software design process in hindi

What is Software Design Process in Hindi

Definition of Software Design Process in Hindi:- सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रोसेस या सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया ग्राहक या अन्य उपयोगकर्ता की कार्यात्मक आवश्यकताओं को कुछ ऐसे सुविधाजनक योजना के रूप में बदलने की एक प्रक्रिया है, जिसके उपयोग से प्रोग्रामर को सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग करने में मदद मिलती है। Software design के इस चरण में उपयोगकर्ता की जरूरतों को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद से Source Code में किस प्रकार से बदला जाये इसकी रुपरेखा तैयार किया जाता है।

यह Software Design Life Cycle (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल) या SDLC का दूसरा चरण है, जिससे Requirement Gathering और Analysis वाले पहले चरण के बाद पूरा किया जाता है। software design के इस चरण में Requirement Gathering और Analysis के अंतर्गत इकट्ठा किए गए ग्राहक के आवश्यकताओं की सूचियों को प्रोग्राम कोड में किस प्रकार से परिवर्तित करना है इसके लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार किया जाता है। Algorithm और Flowchart जैसी महत्वपूर्ण कामों को भी इसी चरण में पूरा किया जाता है।

Type of Software Design Process in Hindi

Type of Software Design Process in Hindi ( सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया का प्रकार ) :-

  • Architectural Design :- ये किसी सॉफ्टवेयर सिस्टम की समग्र संरचना का उल्लेख करती हैं। यह किसी प्रोजेक्ट के सभी घटक जैसे कि उपयोगकर्ता, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर इत्यादि को एक System मान कर सबको कार्यक्षमता करती है और सभी घटकों के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान किस प्रकार से किया जाएगा इसका विवरण भी Architectural Design में दिया जाता है।
  • High-level Design:- यह पूरे प्रोजेक्ट को एक System मानकर काम करने की अवधारणा को नकारता है। High-level Design में System हो अलग-अलग modules के रूप में बांट दिया जाता है। Modules किसी सिस्टम के एक या एक से अधिक स्वतंत्र इकाइयों को मिलाकर बनता है। इसमें डिजाइनर का पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि पूरे System को अलग-अलग modules में कैसे बांटा जाए और इन सभी modules के बीच जानकारियों का आदान-प्रदान किस प्रकार से करवाया जाए।
  • Detailed Design:- इसमें किसी System को कार्यरूप में परिणति कैसे करना है, इससे संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। साथ ही इसमें सिस्टम के मॉड्यूल या घटक आपस में जानकारियों का आदान-प्रदान कैसे करेंगे इससे संबंधित तार्किक संरचना का विवरण होता है।

Objectives of Software Design in Hindi ( सॉफ्टवेयर डिजाइन के उद्देश्य ) :- Software Design Process को निम्नलिखित उद्देश्य का पालन करना  चाहिए

  • Correctness:- सॉफ्टवेयर डिजाइन ग्राहक के आवश्यकताओं को पूरा करने योग्य होना चाहिए।
  • Completeness:- डिजाइन में data structures, modules और बाहरी इंटरफेस आदि जैसे सभी घटक मौजूद होने चाहिए।
  • Efficiency:- Software द्वारा सभी उपलब्ध संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया जाना चाहिए।
  • Flexibility:- Software Design Process को ऐसा होना चाहिए की ग्राहक के बदलते अवस्थाओं के अनुसार भविष्य में डिजाइन को संशोधित किया जा सके।
  • Consistency: डिजाइन में सभी भागों के बीच सामंजस्यपूर्ण एकरूपता का भाव होना चाहिए।
  • Maintainability: डिजाइन इतना सरल होना चाहिए की इसे अन्य डिजाइनरों द्वारा आसानी से समझकर संभालना जा सके।

Advantage of Software Design Process in Hindi ( सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया के लाभ ):-

