Linux File System in Hindi

Linux File System in Hindi

लिनक्स पूरी तरह से फाइलों पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसमें Windows OS की तरफ हार्ड डिस्क पार्टीशन जैसे की C-Drive, D-Drive आदि जैसा कुछ भी नहीं होता है। बल्कि Linux में ऑपरेटिंग सिस्टम का निजी डाटा हो या यूजर द्वारा कंप्यूटर के हार्ड डिस्क में जमा किए गए जानकारियां हो उन सभी को अलग-अलग फाइलों के अंदर संग्रहित किया जाता है।

Definition of Linux File System in Hindi :- लिनक्स फाइल सिस्टम कंप्यूटर के हार्ड डिस्क ड्राइव पर बना जानकारियों का एक गुच्छा होता है या अगर साधारण शब्दों में कहें तो फाइल हार्ड डिस्क के मेमोरी में जानकारियों का एक खंड होता है, जिसमें कुछ विशिष्ट data को संग्रहित किया जाता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम के तहत काम करता है तथा डेटा की स्थिति को संभालता है। इसके बिना सिस्टम यह नहीं जान सकता कि कौन सी फ़ाइल कहाँ से शुरू होती है और कहाँ समाप्त होती है।

Types of Linux File System in Hindi

Types of Linux File System in Hindi :- लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Linux operating systems) द्वारा प्रदान किए जाने वाले कुछ प्रमुख प्रकार के फाइल सिस्टम निम्नलिखित रूप से हैं:-

  • Ext:- ext फ़ाइल सिस्टम का पूरा नाम Extended File System है। इसे सबसे पहले April 1992 में Rémy Card (रेमी कार्ड) नाम के कंप्यूटर वैज्ञानिक द्वारा Unix ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए बनाया गया था। यह फाइल सिस्टम का सबसे पुराना संस्करण है और विभिन्न खामियों के कारण वर्तमान समय में इसका उपयोग बंद हो चुका है।
  • Ext2:- इसे January 1993 में Rémy Card (रेमी कार्ड) द्वारा डिज़ाइन किया गया था। ये 2 Terabyte (2000 gigabytes या GB ) तक के डेटा को मैनेज करने में सक्षम है। लेकिन इसमें जानकारियों के बैकअप तथा फाइलों के रिकवरी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
  • Ext3:- इसे November 2001 में Stephen Tweedie (स्टीफन ट्वीडे) द्वारा डिज़ाइन किया गया था। इसमें भी सिस्टम फाइल रिकवरी और डिस्क स्नैपशॉट के लिए कोई तकनीक उपलब्ध नहीं था ।
  • Ext4:- इसे 21 October 2008 में कंप्यूटर वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा विकसित किया गया था जिसमें की Mingming Cao (मिंगमिंग काओ), Andreas Dilger (एंड्रियास दिलगर), Alex Zhuravlev Tomas (एलेक्स ज़ुरावलेव टॉमस), Dave Kleikamp (डेव क्लेकम्प ) जैसे कुछ नाम शामिल है। यह लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे तेज फाइल सिस्टम है। इसके उपयोग से बड़े आकार के फाइलों पर तेजी से काम किया जा सकता है। यह SSD (solid-state drive/सॉलिड-स्टेट ड्राइव) के लिए सबसे बढ़िया विकल्प है।
  • JFS:- JFS का पूरा नाम Journaled File System (जर्नल फ़ाइल सिस्टम) है। इसे June 2001 में IBM द्वारा विकसित किया गया था। इसे Ext4 के के विकल्प के रूप में बनाया गया  है।
  • XFS:- XFS फाइल सिस्टम को 1994 में Silicon Graphics (सिलिकॉन ग्राफिक्स) नाम की कंपनी द्वारा विकसित किया गया था। यह बड़े आकार के फाइलों को तेजी से हैंडल करने में सक्षम था, इसके साथ ही power failure होने पर यह फ़ाइलों को रिकवर करने की सुविधा भी प्रदान करता था।
  • Btrfs:- Btrfs फाइल सिस्टम को March 2009 में Facebook (फेसबुक), Fujitsu (फुजित्सु), Intel (इंटेल), Linux Foundation (लिनक्स फाउंडेशन), Oracle Corporation (ओरेकल कॉर्पोरेशन), Red Hat (रेड हैट) जैसे बड़े-बड़े कंपनियों द्वारा सामूहिक रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर के एक टीम द्वारा विकसित किया गया था। यह बड़े आकार के फाइलों को तेजी से प्रबंधित करने तथा तथा फाइलों में होने वाले विभिन्न प्रकार के त्रुटियों को हैंडल करने में सक्षम था। लेकिन इसे प्रोडक्शन सिस्टम के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता है।

 

ऊपर दिए गए सभी लिनक्स फाइल सिस्टम में से Ext4 सबसे अच्छा File System माना जाता है।

