System Analysis and Design in Hindi

System Analysis and Design in Hindi

Definition of System Analysis and Design in Hindi:- सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाईन को संक्षेप में SAD भी कहा जाता है। इसका उपयोग Software engineering में किसी व्यवसाय, संगठन इत्यादि के समस्या के निवारण के लिए एक कंप्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर प्रणालि बनाने की योजना बनाई जाती हैं। Systems Analysis and Design की प्रक्रिया में किसी भी एक समस्या को सभी अलग-अलग संभव तरीकों से हल करने के बारे में सोचा जाता है , और जो तरीका सबसे अच्छा हो उसके उपयोग से सॉफ्टवेयर प्रणालि बनाई जाती है।

System analysis के काम को करने वाले लोगों को systems analyst कहते है। किसी System analyst के ग्रुप में कई अनेक प्रकार के योग्यता वाले लोग होते है जैसे की managers , computer programmer  तथा संगठन से जुड़े कुछ अन्य लोग जिनके लिए उत्पाद को बनाया जा रहा है।

Steps of System Analysis and Design in Hindi

Main Steps of System Analysis and Design in Hindi:- सिस्टम विश्लेषण और डिजाइन के मुख्य चरण निम्नलिखित रूप से है:-

  • Defining User Requirements:- उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को समझना Systems analysis का सबसे महत्वपूर्ण और कठिन काम है। इसके लिए कई तथ्य-खोज तकनीकों का उपयोग किया जाता है। जैसे साक्षात्कार, प्रश्नावली, और अवलोकन, आदि।
  • Analysis and Evaluation :- अगर ग्राहक द्वारा वर्त्तमान में कोई कंप्यूटर आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है तो इस चरण में एक विश्लेषक उसकी जाँच करता है की वो उपयोगकर्ता की जरूरतों को किस हद तक पूरा करते हैं और उसमे क्या – क्या कमीयां है।
  • Prioritizing Requirements :- इस चरण में systems analyst के टीम के सब लोग आपसी सहमति से ग्राहक के सबसे मुख्य प्राथमिकतायों को तय करते है।
  • Problem Solving :- ग्राहक के समस्या का गहराई से अध्ययन करने के बाद विश्लेषक समस्या को हल करने के सभी वैकल्पिक तरीकों का अध्य्यन करता है और सर्वश्रेष्ठ समाधान का चयन करता है।
  • Functional Specifications :- इस चरण में systems analyst उपयोगकर्ता, ग्राहक और प्रबंधक को एक सटीक और विस्तृत दस्तावेज़ उपलब्ध करवाता है इसमें ग्राहक के सभी जरूरतों की विस्तृत जानकारी होती है।  इससे ग्राहक संतुष्ट हो जाता है की उसके सभी जरूरतों को अच्छे से समझ लिया गया है और अगर ग्राहक चाहे तो वो कुछ नए जरूरतों को भी अभी ही जोर सकता है।
  • Designing Systems:- इस भाग में system analyst द्वारा दिए जाने वाले दस्तावेज़ के आधार पर software programmer कोडिंग के काम को शुरू कर देता है।
  • Testing :- इस भाग में सॉफ्टवेयर में मौजूद किसी भी त्रुटिओं की जाँच की जाती है और यह भी जाँचा जाता है कि जीन जरूरतों को पूरा करने के लिए सॉफ्टवेयर को बनाया गया था, सॉफ्टवेयर उन जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है या नहीं। सॉफ्टवेयर के सफल परीक्षण के बाद उस पुरे मशीन की भी जांच की जाती है जिसके साथ software को काम करना है।
  • Implementation :- कंप्यूटर आधारित प्रणाली को अच्छे से जांच लेने के बाद इस भाग में उसे ग्राहक की आवश्यकता अनुसार सही स्थान पर स्थापित कर दिया जाता है। कई बार इसी चरण में उपयोगकर्ता को इस बात के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है कि प्रणाली का उपयोग किस प्रकार से करना है।