  • प्रोग्रामर्स के लिए सॉफ्टवेयर को बनाना आसान हो जाता है।
  • Project से संबंधित सभी समस्या और उनके समाधान का एक विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध होता है।
  • सॉफ्टवेयर के किसी एक modules को या पुरे system को बनाने के बाद उसे Test करना आसान है।
  • बदलती आवश्यकताओं के अनुसार कभी भी Project को संशोधित करना आसान हो जाता है।
  • सॉफ्टवेयर को maintain करना या संभालना आसान होता है।
  • Software Design Process के चरण में ही एल्गोरिथम और फ़्लोचार्ट बनाये जाते है, जिसका उपयोग software engineer या developer प्रोग्राम के सोर्स कोड को लिखने में करता है।
  • सॉफ्टवेयर सिस्टम के डेटाबेस को प्रबंधित करने से संबंधित पूरी योजना इसी चरण में बनाई जाती है तथा प्रोग्राम में डेटा के प्रवाह को किस प्रकार से संभाला जाएगा इसके लिए data structures डिजाइन भी तैयार किया जाता है।
  • सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया के माध्यम से ग्राहक के जटिल आवश्यकताओं को प्रोग्राम के सोर्स कोड में बदलने के लिए पूरा मार्गदर्शन सॉफ्टवेयर इंजीनियर को प्रदान करने का प्रयास किया जाता है अर्थात यह सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के Code को लिखने में बहुत अधिक सहायक होता है।

Verification of Software design Process in Hindi( सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रोसेस का जांच पड़ताल ):- सॉफ्टवेयर डिजाइन प्रक्रिया का आउटपुट सभी कार्यात्मक या गैर-कार्यात्मक आवश्यकताओं का  विस्तृत विवरण है। इसका अगला चरण, जो कि सॉफ्टवेयर का कार्यान्वयन है लेकिन सॉफ्टवेयर पर काम शुरू करने से पहले डिजाइन को सत्यापित करना आवश्यक हो जाता है।  इससे डिजाइन में मौजूद किसी किसी भी गलती को दूर कर के बाद में उत्तपन होने वाले समस्या से बचा जा सकता है। सॉफ्टवेयर डिजाइन, सटीकता और गुणवत्ता के लिए अच्छे से डिजाइन की समीक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है।

Conclusion on Software Design Process in Software Engineering in Hindi :- सॉफ्टवेयर का निर्माण करना एक जटिल प्रक्रिया है इसलिए इस जटिल प्रक्रिया को आसान बनाने के उदेश्य से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल या SDLC में सॉफ्टवेयर निर्माण की प्रक्रिया को कई अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है। आमतौर पर software development के कुल 6 अलग-अलग चरण होते हैं।

इसका पहला चरण Requirement Gathering and Analysis का होता है जिसे Planning के नाम से भी जाना जाता है इस चरण में software analyst (सॉफ्टवेयर ऐनलिस्ट) के द्वारा ग्राहक की आवश्यकताों को इकट्ठा करके यह समझने का प्रयास किया जाता है तथा यह समझने का प्रयास किया जाता है कि customer जिस सॉफ्टवेयर उत्पाद को बनवाना चाहता है उसमें कौन-कौन सी विशेषताएं होनी चाहिए।

Software Design इसका दूसरा चरण है सॉफ्टवेयर डिजाइन के चरण के अंतर्गत SDLC के पहले चरण अर्थात प्लानिंग वाले चरण में जिन आवश्यकताओं एवं जरूरतों का विश्लेषण करके इकट्ठा किया गया था उन्हें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के मदद से सोर्स कोड software engineer द्वारा सोर्स कोड में किस प्रकार से परिवर्तित किया जाए इसके लिए एक रूपरेखा तैयार की जाती है। Software Design Process के चरण में ही एल्गोरिथम और फ़्लोचार्ट बनाये जाते है।

इस लेख में हमने Software Design Process को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको Software Design Process in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप हमे इस आर्टिकल से संबंधित कोई सुझाव देना चाहते हैं। तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं जिससे कि हम अपने आर्टिकल में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

 

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