Java Servlet in Hindi

What is Java Servlet in Hindi?

Definition of Java Servlet in Hindi :- जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में Servlets का उपयोग Dynamic Web Application बनाने के लिए किया जाता है। Java Programs में Servlet एक प्रकार का Class होता है जिसके उपयोग से हम जावा आधारित वेब सर्वर पर programming करके डायनामिक Web pages बना सकते है।

डायनामिक वेब एप्लीकेशन या वेब पेज किसे कहते है :-

कोई भी साधारण वेब पेज को Static Web Page ( स्थिर वेब पेज ) भी कहते है। ये HTML Code , CSS Style और images को मिलकर बनती है, लेकिन इस प्रकार के वेब पेज की सामग्री को अलग-अलग लोगों के जरूरतों के अनुसार बदला नहीं जा सकता। ये किसी साधारण से छोटे website के लिए तो ठीक है लेकिन किसी बड़े website जैसे की Facebook, Tweeter जिसमे की सभी लोगों की जरूरते अलग है इनके लिए हमें HTML और CSS के साथ ही Java Servlet, PHP या Python जैसे किसी एक तकनीक की आवश्यकता पड़ती है जिसके  उपयोग से हम Dynamic Web Application ( गतिशील वेब एप्लीकेशन ) बना सके।

Use of Java Servlets in Hindi

What Can We Do Using Java Servlets:- जावा सर्वलेट के उपयोग से हम निम्नलिखित काम कर सकते है

  • इसके उपयोग से हम Dynamic वेब पेज बना सकते हैं मतलब ऐसा पेज जिसके सामग्री को User के आवश्यकता अनुसार परिवर्तित किया जा सकता है।
  • Servlets के उपयोग से हम सभी प्रकार के Mathematical Calculation ( गणितीय गणना ) जैसे कि जोड़, घटाव, गुणा, भाग इत्यादि कर सकते हैं।
  • इसके उपयोग से हम जूसर उपयोगकर्ता द्वारा दी जाने वाली जानकारियों को Database में जमा कर सकते हैं।
  • इसके उपयोग से हम डेटाबेस में जमा जानकारियों को आवश्यकता के अनुसार वेब पेज पर प्रदर्शित कर सकते हैं।
  • Application की सुरक्षा के लिए हम Java Servlets के उपयोग से username और password से उपयोगकर्ता की प्रमाणिकता को जांच सकते हैं।
  • Java Servlets के उपयोग से हम Gmail और Hotmail की तरह Email भेज सकते हैं।

Java Servlet Life Cycle in Hindi

Life Cycle of a Servlet in Hindi :- जावा सर्वलेट का जीवन चक्र 4 भागों में  बंटा है

  • सर्वलेट जीवनचक्र के सबसे पहले चरण में जैसे ही web server शुरू होता है, तो Web container के द्वारा आवश्यक Servlet Class को Load किया जाता है।
  • Servlet classes के load हो जाने के बाद, container प्रत्येक सर्वलेट क्लास के एक instances बनाता है इसी instances में user के सभी अनुरोधों को निष्पादित किया जाता है।
  • तीसरे चरण में सबसे पहले एक बार init() method को Call किया जाता है, उसके बाद जब भी एक नए Servlet की की आवश्यकता पड़ती है, तो service method को Call किया जाता है।
  • सर्वलेट जीवनचक्र के सबसे अंतिम चरण में destroy() method को Call किया जाता है इससे सभी उपयोगी संसाधन जैसे की memory और thread साफ हो जाता है।

Advantages and Disadvantages of a Java Servlet in Hindi

Advantages of a Java Servlet in Hindi :- वेब एप्लीकेशन के निर्माण में जावा सर्वलेट का उपयोग करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:-

