Pollution Essay in Hindi Language

Pollution Essay in Hindi Language

Pollution Essay in Hindi Language: आज के दौर में विज्ञान ने आधुनिक तौर पर बहुत तरक्की कर ली है लेकिन ये तरक्की जितनी बढ़ी है वातावरण को उतनी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

इसका मतलब कई तरीकों से निकलता है और प्रदूषण के एक नहीं कई तरीके हैं जिनके कारण ये बढ़ता जाता है और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।

विज्ञान के इस दौर में वरदान तो मिले हैं लेकिन इसके साथ ही अभिशाप भी साथ आए हैं। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप है जो विज्ञान की कोख से जन्मा लेकिन इसे अधिकांश जनता को सहना पड़ रहा है।

वैसे तो पॉल्यूशन कई तरह के होते हैं और हम आपको इन सभी के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं इसके साथ ही बहुत से लोगों के सवाल होते हैं कि What is Pollution in hindi essay इसका जवाब भी आपको इस लेख में मिलेगा।

प्रदूषण क्या है ? | What is Pollution?

प्रदूषण हमारे वातावरण में मौजूद ऐसे दूषित पदार्थ होते हैं जो हमारे पर्यावरण को दूषित करते हुए प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ देते हैं।

ये प्रदूषक हमारे वातावरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्राणियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस बात की जानकारी आपको होनी चाहिए कि जब प्रकृति में उपस्थित प्राकृतिक रसायन मनुष्यों के द्वारा निर्मित पदार्थों के साथ अलग-अलग मात्रा में अलग-अलग प्रकार के रासायनिक पदार्थों के मिलते हैं तो ये सभी मिलकर प्रदूषण का निर्माण करते हैं।

प्रदूषण के अलग-अलग प्रकार हमारी पृथ्वी को लगातार खतरे में लेकर जा रहे हैं। इससे मानव के साथ सभी प्रकार के जीवों और पौधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

इससे बहुत सी प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं और इस समस्या से निपटने के लिए हमें लोगों को जागरुक करना चाहिए, जिससे Stop Pollution दुनिया को आगे ले जा सके।

प्रदूषण के प्रकार | Types of Pollution:

प्रदूषण कई प्रकार के होते हैं जिनमें से जल, वायु, भूमि और ध्वनि प्रदूषण मुख्य तौर पर होते हैं।

जब ये अलग-अलग रसायनों से अलग-अलग जगह पर फैलते हैं तो नुकसान वातावरण को ही पहुंचता है।

उदाहरण के लिए अगर कहीं से दूषित गैसें हवाओं में फैल जाएं तो इसे वायु प्रदूषण कहते हैं।

इसी तरह कई अलग-अलग तरह के प्रदूषण होते हैं और यहां पर हम आपको पॉल्यूशन के सभी प्रकारों के बारे में बताएंगे…

1.वायु प्रदूषण क्या है ? | Air Pollution Essay in Hindi:

आज के इस दौर में हम बिना सोचे समझे आधुनिक यंत्रों का उपयोग करते हैं और इसके कारण हमारे वातावरण में उपस्थित हवाओं में अवांछित गैसें, धूल के करण जैसे कई दूषिक उपकरण मिल जाते हैं।

वायु प्रदूषण होने का मुख्य कारण ये है कि हमारे द्वारा चलाए जाने वाले बड़े-बड़े कारखानों से निकलता धूंआ। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों आणविक संयंत्रों और जंगलों में पेड़-पौधे के जलने से भी जो धूंआ निकलता है उससे वायु प्रदूषण हो जाात है।

जानिए क्या होते हैं वायु प्रदूषण के प्रभाव (effects of air pollution).

वायु प्रदूषण के कारण पृथ्वी का तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसके कारण ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी कई समस्याएं सामने आ रही हैं।

इससे ध्रुव पर उपस्थित बर्फ पिघलेगी और बहुत से छोटे देश डूब सकते हैं।

वायु प्रदूषित होने से अम्लीय वर्षा का खतरा भी बढ़ रहा है। अम्लीय वर्षा होने का मुख्य कारण सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड दोनों जब पानी में मिलते हैं तो सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) निर्माण होने लगता है और ये पानी के साथ जब जमीन पर गिरता है तो बहुत नुकसान होता है।

ठंडक के दिनों में कोहरा के धुएं और धूल के कणों का मिलान हो जाता है। इससे आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।

वायु प्रदूषण के प्रभावों से मानवों में कई तरह की बीमारियों का संचार होता है। इसमें सबसे ज्यादा दमा के मरीजों में वृद्धि होती है।

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जल प्रदूषण क्या है ? | Water Pollution in Hindi:

जल प्रदूषण होने का मुख्य कारण कारखानों से निकलने वाले जहरीले पदार्थ, मनुष्यों के मल, गंदे नालों और सीवर का दूषित जल सीधे नदियों में गिराए जाते हैं। इससे जल प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जल प्रदूषण का प्रभाव मुख्य रूप से मनुष्यों, पशुओं और जलीय जीवों पर होने लगता है। बहुत से जलीय जीव इस तरह से नदियों में ही मर जाते हैं और पीने के पानी भी जहरीले बन जाते हैं।

