pop in hindi

What is POP In Hindi

Definition of POP in Hindi:- POP का पूरा नाम Post Office Protocol (पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल) है | इस प्रोटोकॉल का उपयोग mail server से समान्य उपयोगकर्ता के कंप्यूटर तक ई-मेल संदेश को पहुँचने के लिए किया जाता है। उपयोगकर्ता पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल की मदद से मेल सर्वर में आने वाले ईमेल की जानकारियों को डाउनलोड करके अपने निजी कंप्यूटर पर देख सकता है, अर्थात इसके मदद से ईमेल को एक्सेस करने से पहले उन्हें डाउनलोड करना पड़ता है, जिसके कई फायदे और नुकसान है जिनके बारे में हम आगे विस्तार से चर्चा करेंगे।

यह नेटवर्क की मदद से जानकारियों को हस्तांतरित करने के लिए बनाया गया एक पुरानी तकनीक है, जिससे 1980-1990 के दशक में बहुत अधिक उपयोग में लिया जाता था। यह OSI Model के application layer protocol (एप्लीकेशन लेयर प्रोटोकॉल) पर काम करता है।

How does Post Office Protocol work in Hindi

How does POP work in Hindi (पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल कैसे काम करता है) :-  वो सभी ईमेल जो किसी email-id  में भेजे जाते हैं, वह एक ऑनलाइन ईमेल सर्वर में जमा रहते है और जब कोई सामान्य उपयोगकर्ता अपने email-id में लॉगिन करता है, तो Post Office Protocol के मदद से वह जानकारियों को ऑनलाइन सर्वर से डाउनलोड करके अपने नीचे कंप्यूटर पर देख पाता है। यह केवल ईमेल को ऑनलाइन सर्वर से नीचे कंप्यूटर पर डाउनलोड करने में मदद करता है, किसी को email भेजने में मदद नहीं करता। ईमेल भेजने के लिए Simple Mail Transfer Protocol (SMTP) का उपयोग किया जाता है । अर्थात अगर हम साधारण शब्दों में कहें तो इंटरनेट के माध्यम से ई-मेल का उपयोग करके संचार करने के लिए SMTP (सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकोल) और POP दोनों ही प्रोटोकॉल का उपयोग एक साथ किया जाता है। SMTP किसी संदेश को भेजने के लिए तथा POP किसी संदेश को अपने नीचे कंप्यूटर पर डाउनलोड करके देखने के लिए उपयोग किया जाता है।

POP एक बहुत ही पुरानी तकनीक है, जिसे 1980 के दशक में उपयोग किया जाता था। वर्तमान समय में इसे IMAP (इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल) से रिप्लेस कर दिया गया है। आज के समय में POP का उपयोग ना के बराबर होता है, क्योंकि ये हमें किसी ईमेल संदेश को मेल सर्वर से डाउनलोड किए बिना देखने की अनुमति नहीं देता है, अर्थात अगर कोई उपयोगकर्ता POP का उपयोग करके ईमेल की जानकारियों को देखना चाहता है तो उसे पहले उसकी मेल को डाउनलोड करना पड़ता था। लेकिन IMAP में उपयोगकर्ता को ईमेल की जानकारियों को देखने के लिए उन जानकारियों को डाउनलोड करने की कोई आवश्यकता नहीं अर्थात उन्हें ऑनलाइन ही देख सकता है।

History of Post Office Protocol (POP) in Hindi :- Post Office Protocol (POP) को सबसे पहले 1984 में प्रकाशित किया गया था। इस संस्करण को pop 1 के नाम से जाना जाता है। बाद में इसके दो और संस्करण प्रकाशित किया गए 1985 में POP2 और 1988 में POP3. इसका आखरी संस्करण POP 3 सबसे अधिक प्रचलित है, क्योंकि इसमें उपयोगकर्ता के प्रमाणिकता को जांचने के लिए कई नए तंत्र सम्मिलित किए गए थे। 2003 में POP4 के लिए एक अनौपचारिक प्रस्ताव भी रखा गया था। लेकिन चूँकि तब तक IMAP का उपयोग मेल ट्रांसफर के लिए बहुत अधिक होने लगा था, इसलिए इसके विकास के काम को आगे नहीं बढ़ाया गया।

