Pipeline in Computer Architecture in Hindi

Pipeline in Computer Architecture in Hindi

Definition of Pipelining in Computer Architecture in Hindi :- पाइपलाइनिंग किसी कंप्यूटर के सेन्ट्रल प्रॉसेसिंग यूनिट (CPU) द्वारा Instruction ( निर्देशों ) को निष्पादित ( Execute ) करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक प्रक्रिया है । जिसमें CPU के तत्वों को इस प्रकार से सुव्यवस्थित किया जाता है कि एक ही समय पर एक से अधिक निर्देशों को निष्पादित किया जा सके।

Pipeline के उपयोग से CPU को कई अलग-अलग चरणों में विभाजित कर दिया जाता है और जब एक भाग किसी Instruction को निष्पादित कर रहा होता है, उसी समय किसी दूसरे भागों में किसी दूसरे Instruction का निष्पादन हो रहा होता है। आजकल सभी इलेक्ट्रॉनिक मशीन जैसे कि लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल आदि में जटिल निर्देशों के निष्पादन के लिए पाइपलाइनिंग की तकनीक का उपयोग किया जाता है, क्योंकि Pipelining किसी मशीन के हार्डवेयर संसाधनों को बेहतर तरीके से उपयोग करने में मदद करता है, इसके साथ ही जल्दी से जल्दी अधिक निर्देशों को निष्पादित करके पुरे मशीन के प्रदर्शन क्षमता को बढ़ा देता है।

Types of Pipeline in Hindi

Types of Pipeline in Hindi:- यह मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं

  • Arithmetic Pipeline :- इसका उपयोग गणितीय गणना ( mathematical calculation ) के लिए किया जाता है जैसे की गुना भाग करने के लिए, वैज्ञानिक समस्याओं के लिए, floating point numbers से सम्बंधित काम के लिए इत्यादि।
  • Instruction Pipeline :- इसका उपयोग निर्देशों के निष्पादन के लिए किया जाता है। इस प्रकार की तकनीक का उपयोग कंप्यूटर सिस्टम की क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

Pipelining Hazards in Hindi

Pipeline Hazards in Computer Architecture in Hindi :- कई बार Pipeline में निर्देशों के निष्पादन के दौरान Pipeline पूरी तरह से रुक जाता है या निर्देशों को बिना निष्पादित किए ही उन्हें बाहर निकाल देता है।  इस प्रकार की समस्या को Pipelining Hazards कहा जाता है, यह समस्या कई कारणों से होती है, इनमें से कुछ प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं :-

  • Timing Variations :- ऐसा आवश्यक नहीं है कि Pipeline के अलग-अलग चरणों में execute हो रहे अलग-अलग instructions निष्पादन की क्रिया में समान समय ले । कई बार ऐसा होता है कि पहले के चरणों में निष्पादित हो रहे निर्देश बाद के चरणों में निष्पादित हो रहे निर्देशों की तुलना में कम समय लेते हैं। ऐसे परिस्थिति में पाइपलाइन की प्रक्रिया रुक जाती है।
  • Data Hazards :- जब दो या दो से अधिक निर्देश एक साथ Memory से किसी सामान Data को access करना चाहते है तो समस्या उत्पन्न होती है ऐसे में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी निर्देश एक एक करके data को प्राप्त करे नहीं तो पूरे Pipelining में समस्या हो सकती है ।
  • Interrupts ( अवरोध ) :- कई आंतरिक व बाहरी कारणों से निर्देशों के execution के बीच में अवरोध या बाधा उत्पन्न हो जिससे की पूरा पाइप लाइन बंद हो जाता है इसके कई कारण हो सकते है- जैसे की Hardware Failure / Electricity Failure के कारण, Input/Output device के कारण इत्यादि ।
  • Data Dependency :- इस प्रकार की समस्या तब उत्त्पन होती है जब एक निर्देश के परिणाम को दूसरे निर्देश द्वारा उपयोग किया जाता है। लेकिन अगर यह परिणाम अभी तक उपलब्ध नहीं है क्योंकि उस निर्देश का निष्पादन पूरा नहीं है तो समस्या उत्प्पन हो जाती है इस तरह के समस्या को Read –after-write pipelining hazard कहते है । इससे बचने के लिए ऐसे निर्देश जो परिणाम के लिए किसी दूसरे निर्देशों पर निर्भर है उन्हें परिणाम उपलब्ध ना होने तक निष्पादित होने से रोकना चाहिए।

