Thrashing in Hindi

What is Thrashing in Hindi?

Thrashing एक ऐसी स्थिति है जब computer system उपयोगकर्ता के द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों को Execute ( निष्पादित ) करना बंद कर देता है या निष्पादित करने में बहुत कम समय देता है, क्योंकि computer का CPU अपने समय का बड़ा हिस्सा दोषों ( fault ) को ठीक करने में लगा देता है।

Causes of Thrashing in Operating System in Hindi:- थ्रैशिंग के कारणों को ठीक से समझने के लिए हमें Page fault और swapping को समझना होगा।

  • Page fault :- जब किसी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को निष्पादित करते समय वह किसी ऐसे Data या जानकारी को प्राप्त करने का प्रयास करता है जो की मुख्य memory device जैसे की RAM ( Random Access Memory ) में नहीं हो तो इस समस्या को Page fault कहते है।
  • Swapping :- जब ऑपरेटिंग सिस्टम ये देखता है कि कंप्यूटर में page fault की समस्या उत्पन्न हो गई है, मतलब की प्रोग्राम के द्वारा जिन जानकारियों की आवश्यकता है वह कंप्यूटर के प्राइमरी मेमोरी में उपलब्ध नहीं है, तब वह उन जानकारियों को secondary memory जैसे की HDD ( Hard Disk Drive ) में खोजता है और जानकारी या Data मिल जाये तो उन्हें RAM के पास भेजता है। कई बार RAM में इतना जगह नहीं होता की वह Hard Disk से जानकारी या Data को लेकर अपने पास जमा कर पाए ऐसे परिस्थित में ऑपरेटिंग सिस्टम RAM के किसी एक भाग के DATA को Hard Disk में भेज देता है इससे जो जगह खाली होती है उसमे नई जानकारी या Data को जमा किया जा सकता है। अगर संक्षेप में कहें तो ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा RAM के साथ Hard Disk के Data का अदला-बदली को ही Swapping कहते है।

Definition of Thrashing in Hindi

Definition of Thrashing in Hindi :- जब किसी Computer में page fault और swapping की समस्या बहुत तेजी से बार-बार होने लगे तो ऑपरेटिंग सिस्टम को अधिक समय page fault की समस्या को ठीक करने के लिए Hard Disk से Data को ढूंढ़कर उसे RAM के किसी एक भाग में जमा Data से swap ( अदल-बदल ) करने में लग जाता है। इस कारण कंप्यूटर का CPU उपयोगकर्ता द्वारा दिए वाले निर्देशों को Execute ( निष्पादित ) करने में असमर्थ हो जाता है। इस अवस्था को Thrashing कहा जाता है।

Effects of Thrashing in Hindi :-  जब भी Thrashing की समस्या उत्पन्न होती है, तो उससे निपटने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम निम्नलिखित पद्धति का उपयोग करता हैं

  • Global Page Replacement:- इसमें RAM के किसी भी भाग के Data को Hard disk के डेटा से Swap कर दिया जाता है, ताकि बर्तमान में चल रहे Page fault की समस्या को जल्दी से जल्दी ठीक किया जा सके। लेकिन इससे परिस्थिति और ज्यादा खराब हो सकता है, क्योंकि कई बार RAM का वो डेटा जिसका उपयोग किसी दूसरे निष्पादित हो रहे प्रोग्राम द्वारा किया जा रहा है या किया जाने वाला है, उन्हें भी Swap कर दिया जाता है।
  • Local page replacement:- इसमें जिस निष्पादित हो रहे Program के कारण Page fault की समस्या उत्पन्न हुई है, उसके द्वारा RAM में लिए गए निजी क्षेत्र से ही Hard Disk के data को Swap किया जाता है। ऐसा हो सकता है कि इस पद्धति के उपयोग से thrashing की समस्या का समाधान हो जाए, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि ये बहुत अधिक समय लेता है।
  • Working Set Model:- ऐसे डेटा जिनका उपयोग अभी हाल में किया गया है, उनका उपयोग फिर से किया जा सकता है और साथ ही उसके आसपास के डेटा का उपयोग भी किया जा सकता है।  लेकिन ऐसे Data जिनका उपयोग काफी समय से नहीं किया गया है, उनके उपयोग में अभी बहुत देर लगने वाला है। इसलिए Page Fault की समस्या से निपटने के लिए RAM के उन भागों के Data को Swap किया जाता है, जिनका उपयोग बहुत समय से नहीं हुआ है।  यह पद्धति काफी कारगर है, और Thrashing की समस्या से निपटने का एक बेहतर विकल्प प्रदान करती है।

Conclusion on Thrashing in OS in Hindi :- किसी कंप्यूटर में थ्रैशिंग एक ऐसी स्थिति है, जब उसके CPU अपने क्षमताओं का ठीक से उपयोग नहीं कर पाता, जिसके कारण कंप्यूटर में किसी प्रोग्राम या निर्देशों का निष्पादन नहीं हो पता क्योंकि CPU को अपना ज्यादा तर समय page fault की समस्या को ठीक करने में लगाना पड़ता है। थ्रैशिंग के इस समस्य से निपटने के लिए आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ विशेष तकनीकों का उपयोग किया जाता है जैसे कि Working Set Model और Page Fault Frequency आदि। ये तकनीक थ्रैशिंग की समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित करने में कुछ हद तक सक्षम है क्योंकि ये पेज फॉल्ट की परिस्थिति को उत्पन्न होने से पहले ही रोक देता है।

Thrashing एक बहुत बड़ी समस्या है, जो किसी कंप्यूटर सिस्टम के प्रदर्शन को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इसके कारण उपयोग कंप्यूटर के उपयोगकर्ता का काफी समय बर्बाद होता है, क्योंकि यह कंप्यूटर में एक ऐसी परिस्थिति को उत्पन्न कर देता है, जब कंप्यूटर ना तो उपयोगकर्ता द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का निष्पादन कर पाता है और ना ही उनके समक्ष किसी आउटपुट को प्रदर्शित कर पाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे कंप्यूटर हैंग होना भी कहते हैं।

इस लेख में हमने थ्रैशिंग को सरल हिंदी भाषा में समझाने का प्रयास किया है। उम्मीद है कि आपको Thrashing in Hindi का यह लेख पसंद आया होगा। अगर आप थ्रैशिंग के इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हमें देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। जिससे कि हम अपने लेख में आवश्यक परिवर्तन करके इसे और अधिक उपयोगी बना सकें।

 

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