Structure of Linux File System in Hindi:-  लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह कोई भी डिस्क पार्टीशन ( जैसे कि C drive या D drive आदि ) नहीं होता है, बल्कि लिनक्स फाइल सिस्टम कंप्यूटर के पुरे हार्ड डिस्क ड्राइव को एक एकीकृत directory या folder के रूप में प्रदर्शित करता है। इस मुख्य डायरेक्टरी को root directory (रूट डायरेक्टरी) के नाम से जाना जाता है तथा इससे slash symbol ( / या  स्लैश के चिन्ह ) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

इस रूट डायरेक्टरी के अंदर कई अलग-अलग sub-directories (सबडायरेक्टरी) होते हैं और इन्हीं सब डायरेक्टरी के अंदर लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम से संबंधित सभी प्रकार के डाटा संग्रहित होते हैं। लिनक्स फाइल सिस्टम के कुछ प्रमुख सब-डायरेक्टरी के बारे में हम नीचे विस्तार से पढ़ेंगे ।

List Of Sub-Directory in Linux File System in Hindi

Popular Sub-Directory of Linux File System in Hindi:- लिनक्स फाइलसिस्टम के कुछ प्रमुख सब-डायरेक्टरी निम्नलिखित रूप से है :-

linux file system in hindi

  • root sub-directory :- लिनक्स  फाइल सिस्टम में रूट सब-डायरेक्टरी सिस्टम एडमिन का मुख्य डायरेक्टरी होता है, इस डायरेक्टरी को एक्सेस करने के बाद सिस्टम एडमिन लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी भी प्रकार का कॉन्फ़िगरेशन सेटिंग कर सकता है।

[Note :- यहां एक बात समझ लेने वाली यह है, कि लिनक्स  फाइल सिस्टम में एक root directory (रूट डायरेक्टरी) होता है जिसे की slash symbol ( / या  स्लैश के चिन्ह ) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, लिनक्स के सभी फ़ाइल को इस root directory से एक्सेस किया जा सकता है। इसी रूट डायरेक्टरी के अंदर एक root sub-directory भी होता है।  ]

  • bin Sub-Directory :- bin सब-डायरेक्टरी के अंदर binary executables (बाइनरी एक्सेक्यूटेबल्स) फ़ाइल या ऐसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते है, जो निष्पादन के लिए तैयार हो। सिस्टम के सभी उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले कमांड जैसे की ps, ls, ping, grep, cp आदि यहां स्थित होते हैं।
  • sbin :- sbin सब-डायरेक्टरी के अंदर भी बाइनरी एक्सेक्यूटेबल्स फ़ाइल होते है लेकिन इसमें उपयोग होने वाले कमांड का उपयोग system aministrator द्वारा किया जाता है। उदाहरण के लिए iptables, reboot, fdisk, ifconfig, swapon आदि।
  • etc :- etc डायरेक्टरी के अंदर सभी programs के लिए आवश्यक कॉन्फ़िगरेशन फाइल होता है जैसे की कंप्यूटर को चलाने के लिए स्टार्टअप और बंद करने के लिए शटडाउन स्क्रिप्ट भी इसमें शामिल हैं। उदाहरण के लिए /etc/resolv.conf, /etc/logrotate.conf जैसे कुछ कॉन्फ़िगरेशन फाइल etc डायरेक्टरी के अंदर पाए जाते है।
  • dev:- डायरेक्टरी के अंदर कंप्यूटर से जुड़े हुए विभिन्न डिवाइस या उपकरण से संबंधित फाइलें मौजूद रहती है, जैसे की टर्मिनल डिवाइस, USB, या अन्य कोई भी उपकरण जो कंप्यूटर से जुड़ी हो उनकी फाइलें dev डायरेक्टरी के अंदर होती है। उदाहरण के लिए /dev/tty1, /dev/usbmon0 जैसे फाइलें dev डायरेक्टरी के अंदर होती है।
  • proc:- proc डायरेक्टरी के अंदर सिस्टम प्रोसेस से संबंधित जानकारियां होती है अर्थात इसमें ऐसे प्रोग्राम से संबंधित जानकारियां होती है जो उस समय पर कंप्यूटर में सीपीयू में निष्पादित हो रहा हो।
  • var :- var डायरेक्टरी के अंदर ऐसे फाइलें संग्रहित होती है, जिनका आकार भविष्य में बढ़ सकता है। उदाहरण के लिए सिस्टम लॉग फाइल, डेटाबेस , ईमेल लॉक फाइल का आकार धीरे-धीरे बढ़ते रहता है।
  • tmp :- tmp डायरेक्टरी के अंदर अस्थाई फाइलों को संग्रहित किया जाता है। tmp डायरेक्टरी के अंदर की फाइलों को एक समय के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा अपने आप ही डिलीट कर दिया जाता है।
  • usr :- usr डायरेक्टरी में दूसरे स्तर के यूजर प्रोग्राम जैसे कि डॉक्यूमेंट, सोर्स कोड, लाइब्रेरीज़ आदि को संग्रहित किया जाता है।
  • home :- home डायरेक्टरी के अंदर उपयोगकर्ता के निजी फ़ाइल जैसे की शॉर्टकट आईकॉन आदि को संग्रहित किया जाता है।
  • boot :- इसमें बूट लोडर प्रोग्राम फ़ाइल होती है जो कंप्यूटर को स्टार्ट करते समय ये बताती है की सिस्टम को चलाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण प्रोग्राम को किस क्रम में निष्पादित करना है।
  • lib:- इसमें सिस्टम लाइब्रेरी से संबंधित फाइलें होती है। आमतौर पर इसमें /bin और /sbin डायरेक्टरी में मौजूद बायनरी फाइलों से सम्बंधित जानकारियां होती है।
  • opt :- otp का मतलब optional होता है। इसमें सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के add-on (ऐड-ऑन) तथा थर्ड पार्टी एप्लीकेशन के इंस्टॉलेशन के लिए जगह आवंटित किया जाता है।
  • media:- इसमें अस्थायी कंप्यूटर मीडिया उपकरण जैसे कि CD, DVD, floppy disks (फ्लॉपी डिस्क) आदि से संबंधित प्रोग्राम होते हैं।
  • srv:- srv का मतलब service होता है। इसमें मुख्य रूप से विभिन्न सिस्टम प्रोटोकॉल जैसे कि ftp, rsync, www, cvs आदि से संबंधित डाटा होता है।