Advantages and Disadvantages System Analysis and Design in Hindi 

Advantages of System Analysis and Design in Hindi :-

  • उन सभी लक्ष्यों की ओर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है जिन्हें ग्राहक प्राप्त करना चाहता है।
  • इससे ग्राहक की संतुष्टि में बढ़ोतरी होती है क्योंकि उत्पाद के तैयार होने से पहले ही उसका पूरा लिखित विवरण उन्हें उपलब्ध करवा दिया जाता है।
  • software engineer (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), software tester (सॉफ्टवेयर टेस्टर) तथा प्रोजेक्ट में शामिल अन्य सभी सदस्यों के काम को पहले से ही परिभाषित कर दिया जाता है जिसके कारण सभी सदस्यों को पता होता है कि किसे कौन सा काम करना है।
  • यह पूरे सॉफ्टवेयर निर्माण की प्रक्रिया एवं उसमें शामिल लोगों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करता है अर्थात यह बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (project management) एवं टीम मैनेजमेंट (team management) में सहायक है।
  • सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाइन के अंतर्गत तैयार किए गए डिजाइन और एल्गोरिदम से सॉफ्टवेयर इंजीनियर या प्रोग्रामर को कोड लिखने की प्रक्रिया में बहुत अधिक मदद मिलती है।
  • यहां किसी प्रोजेक्ट में मौजूद सभी संभावित विरोधाभासों को पहले ही खत्म करदेता है, जिससे कि भविष्य में उत्पन्न होने वाले समस्याओं से निपटने का रास्ता पहले ही साफ हो जाता है।
  • यह सॉफ्टवेयर निर्माण की प्रक्रिया में लगने वाले कुल लागत, समय और प्रयास को कम कर देता है, क्योंकि यह उत्पाद निर्माण के लिए सभी आवश्यक दिशा निर्देश को पहले ही परिभाषित कर देता है।
  • ग्राहक की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार उत्पाद में नए परिवर्तन या update लाने की प्रक्रिया को आसान बना देता है।
  • सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाईन के मदद से भविष्य में उत्पन्न होने वाले सभी संभावित जोखिमों से कैसे बचना है इसकी पूरी योजना पहले ही तैयार कर लीया जाता है।
  • जहां एक उत्तम श्रेणी अर्थात high quality का उत्पाद निर्माण करने में मदद करता है, जोकि ग्राहक के समस्या का समाधान करने के साथ-साथ वह सभी लोग जो इस सॉफ्टवेयर पर काम करेंगे उन्हें एक बेहतर अनुभव भी प्रदान करता है।

Disadvantages System Analysis and Design in Hindi :-

  • Systems Analysis के पूरी दस्तावेज़ बनाने में समय और पैसे खर्च होते हैं, इससे मुख्य उत्पाद को बनाना महंगा हो जाता है ।
  • ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बार सब कुछ वैसे ही हो जैसा दस्तावेजों में अनुमान लगाया गया है, कई बार प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के बाद कुछ नई समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • इस प्रकार के जटिल काम को पूरा करने के लिए अनुभवी सॉफ्टवेयर इंजीनियर और मैनेजर की आवश्यकता होती है। क्योंकि अगर System Analysis and Design की प्रक्रिया में कोई भी गलती हो जाए तो पूरा सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट ही फेल हो जाएगा।

Conclusion on System Analysis and Design in Hindi :- सिस्टम एनालिसिस की प्रक्रिया के अंतर्गत systems analyst ग्राहक की जरूरतों का गहन अध्ययन करता है और फिर उन जरूरतों को किस प्रकार से पूरा करना है इसके लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार करता है।इसमें सिस्टम निर्माण की जटिल प्रक्रिया को सरल तरीके से परिभाषित कर दिया जाता है जिसके कारण ग्राहक की जरूरतों को समझना बहुत आसान हो जाता है। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत Algorithm और Flowchart आदि का निर्माण किया जाता है, जो software engineer को कोड लिखने की प्रक्रिया में बहुत अधिक मदद करता है। इसके साथ ही सिस्टम एनालिसिस यह भी बताता है कि किसी सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट में नए updates या परिवर्तन को किस प्रकार से जोड़ना है।

इस लेख में हमने सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाइनिंग को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको System Analysis and Design in Hindi का लेख पसंद आया होगा। अगर आप SAD के इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सके।

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