Satellite क्या है? | Satellite in Hindi (Full Guide)

Satellite क्या है? | Satellite in Hindi (Full Guide)

Satellite क्या है? | Satellite in Hindi (Full Guide): आप सभी ने Satellite यानी उपग्रह का नाम तो सुना ही होगा लेकिन सही मायने में इसका मतलब क्या होता है ये बहुत कम लोग ही जान पाते हैं।

Satellite हवा में कैसे टिका रह जाता है, दैनिक जीवन में इसका क्या काम है और टीवी पर प्रसारित होने वाली चीजें हमारे घरों में कैसे आ जाती है?

इस तरह के कई सवाल आम लोगों के मन में होते हैं लेकिन फिक्र की कोई बात नहीं यहां हम आपको Satellite meaning in Hindi बताएंगे और इस लेख में आपको सेटेलाइट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मिल जाएगी।

सेटेलाइट क्या है? | What is Satellite in Hindi?

about satellite in hindi

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अगर आसान भाषा में बोलें तो सेटेलाइट एक छोटा सा ऑब्जेक्ट है जो अपने कहीं बड़े Objects के चारों तरफ अंतरिक्ष के चक्कर लगा रहा है।

हिंदी में Satellite को उपग्रह कहते हैं और इस हिसाब से हमारी पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाने वाला चंद्रमा भी एक सेटेलाइट ही माना जाता है लेकिन ये एक प्राकृतिक उपग्रह होता है।

चंद्रमा इंसान के हिसाब से नहीं चलता है लेकिन इसी से प्रेरित होकर इंसान ने खुद के सैटेलाइट बनाकर उन्हें पृथ्वी की कक्षा में छोड़ दिया है।

मानव द्वारा निर्मित Satellite एक छोटे से टीवी के आकार से लेकर एक बड़े से ट्रक के बराबार होता है और इनकी साइज इनके काम पर निर्भर करती है।

सैटेलाइट के बारे में आपको satellite Wikipedia in Hindi(wiki) पर कई सारी जानकारियां मिल जाएंगी, जहां पर कई विशेषज्ञों की राय पर जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।

सैटेलाइट के दोनों तरफ Solar Panel लगे होते हैं जिनसे इनको ऊर्जा मिलती है और वहीं इनके बीच में Transmitter और Receiver लगे होते हैं जिनसे सिग्नल भेजने का काम होता है।

इसके अलावा कुछ कंट्रोल मीटर भी होते हैं जिनकी मदद से सैटेलाइट को रिमोटली कंट्रोल किया जाता है, इनकी स्थिति को बदलना हो या इसका एंगल चेंज करना हो वो सब इस Control Meter से ही होता है।

Satellite को किस काम के लिए बनाया गया है वो ऑब्जेक्ट आपको उसी सैटेलाइट में देखने को मिल जाते हैं, जैसे उपग्रह को पृथ्वी की इमेज के लिए बनाया गया है तो सैटेलाइट में बड़े कैमरे लगे होते हैं या फिर स्कैनिंग के लिए बनाया गया है तो उसमें स्कैनर लगे होते हैं।

मुख्य रूप से उपग्रह को हम कम्युनिकेशन के काम में लाते हैं क्योंकि रेडियो और ग्राउंड वेब धरती की पूरी कम्युनिकेशन में काम नहीं आ सकता इस वजह से Satellite Communication के काम में लिए जाते हैं।

सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्या है? | What is Satellite Communication in Hindi:

Satellite Communication को हिंदी में संचार उपग्रह कहते हैं और ये एक कृत्रिम उपग्रह होता है।

ये एक स्रोत ट्रांसमीटर और पृथ्वी पर अलग-अलग स्थानों पर एक रिसीवर के बीच संचार करने के लिए चैनल बनाता है। संचार उपग्रहों का इस्तेमाल टेलीफोन, टेलीविज़न, रेडियो, इंटरनेट के प्रयोगों के लिए किया जाता है।

संकेतों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए Wireless संचार विद्युत चुम्बकीय तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

अगर आप पृथ्वी के एक तरफ से दूसरी तरफ टीवी प्रसारण जैसे कुछ भेजना चाहते हैं तो इसमें तीन चरण पाए जाते हैं।

सबसे पहले वहां अपलिंक होती है, जहां डेटा को पृथ्वी पर एक ग्राउंड स्टेशन से उपग्रह तक पहुंचाया जाता है।

इसके बाद उपग्रह कई ऑन-बोर्ड ट्रांसपोंडर जैसे रेडियो रिसीवर, एम्प्लीफायर्स और ट्रांसमीटर का प्रयोग करके डेटा का प्रोसेस होता है।

ये आने वाले सिग्नल्स को बढ़ावा देता है और इसकी Frequency बदलती है इस वजह से आने वाले सिग्नल आउटगोइंग सिग्नल के साथ भटकते नहीं है।

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सैटेलाइट में कितनी कैटेगरी होते हैं? | How Many Category in Satellite:

Satellite क्या होता है इस बारे में आपने जान ही लिया होगा लेकिन इसमें बड़ा सवाल ये भी है कि सैटेलाइट हवा में ऊपर लटका कैसे रहता है?