Advantage and Disadvantages of POP in Hindi 

Advantage of POP in Hindi :- पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल के प्रमुख लाभ निम्नलिखित रूप से है :-

  • इसके मदद से एक बार ईमेल उपयोगकर्ता के निजी कंप्यूटर पर डाउनलोड हो जाये तो उपयोगकर्ता बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी उन्हें पढ़ सकते हैं।
  • Post Office Protocol के तीसरे संस्करण के बाद से इसमें ऐसी विशेषताएं जोड़ी की है कि यह उपयोगकर्ता की प्रमाणिकता को जांचने में मदद करता है, और अगर उपयोगकर्ता अपने प्रमाणिकता सिद्ध करने में असमर्थ हो जाता है तो उसे Email Server तक पहुँचने नहीं देता है।
  • इसमें ज्यादा बड़े server space की आवश्यकता नहीं पड़ती क्योंकि एक बार ईमेल सर्वर से डाउनलोड हो जाए तो उन्हें अपने आप हटा दिया जाता है।
  • इसमें Email के size या ईमेल के साथ प्राप्त की जाने वाली जानकारियों के size पर किसी प्रकार का कोई सिमित प्रतिबंध नहीं होता है।
  • कंप्यूटर के Hard Disk में जितना ज्यादा Memory Space होगा उपयोगकर्ता उतने ज्यादा email को अपने निजी मशीन पर डाउनलोड करके रख सकता है।
  • 1985 – 1995 के समय में बहुत अधिक प्रचलित था क्योंकि इसका उपयोग करना बहुत आसान था।

Disadvantage of Post Office Protocol in Hindi :- पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल के प्रमुख ख़राबी निम्नलिखित रूप से है :-

  • Email डाउनलोड होते ही ऑनलाइन सर्वर से भी Delete हो जाता है इसी कारण वह उपकरण जिसमें ईमेल को डाउनलोड करके जमा किया गया है अगर वो किसी कारण से खराव हो जाता है, टूट जाता है, खो जाता है या चोरी हो जाता है तो ईमेल हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगे। इन्हें फिर से प्राप्त करने का कोई तरीका नहीं बचता है, इसीलिए अगर जानकारियों को अच्छे से सुरक्षित करना है तो किसी दूसरे Memory डिवाइस में ईमेल का एक backup File तैयार रखना पड़ता है इन सभी कामों में काफी पैसा और समय बर्बाद होता है।
  • अगर किसी कारण से इंटरनेट का speed बहुत Slow हुआ और कोई बड़े साइज का ईमेल को डाउनलोड करना हो उदाहरण के लिए अगर ईमेल में Video या Audio फाइल Attach करके भेजा गया हो तो उसे अपने निजी कंप्यूटर में डाउनलोड करने में काफी समय लग सकता है ।
  • यहां मेलसर्वर में मौजूद emails को जानकारियों के आधार पर Search करके ढूंढ़ने की सुविधा नहीं देता है। जिसके कारण अगर कोई user मेलसर्वर में मौजूद बहुत सारे ईमेल के बीच में से किसी विशेष ई-मेल को ढूंढना चाहे तो उसे सर्च करके नहीं ढूंढ सकता है।
  • अगर यूजर के मेमोरी डिवाइस में जगह की कमी है, तो वह न तो नए ईमेल को डाउनलोड कर पाएगा न ही पढ़ पाएगा।
  • अगर वह किसी से प्राप्त हुए ईमेल को किसी तीसरे इंसान को Forward करना चाहता है, तो उसे फिर से उसी ईमेल को पहले अपलोड करना पड़ेगा इसमें काफी समय और internet बर्बाद होगा।
  • ईमेल साथ प्राप्त होने वाली attachments में viruses, malware, trojan जैसा कुछ भी हो सकता है। अगर उन्हें डाउनलोड करके स्थानीय रूप से अपने मशीन पर खोला जाए तो इससे यूजर के Memory Device या पूरे कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है।
  • निजी डिवाइस में ईमेल को डाउनलोड करने के बाद Privacy का खतरा उत्पन्न हो सकता है, क्योंकि जितने भी इंसान कंप्यूटर का उपयोग करता है, वह सभी निजी email की जानकारियों को भी देख सकता है।