Key Features of Linux File System in Hindi :- लिनक्स फाइल सिस्टम की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित रूप से है :-

Features of Linux File System in Hindi

  • Specifying paths:- लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में विभिन्न फाइलों को एक दूसरे से अलग करने के लिए फॉरवर्ड स्लैश (/) चिन्ह का उपयोग किया जाता है। जबकि विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में विभिन्न फाइलों को एक दूसरे से अलग करने के लिए चिन्ह बैकस्लैश (\) चिन्ह का उपयोग किया जाता है।
  • Case Sensitivity:- लिनक्स फाइल सिस्टम के विभिन्न डायरेक्टरी के नाम केस सेंसिटिव होते हैं, इसमें capital letter ( कैपिटल लेटर ) और small letter ( स्माल लेटर ) के अक्षरों में अंतर किया जाता है। इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम में txt और Test.txt में अंतर होता है।
  • File Extensions:- लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में फाइलों का एक्सटेंशन .txt हो सकता है, लेकिन ऐसा आवश्यक नहीं कि प्रत्येक फाइल का कोई एक्सटेंशन हो। इसलिए ग्राफिकल फ़ाइल मैनेजर के उपयोग से फाइल, फोल्डर और डायरेक्टरी के बीच प्रतीकों को देखकर अंतर करना काफी आसान होता है, लेकिन जब हम Shell के उपयोग से काम कर रहे होते हैं तो शुरुआत में यह काम काफी जटिल हो जाता है।
  • Hidden files:- लिनक्स में आमतौर पर कंफीग्रेशन फाइल Hidden या छुपी हुई होती है जिन्हें देखने के लिए फाइल मैनेजर से View को चेंज करना पड़ता है । Linux में Hidden फाइलों की एक पहचान ये है की उनके नाम से पहले डॉट चिन्ह का उपयोग होता है।

 

Conclusion on Linux File System in Hindi:- लिनक्स फाइल सिस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम पर स्थित आपके डेटा को संभालती है। इसके बिना OS यह नहीं जान सकता कि कौन सी फ़ाइल कहाँ से शुरू होती है और कहाँ समाप्त होती है। हालांकि किसी सामान्य कंप्युटर उपयोगकर्ता को फाइल सिस्टम की आंतरिक संरचना से कोई लेना देना नहीं होता है, लेकिन अगर आप यह समझना चाहते हैं कि लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम आंतरिक रूप से किस प्रकार से काम करता है, तो आपको लिनक्स फाइल सिस्टम की संरचना को भी समझना होगा।

इस लेख में हम ने Linux File System in Hindi के बारे में बिस्तार से चर्चा किया है साथ ही इसके Definition (परिभाषा), Types (प्रकार) और Features (विशेषताएँ) भी बताये है। उम्मीद है कि Linux File System in Hindi का यह लेख आपको अच्छा लगा होगा। अगर आप इस आर्टिकल से संबंधित कोई सुझाव या सलाह हमें देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट में लिखकर हमें जरूर बताइए जिससे कि हम अपने लेख को और अधिक उपयोगी बना सके।

 

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