ये धरती पर क्यों नहीं गिरता है?

इन सबका एक सिंपल सा जवाब है अगर किसी चीज को अंतरिक्ष में रहना होता है तो उसे अपनी एक गति से किसी बड़े ऑब्जेक्ट का चक्कर लगाते रहना चाहिए।

इनकी स्पीड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को अपने ऊपर बिल्कुल भी हावी नहीं होने देती, इसी नियम के कारण सारे उपग्रह हवा में टिके रहते हैं।

अब अगर बात Satellite kitne hote hain की करें तो इन्हें तीन Categories में बांटा गया है…

Low Earth Orbit Satellite:

ये उपग्रह की कक्षा के बहु पास होते हैं, इनकी ऊंचाई 160 से 1600 किलोमीटर तक होती है। ये काफी तेजी से पृथ्वी के चक्कर लगाते हुए एक दिन में कई बार पृथ्वी के चक्कर को पूरा कर लेता है। ऐसे में इन्हें धरती को स्कैन करने में काफी समय लगता है फिर भी इनका काम इमेज और स्कैनिंग के लिए ही किया जाता है।

Medium Earth Orbit Satellite:

ये उपग्रह तेजी या स्लो स्पीड में चक्कर लगाने के बजाए 12 घंटे में धरती का चक्कर पूरा करता है। ये Satellite किसी जगह से एक निश्चित समय से गुजरता है और इनकी ऊंचाई 10 से 20 हजार किलोमीटर तक होती है। इनका ज्यादातर उपयोग नेवीगेशन के लिए होता है।

High Earth Orbit Satellite:

ये उपग्रह धरती से बहु दूर यानी 36 हजार किलोमीटर के करीब से गुजरता है। ये उपग्रह पृथ्वी की स्पीड के साथ इसके चक्कर भी लगाते हैं यानी ये उपग्रह अगर आपके ठीक ऊपर हो तो वे हमेशा आपके ऊपर ही रहेगा। इन उपग्रहों का उपयोग कम्युनिकेशन के लिए होता है।

सैटेलाइट का उपयोग कितने प्रकार से होता है? | Uses of Satellite in Hindi:

Satellite क्या होता है इसके बारे में आपने विस्तार से समझ लिया लेकिन इसका उपयोग किन-किन तरह से किया जाता है इसके बारे में भी आपको जानना चाहिए।

उपग्रह सभी शेप्स और साइज में उपलब्ध हैं और इसकी अलग-अलग भूमिकाएं अपना-अपना काम करते हैं जो इस प्रकार हैं..

मौसम उपग्रह | Weather Satellite:

मौसम उपग्रह यानी Weather Satellite वैज्ञानिकों को मौसम की भविष्यवाणी करने में मदद करता है। इसके अलावा वे इसके जरिए देख पाते हैं कि भमंडल में इस समय क्या हो रहा है।

Geostationary Operational Environmental Satellite (GOES) इसके लिए एक अच्छा उदाहरण है।

इन सैटेलाइट में कैमरे लगे होते हैं जो निश्चित भूस्थैतिक स्थिति से या ध्रुवीय कक्षाओं से पृथ्वी के मौसम की तस्वीरें भेजते हैं।

संचार उपग्रह | Communication Satellite:

कम्युनिकेशन सैटेलाइट टेलीफोन और डेटा वार्तालाप को सैटेलाइट के माध्यम से रिले करने की परमिशन देता है।

विशिष्ट संचार उपग्रहों में Telstar और Intelsat मौजूद होता है।

कम्युनिकेशन सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत ट्रांसपोंडर होता है जो एक रेडियो की फ्रिक्वेंसी पर एक वार्तालाप को प्राप्त करता है और फिर इसे एम्प्लिफाइज करता है।

इसी समय दूसरी फ्रिक्वेंसी पृथ्वी पर वापस भेजने का काम करता है। एक उपग्रह में आमतौर पर हजारों ट्रांसपोंडर पाए जाते हैं और कम्युनिकेशन सैटेलाइट पर जियोसिंक्रोनस होते हैं।