Advantages and Disadvantages of Pipeline in Hindi

Advantages of Pipelining in Hindi:-

  • पाइपलाइनिंग के उपयोग से CPU द्वारा निर्देशों के निष्पादन में लगने वाला औसत समय कम हो जाता है।
  • pipeline के चरणों की संख्या को बढ़ाकर एक साथ निष्पादित निर्देशों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह CPU के overall performance को बढ़ाता है।
  • यह पुरे कंप्यूटर सिस्टम को विश्वसनीय को बढ़ाता है।
  • कंप्यूटर के उपयोगकर्ताओं को आउटपुट के लिए अधिक समय तक प्रतीक्षा नहीं करना पड़ता है क्योंकि पाइपलाइनिंग के प्रयोग से निर्देशों के निष्पादन की प्रक्रिया बहुत जल्दी पूरी हो जाती है।
  • पाइपलाइनिंग केबल प्रोसेसर के डिजाइन में परिवर्तन करके उसके प्रदर्शन को बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए किसी भी विशेष हार्डवेयर उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।

Disadvantages of Pipeline in Hindi:-

  • ऐसे प्रोसेसर का डिज़ाइन जटिल और महंगा होता है, साथ ही इस प्रकार के प्रोसेसर के निर्माण में किसी सामान्य प्रोसेसर की तुलना में ज्यादा समय बर्बाद होता है।
  • Pipelined किए गए प्रोसेसर में निर्देशों के हस्तांतरण से पहले की देरी बढ़ जाती है, अर्थात किसी इंस्ट्रक्शन के निष्पादन की प्रक्रिया को प्रारंभ होने से पहले उसे समान्य CPU की तुलनात्मक में अधिक समय तक प्रतीक्षा करना पड़ सकता है।
  • अधिक लंबी पाइप लाइन, निर्देशों के लिए टकराव की समस्या को बढ़ा देती है ।

Conclusion on Pipeline in Computer Architecture in Hindi:- किसी central processing unit अर्थात CPU को एक ही समय पर एक से अधिक निर्देशों को निष्पादित करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से किसी कंप्यूटर के सीपीयू को कई अलग-अलग चरणों में विभाजित कर दिया जाता है। जिसके फलस्वरूप सीपीयू के अलग-अलग चरणों में एक साथ अलग-अलग निर्देशों का निष्पादन किया जा सकता है। बिना किसी विशेष हार्डवेयर उपकरण के केवल सीपीयू के डिजाइन में परिवर्तन करके ऐसा किया जाता है एवं इस प्रकार के तकनीक के कारण CPU की क्षमता बढ़ जाती है, जिसके फलस्वरूप पूरे कंप्यूटर के प्रदर्शन में बढ़ोतरी होती है। यही कारण है कि आजकल लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस प्रकार के तकनीक का उपयोग होने लगा है।

हालाँकि की पाइपलाइन के इस तकनीक की कुछ खामियां भी है, जैसे कि अगर पाइपलाइन को लगातार पूरी गति के साथ चलाया जाए तो इसके कारण पाइप लाइन को सुचारू रूप से काम करने में असुविधा होता है और कई बार ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण पाइपलाइन काम करना बंद कर देता है और निर्देशों का निष्पादन पूरी तरह से रुक जाता है। इस समस्या को pipeline hazards के नाम से जाना जाता है और इस समस्या के कारण पूरा कंप्यूटर सिस्टम हैंग हो जाता है।

इस लेख में हमने पाइपलाइन को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको Pipeline in Computer Architecture in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप पाइपलाइन के इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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