IMAP vs POP in Hindi

IMAP vs POP in Hindi:- इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल (IMAP) और पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल (POP) में कुछ प्रमुख अंतर निम्नलखित रूप से है :-

POP (Post Office Protocol)IMAP (Internet Message Access Protocol)
यह ईमेल को डाउनलोड किए बिना उसमें मौजूद जानकारियों को देखने की सुविधा नहीं देता है।यह ईमेल को बिना डाउनलोड किए बिना ही उसमें मौजूद जानकारियों को ऑनलाइन देखने की सुविधा प्रदान करता है।
चूँकि इसमें सभी ईमेल को अपने निजी कंप्यूटर में Download करना पड़ता है, जिसके फलस्वरूप एक बार ईमेल डाउनलोड हो जाए तो बिना इंटरनेट या नेटवर्क कनेक्शन के सभी ईमेल को एक्सेस किया जा सकता है।इसमें सभी ईमेल को अपने निजी कंप्यूटर पर डाउनलोड नहीं करना पड़ता हैं, इसलिए इंटरनेट ना रहने पर ईमेल को Access नहीं किया जा सकता है।
यह एक साधारण प्रोटोकोल है जो मेल सर्वर पर जानकारियों को प्रबंधित करने की सुविधा नहीं देता।यह एक आधुनिक प्रोटोकॉल है जो मेल सर्वर पर सभी ईमेल को अलग-अलग फोल्डर में सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करने की सुविधा प्रदान करता है।
इसमें मेल सर्वर से Email को एक बार में एक डिवाइस से ही एक्सेस किया जा सकता है।कई अलग-अलग उपकरणों से मेल सर्वर की जानकारियों को एक्सेस किया जा सकता है।
इसमें यूजर mail server पर email को create, delete या rename नहीं कर सकता है।इसमें यूजर mail server पर email को create, delete या rename सब कर सकता है।
वर्तमान समय में इसका उपयोग ना के बराबर होता है।सभी आधुनिक ईमेल सेवा देने वाली कंपनियां जैसे कि Gmail, Yahoo mail, Hotmail आदि इसी IMAP प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।

 

Summary of Post Office Protocol in Hindi :- पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल नेटवर्क के माध्यम से जानकारियों को हस्तांतरित करने के उद्देश्य से बनाया गया पहला मैसेजिंग प्रोटोकोल था। हालाँकि POP 1980 के दशक के आसपास काफी प्रचलित था और आज के समय में बहुत कम ही उपयोग में लिया जाता है, लेकिन आज के समय में इंटरनेट के माध्यम से ईमेल को हस्तांतरित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले आधुनिक ईमेल प्रोटोकॉल्स जैसे कि IMAP (Internet Message Access Protocol) आदि को भी POP से ही प्रेरणा लेकर बनाया गया है, अर्थात हमें ऐसा कह सकते हैं कि आधुनिक ईमेल प्रोटोकॉल भी पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल का ही एक आधुनिक संस्करण है। इसलिए आज के स्टूडेंट के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वह इसके कार्यप्रणाली को अच्छे से समझें।

इस लेख में हमने पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको POP in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप Post Office Protocol के इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके और अधिक उपयोगी बना सकें।

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