्माना
70संरक्षित प्रणाली तक सुरक्षित पहुँच का प्रयास करना। जैसे की किसी बैंक का सर्वर या सरकारी या गैर-सरकारी संगठन के निजी जानकारियों को प्राप्त करने का प्रयास करना।10 साल तक का कारावास और जुर्माना
71किसी सरकारी संगठन या अधिकारी को गलत जानकारी प्रदान करना।2 साल का कारावास ₹1 लाख तक का जुर्माना।
72गोपनीयता का उल्लंघन या अर्थात किसी की निजता के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए उसके निजी जानकारियों को किसी व्यक्ति के साथ साझा करना।

 

2 साल तक की जेल और 1 लाख तक का जुर्माना।

Primary Objectives of IT Act 2000 in Hindi

Objectives of IT Act 2000 in Hindi:- आईटी अधिनियम के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित रूप से है :-

  1. सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों में पहले केवल कागज आधारित डॉक्यूमेंट को ही मान्यता प्राप्त दिया जाता था, लेकिन आईटी एक्ट में डिजिटल डॉक्यूमेंट को भी मान्यता दिया गया जिससे की ईमेल तथा अन्य कंप्यूटर आधारित माध्यम से जानकारियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में एक्सचेंज करना संभव हो पाया।
  2. कंप्यूटर के माध्यम से किए जाने वाले वित्तीय लेनदेन को मान्यता मिले जिससे कि ई-कॉमर्स स्टोर तथा विभिन्न वेबसाइटों पर ऑनलाइन मनी ट्रांजैक्शन करना संभव हो सके।
  3. बैंक तथा अन्य सभी फाइनेंसियल संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पैसों का लेनदेन करना संभव हो सके |
  4. किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट को प्रमाणित करने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर (digital signatures) को मान्यता प्राप्त करना तथा डिजिटल सिग्नेचर से संबंधित कामों के लिए एक विशेष सरकारी संगठन का निर्माण करना।
  5. डिजिटल जानकारियों को सुरक्षित करने से संबंधित नियम बनाना।
  6. कंप्यूटर तथा विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से किए जाने वाले अपराधों के लिए विशेष कानून एवं दंड विधान बनाना।
  7. इलेक्ट्रॉनिक एवं इंटरनेट से जुड़े हुए सभी कंपनियों के लिए आवश्यक terms and condition (नियम एवं शर्तें) बनाना। जिससे कि यह बात साफ हो सके कि डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाले कंपनियों द्वारा किन नियमों का पालन करना आवश्यक है।
  8. सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता द्वारा की जाने वाली अनैतिक गतिविधियों से संबंधित term and condition बनाना।
  9. केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए एक Cyber Regulations Advisory Committee ( साइबर विनियम सलाहकार समिति ) के गठन के प्रावधान किया गया।

 

Conclusion :- 1990 के दशक में पश्चिमी देशों में इंटरनेट और कंप्यूटर की क्रांति शुरू हो चुकी थी। भारतीय तक क्रांति पहुंचते-पहुंचते सन 2000 का समय आ चुका था। उस समय के तत्कालीन आईटी मिनिस्टर ने डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए तथा अपराध एवं धोखाधड़ी से देश को बचाने के लिए IT Act 2000 की नींव रखी थी।

IT Act in Hindi

IT Act in Hindi

IT Act 2000 in Hindi (आईटी एक्ट) में मुख्य रूप से डिजिटलाइजेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक डाटा से संबंधित कानून थे। इसके साथ ही इसमें लोगों की निजता एवं अश्लीलता को रोकने के लिए उचित प्रावधान निर्धारित किया गया था और अगर एक कानून के साथ ही कोई विवाद होने पर उसका समाधान के लिए भी एक विशेष न्यायालय का गठन किया गया था।

भारत देश में डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक दुनिया को रूपरेखा प्रदान करने वाला यह सबसे पहला कानून था। समय-समय पर इस कानून में कई बदलाव किए गए और इसमें कई नए Section या खंड जोड़े गए | information technology act 2000 में एक महत्वपूर्ण संसोधन 2008 सन 2008 में किया गया तथा इसी संशोधन के अंतर्गत आईटी एक्ट में खंड 67 को जोड़ा गया था। इसी संशोधन के बाढ़ से साइबर क्राइम तथा सोशल मीडिया से संबंधित विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिए विभिन्न प्रकार के कानूनों को एक्ट के साथ जोड़ा गया था। उम्मीद है, कि बदलते समय की जरूरत के अनुसार भविष्य में भी इसमें कई और बदलाव किए जाएंगे।

उम्मीद है की आप को IT Act 2000 in Hindi का यह article पसंद आया होगा। इस लेख में हम ने आईटी एक्ट या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और इसके सभी धाराओं को संक्षेप में बड़े ही सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। अगर आप हमें इस लेख से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट में लिखकर हमें जरूर बताइए जिससे कि हम अपने लेख को और अधिक उपयोगी बना सकें।

 

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