Software Reliability in Software Engineering in Hindi

What is Software Reliability in Hindi

Definition of Software Reliability in Software Engineering in Hindi :- सॉफ्टवेयर रेलिएबिलिटी या सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता किसी सॉफ्टवेयर की क्षमता और विश्वसनीयता जाँचने की विधि है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में इसका उपयोग यह जाँचने के लिए किया जाता है कि कोई सॉफ्टवेयर उत्पाद विशिष्ट परिस्थितियों में आवश्यक कार्यों को करने में सक्षम है या नहीं।

Software Reliability यह दर्शाता है कि वह सॉफ्टवेयर उत्पाद हर परिस्थिति में input के आधार पर सही output देने में सक्षम है तथा कोई भी संभावित External Factors अनावश्यक रूप से सॉफ्टवेयर सिस्टम के आउटपुट को प्रभावित नहीं करता है। किसी सॉफ्टवेयर को reliable या विश्वसनीय तब माना जाएगा जब वह हर परिस्थिति में इनपुट के अनुसार सही आउटपुट देने में समर्थवान हो। इस प्रकार का परीक्षण Software Development Life Cycle (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल) या SDLC के विभिन्न स्तरों पर किया जाता है, जो उत्पाद की विश्वसनीयता और निर्भरता को और बढ़ाता है।

Need of Software Reliability in Hindi:- कई बार सॉफ्टवेयर उत्पाद सामान्य परिस्थितियों में ठीक से काम कर रहा होता है

Software Reliability in Hindi

Software Reliability in Software Engineering in Hindi

लेकिन जब सॉफ्टवेयर पर कार्यभार बढ़ाया जाता है जैसे की इनपुट की मात्रा को समान्य से अधिक कर देना या लगातार कई घंटो तक सॉफ्टवेयर का उपयोग करते रहने पर सॉफ्टवेयर के प्रदर्शन में नकारात्मक पर बदलाव देखने को मिलते हैं। Software Reliability Testing के माध्यम से उन सभी परिस्थितियों को ढूंढने का प्रयास किया जाता है जो सॉफ्टवेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करने में सक्षम होता है। अगर कोई सॉफ्टवेयर उत्पाद सभी परिस्थितियों में समान रूप से काम करें तथा कार्यभार का दबाव बढ़ाने पर भी सॉफ्टवेयर के प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े, तो ऐसे सॉफ्टवेयर को एक reliable या विश्वसनीय अर्थात उच्च गुणवत्ता वाला सॉफ्टवेयर उत्पाद माना जाता है।

Objective of Software Reliability Testing in Hindi:- सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में रेलिएबिलिटी टेस्टिंग के प्रमुख्य उदेश्य निम्नलखित रूप से है :-

  • अलग-अलग प्रकार के इनपुट एवं इनपुट के क्रम में बदलाव से सॉफ्टवेयर सिस्टम के आउटपुट में होने वाले परिवर्तन का विश्लेषण।
  • विशिष्ट समय की अवधि में सॉफ्टवेयर सिस्टम द्वारा गलत आउटपुट प्रदान करने की कुल संख्या या Output प्रदान करने में असमर्थता।
  • वह कौन-कौन सी परिस्थितियां हैं जो सॉफ्टवेयर के output को आनावश्यक रूप से प्रभावित कर रही है, उन सभी कारणों का पता लगाना।
  • सॉफ्टवेयर द्वारा Output प्रदान करने में लिए गए समय का विश्लेषण। इसमें मुख्य रूप से यह जांच जाता है कि कहीं सॉफ्टवेयर किसी विशेष परिस्थितियों में आउटपुट प्रदान करने में सामान्य से अधिक समय तो नहीं लेता।

Types of Software Reliability Testing in Hindi

Types of Software Reliability Testing in Hindi :- सॉफ्टवेयर रेलिएबिलिटी टेस्टिंग मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है :-

  1. Feature Testing:- इसमें सॉफ्टवेयर द्वारा किये जाने वाले प्रत्येक कार्य को कम से कम एक बार निष्पादित किया जाता है और अगर सॉफ्टवेयर में दो या दो से अधिक function एक दूसरे को परस्पर प्रभावित करते हैं तो उस प्रभाव को कम किया जाता है।
  2. Regression Testing:- जब सॉफ्टवेयर उत्पाद में किसी नए कार्यक्षमता या functionality को जोड़ा जाता है या किसी पुराने कार्यक्षमता को निकालकर ठीक किया जाता है या किसी सॉफ्टवेयर में मौजूद त्रुटियों को निकलकर उन्हें ठीक किया जाता है तो इस परिवर्तन के बाद पूरे सॉफ्टवेयर उत्पाद का Regression testing किया जाता है। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस परिवर्तन के बाद सॉफ्टवेयर के किसी अन्य functionality पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ रहा है और सॉफ्टवेयर अन्य सभी कामों को ठीक से करने में सक्षम है।
  3. Load Testing:- लोड टेस्टिंग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि सॉफ्टवेयर अधिकतम कार्यभार को प्राप्त करने में सक्षम है या नहीं। इसके मदद से यह जाँचा जाता है कि कहीं कार्यभार बढ़ाने से सॉफ्टवेयर के प्रदर्शन पर कोई दुष्प्रभाव तो नहीं पड़ रहा।

Features of Software Reliability Testing in Hindi:- रेलिएबिलिटी टेस्टिंग की विशेषताएं निम्नलिखित रूप से है :-

  • रेलिएबिलिटी टेस्टिंग आश्वस्त करता है कि सॉफ्टवेयर हर परिस्थिति में सही ढंग से काम करने में सक्षम है।
  • यह ग्राहक को उत्पाद उपयोग के लिए देने से पहले उसमें मौजूद समस्याओं और दोषों की पहचान करने में मदद करता है।
  • यह सुनिश्चित करता है कि सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं की विश्वसनीयता और आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है।
  • यह सॉफ्टवेयर डिजाइन और कार्यक्षमता में छुपे हुए दोषों को उजागर करने में मदद करता है।
  • इसमें software development के विभिन्न चरणों से डेटा एकत्र किया जाता है।
  • यह उत्पाद के प्रति विश्वसनीयता को बढ़ने वाला महत्वपूर्ण पहलू है।

Conclusion on Software Reliability Testing in Hindi:- किसी भी अच्छे सॉफ्टवेयर उत्पाद के लिए बहुत आवश्यक है कि वह भी परिस्थिति में ठीक से काम करने में सक्षम हो तथा कार्यभार बढ़ाये जाने पर भी उस उत्पाद के प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता हो। इन्हीं कारणों से Software Development Life Cycle (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल) या SDLC में रेलिएबिलिटी टेस्टिंग को बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी माना जाता है। यह सॉफ्टवेयर उत्पाद के विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बढ़ाता है और इसके बाद सॉफ्टवेयर निर्माता आश्वस्त हो जाते हैं कि सॉफ्टवेयर सभी परिस्थितियों में बिना किसी परेशानी के ठीक से कारण करने में सक्षम है।

इस लेख में हमने रेलिएबिलिटी टेस्टिंग को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है उम्मीद है कि आपको Software Reliability in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप इस से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं ताकि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सकें।

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