हमें किसी भी तरह से गंदगी नदियों या तालाबों में नहीं करनी चाहिए क्योंकि किसी ना किसी माध्यम से यही गंदगी हम तक पहुंच ही जाती है।

भूमि प्रदूषण क्या है? | Soil Pollution in Hindi:

जमीन पर रहने वाले जहरीले और अनुपयोगी पदार्थ का उपस्थि होना भूमि प्रदूषण का अर्थ होता है। ये सभी भूमि को बंजर बनाने का काम करते हैं।

भूमि प्रदूषण का जिम्मेदार मनुष्य भी है, क्योंकि मानव निर्मित रासायनिक खाद और कचरे जो भूमि में दबते हैं उससे भूमि प्रदूषण हो जाता है।

भूमि प्रदूषण से भूमि बंजर होती है और उसके ऊपर खेती करना असंभव हो जाता है। इससे भूस्खलन आने की संभावना बढ़ती है और दूषित अनाज की पैदावार भी होती है। 

ज्यादा से ज्यदा हो सके तो हमें अपनी भूमि को संभालकर रखना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

ध्वनि प्रदूषण क्या है? | Sound Pollution in Hindi

ध्वनि का मतलब अत्यधिक शोर होना होता है। जब भी तेज कंपन में बजने वाले साउंड या कहीं तेज आवाज में कोई कंपन होता है तो इससे ध्वनि प्रदूषण की संभावना बढ़ने लगती है।

प्रदूषण होने का मुख्य कारक आज के इस आधुनिक दौर में हर व्यक्ति आधुनिक मशीनों का प्रयोग करने लगा है।

वो इतना नहीं जानता कि इसका प्रभाव हमारे वातावरण को दूषित करता है और ये हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि ध्वनि प्रदूषण होने से खुद को और दूसरों को रोके।

इसके अलावा तेज आवाज में गानों को सुनना बंद करें, या बहुत कम कर दें। इससे दूसरे लोगों को परेशानी होती ही है साथ में वातावरण को जो क्षति पहुंचती है ये आप सोच भी नहीं सकते।

इसके प्रभाव से प्रकृति नष्ट होने का खतरा रहता है क्योंकि जो तेज आवाज में हम गाने सुनकर मजे लेते हैं उन आवाजों से प्रकृति को नुकसान होता है।

इसलिए हमें सोच-समझकर उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे प्रकृति या हमारे कानों को कोई नुकसान नहीं हो और किसी को हमारी वजह से कोई परेशानी भी नहीं हो।

प्रदूषण कैसे रोकें? | How to Control Pollution Essay in Hindi:

जल, वायु, भूमि और ध्वनि प्रदूषण को रोकने का एकमात्र जरिए इंसान है। अगर हम सभी मिलकर कुछ ऐसे कदम उठाएं जिससे ये सभी प्रदूषण खत्म ना सही लेकिन कम तो हो जाएं।

ऐसे में हर किसी को जिम्मेदारी के साथ हाथ मिलाकर काम करना होगा। जल प्रदूषण को रोकने के लिए नदी और तालाब में गंदगी ना फैलाएं, वायु प्रदूषण को रोकने के लिए धुंआ रहित तरीकों को अपनाएं, भूमि प्रदूषण को रोकने के लिए बहुत सारी सावधानियां बरतें और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए बेवजह के शोरों को रोक दें।

हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को अच्छा वातावरण देने के लिए आज से काम करना होगा तभी हमारी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित महसूस कर सकती है।

इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनमें से स्वच्छ भारत अभियानभी शामिल है। प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से लड़ने के लिए हर मानव को एकजुट होकर निष्पक्षता के साथ काम करना होगा। 



निष्कर्ष | Conclusion:

प्रदूषण को दूर रखने के लिए अलग-अलग तरह के पेड़ लगाएं, और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करेंष सड़कों के किनारे घने वृक्ष लगाएं, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में खुलकर लोग सांस ले सकें।

प्रदूषण से बचने के लिए प्रदूषित ईधनों से बचना चाहिए, क्योंकि हर किसी को ये समझना होगा कि प्रदूषण के गंभीर समस्या है।

इससे ना सिर्फ मानव जाति को परेशानी होती है बल्कि पृथ्वी पर रहने वाले सभी प्राणियों को जीने में परेशानी होती है और फिर इससे ग्लोबल वॉर्मिंग भी बढ़ने का खतरा होता है।

मानसिक स्वास्थ के लिए हमें हमारे विचारों में परिवर्तन जरूर लाना होगा और यही सोच इंसान को हमेशा स्वस्थ बना सकती है। इसलिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हर वर्ग के मनुष्यों को प्रकृति को सजाने में योगदान देना चाहिए।

उम्मीद है आपको हमारा Pollution यानी Environmental Pollution Essay in Hindi आप सभी को समझ आई होगी और इसे आपने पसंद भी किया होगा।

तो आपको भी पॉल्यूशन को सही करने के लिए कुछ करना चाहिए और दूसरों को प्रेरित करना चाहिए।

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