प्रसारण उपग्रह | Broadcast Satellite:

जब हम किसी मैच या न्यूज को लाइव देख रहे होते हैं तो इसे ब्रोडकास्ट सैटेलाइट के जरिए ही कोने-कोने तक पहुंचाया जाता है।

प्रसारण उपग्रह टेलीविजन सिग्नल को एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट कर फैलाने में मदद करता है इसका कुछ हद तक काम कम्युनिकेशन सैटेलाइट की तरह ही होता है।

वैज्ञानिक उपग्रह | Scientific Satellite:

वैज्ञानिक उपग्रह में हबल स्पेस टेलीस्कोप हमेशा वैज्ञानिक मिशन पर ही रहते हैं और इसी के लिए काम करते हैं। वे सूर्यास्त से लेकर गामा किरणों तक सबकुछ आसानी से देख सकते हैं।

नेविगेशनल सैटेलाइट | Navigational Satellite:

नेविगेशनल उपग्रह जहाजों और विमानों को निगेटिव मोड पर जाने से बचाते हैं। इसमें सबसे प्रसिद्ध GPS Navstar Satellite लगा होता है, जिससे विमान नियंत्रित रहता है।

बचाव उपग्रह | Rescue Satellite:

जब भी भू-कक्षा में उपग्रह से कोई तंत्र द्वारा विपत्ति चेतावनी की समस्या उत्पन्न होती है तो वहां रेस्क्यू सैटेलाइट काम आता है।

अगर साधारण भाषा में कहें तो बचाव उपग्रह रेडियो संकट सिग्नल का जवाब देने के लिए होते हैं।

पृथ्वी अवलोकन उपग्रह | Earth Observation Satellite:

अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट तापमान से लेकर वनस्पतियों तक बर्फ-चादर कवरेज तक सबकुछ परिवर्तित करने के लिए ग्रह की जांच करने का काम करते हैं। इसमें सबसे प्रसिद्ध Landsat श्रृंखला होती है।

सैन्य उपग्रह | Military Satellite:

सैन्य उपग्रह कहां होता है इसका इस्तेमाल क्या होता है इसकी वास्तविक एप्लीकेशन की जानकारी गुप्त रखी जाती है।

एप्लीकेशन में एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन, परमाणु निगरानी, मिलाइल लॉन्च की पहली चेतावनी, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना, स्थलीय रेडियो लिंक, रडार इमेजिंग और फोटोग्राफी जैसे कामों के लिए मिलिट्री सैटेलाइट का प्रयोग किया जाता है।

भूस्थिर उपग्रह क्या है? | Geostationary Satellite in Hindi:

एक भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा से लगभग 22 हजार मील ऊपर पृथ्वी के चक्कर लगाता है।

इस ऊंचाई पर पृथ्वी के चारों ओर एक पूरी यात्रा में लगभग 24 घंटे का समय लगता है।

इस तरह उपग्रह हर समय पृथ्वी की सतह पर उसी स्थान पर रहता है और सतह पर किसी बिंदू से आकाश में स्थिर बना रहता है, जहां से इसे आसानी से देखा जा सकता है।

मौसम उपग्रह आमतौर पर इसी तरह के होते हैं और इन उपग्रहों के चित्र इंटरनेट पर Purdue Weather Processor के जरिए देखा जाता है।

तीन ऐसे उपग्रह समान अंतराल पर जो 120 कोणीय डिग्री से अलग पूरी दुनिया का कवरेज दे सकते हैं।

एक Geostationary satellite को आकाश में उस जगह पर डिश एंटीना के जरिए पहुंचा जा सकता है जहां ये उपग्रह घूमता रहता है।



निष्कर्ष | Conclusion:

इस पोस्ट के माध्यम से आप किसी को भी Upgrah ke prakar क्या होते हैं उसे समझा सकते हैं।

Satellite ki Paribhasha भी आप इसी पोस्ट की मदद से समझ सकते हैं इसके अलावा उम्मीद है अब आपको Uses Of Satellite In Hindi की जानकारी भी बखूबी प्राप्त हो गई होगी।

अगर आपको Satellite Information In Hindi पसंद आया है तो आप इसे Social Media के किसी भी Platform पर Share कर सकते हैं।

अगर आपको What Is Satellite In Hindi समझने में कोई भी परेशानी हुई है तो आप इससे जुड़े सवाल Comment Box में पूछ सकते हैं, धन्यवाद।।

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