  • इन्हे Java Programming Language के उपयोग से बनाया गया है, इसलिए इनके उपयोग से web application बनाने के लिए हमें अलग से कोई नया प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने की आवश्यकता नहीं है। अगर हम वेब एप्लीकेशन बनाने के लिए PHP या Python जैस कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखते हैं, तो हमें इसमें काफी समय बर्बाद करना पड़ सकता है।
  • Java Servlet पुरे तरह से object oriented programming पर आधारित है अर्थात OOPs के सभी गुण जैसे कि Classes, Objects, Encapsulation, Inheritance, Polymorphism का लाभ हम सर्वलेट के उपयोग से ले सकते हैं।
  • जावा सर्वलेट को सबसे पहले मई 1996 में Sun Microsystems नाम की कंपनी द्वारा सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया था और इस समय इसे Oracle कंपनी द्वारा मैनेज किया जाता है जो की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है। इसलिए हम इसे एक विश्वसनीय और सुरक्षित तकनीक मानकर किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में इसका उपयोग कर सकते हैं ।
  • Java Servlet के लिए अलग-अलग प्रकार की जरूरतों के अनुसार बहुत अधिक मात्रा में API उपलब्ध है। इन API का उपयोग हम प्रोजेक्ट की आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं जैसे की किसी Java Program से वेब एप्लीकेशन को जोड़ने के लिए , Database से वेब पेज को जोड़ने के लिए , अलग-अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के उपयोग से बनाए गए एप्लीकेशन को जोड़ने के लिए।
  • जावा सर्वलेट का प्रबंधन Java Virtual Machine ( JVM ) के द्वारा किया जाता है इसलिए हमें मेमोरी लीक, garbage collection आदि के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
  • सर्वलेट के 3 संस्करण से इसमें Filters नाम का नई विशेषता जोड़ी गई है। इसमें User द्वारा किए गए किसी भी प्रकार के अनुरोध की सबसे पहले जांच की जाती है और अगर User इस प्रकार के अनुरोध के लिए अधिकृत है तब ही उसे यह करने की अनुमति दी जाती है।

Disadvantages of Java Servlet in Hindi:-  जावा सर्वलेट को 1996 के अंत में बाजार में launch किया गया था और इसके कुछ समय के अंदर ही वेब आधारित एप्लीकेशन के निर्माण में इसका बहुत अधिक उपयोग किया जाने लगा। लेकिन वर्तमान समय में इसका उपयोग बहुत ही कम हो गया है, क्योंकि वर्तमान समय में PHP और python जैसी प्रोग्रामिंग भाषा की तुलना में जावा सर्वलेट को कम योग्य माना जाने लगा है। जावा सर्वलेट में मौजूद कुछ प्रमुख त्रुटियाँ निम्नलिखित रुप से हैं:-

  • PHP, Python जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की तुलना में Servlet को अधिक जटिल प्रोग्रामिंग भाषा माना जाता है, अर्थात इसका उपयोग करते वेब एप्लीकेशन डिजाइन करना अधिक जटिल माना जाता है ।
  • जावा सर्वलेट का उपयोग करने से पहले जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अच्छी समझ का होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि दोनों भाषा का syntax समान है। अगर किसी सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को जावा सर्वलेट का उपयोग करके application बनाना है तो उसे पहले java language सीखना होगा।
  • यह आधुनिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की तरह उच्च गति से काम करने वाला एप्लीकेशन बनाने में समर्थवान नहीं है, अर्थात जिन वेब एप्लीकेशन को Java Servlet के उपयोग से बनाया जाता है, वह PHP और पाइथन जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद से बनाए गए एप्लीकेशन की तुलना में धीमा काम करते हैं।
  • जावा सर्वलेट के उपयोग से बनाए गए एप्लीकेशन को चलाने के लिए जावा वेब सर्वर की आवश्यकता होती है। जावा आधारित web-server का मूल्य बाजार में किसी भी दूसरे सर्वर की तुलना में अधिक होता है।
  • आज के समय में एप्लीकेशन निर्माण में जावा सर्वलेट का उपयोग भी कम किया जाने लगा है जिसके कारण जावा आधारित web-server के मांग में कमी आ गई है। इसी कारण आजकल कई वेब सरवर संबंधी सेवा देने वाली कंपनियों के पास जावा आधारित वेब सर्वर उपलब्ध ही नहीं होता है।

Conclusion on Java Servlet in Hindi :-  जावा सर्वलेट मुख्य रूप से डायनेमिक वेब पेज और एप्लीकेशन बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला प्रोग्रामिंग भाषा है, जोकि मूल रूप से जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर आधारित है। हालांकि इसका उपयोग आजकल थोड़ा कम हो गया है लेकिन आज भी जावा के मूल सॉफ्टवेयर डेवलपर के बीच यह काफी प्रचलित है,  क्योंकि जावा सर्वलेट का Syntax पूरी तरह से जावा प्रोग्रामिंग पर आधारित है। अर्थात जिस व्यक्ति को java प्रोग्रामिंग आता है, अगर वह Java Servlet के उपयोग से वेब एप्लीकेशन का निर्माण करता है तो उसे किसी भी नए प्रोग्रामिंग भाषा को सीखने की आवश्यकता नहीं है, वह बहुत आसानी से जावा सर्वलेट का उपयोग कर पाएगा। लेकिन अगर वह PHP और Python जैसे भाषाओं का उपयोग करता है, उसे पहले उन भाषाओं को सीखना पड़ेगा इसमें उनका काफी समय बर्बाद हो जायेगा है।

इस लेख में हमने जावा सर्वलेट को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको Java Servlet in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप जावा सर्वलेट के इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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