भारतीय ट्रैफिक रूल्स? Traffic Rules in Hindi (Full Guide)

भारतीय ट्रैफिक रूल्स? Traffic Rules in Hindi (Full Guide)

क्या आप जानते हैं भारतीय ट्रैफिक रूल्स? | Traffic rules in Hindi (Full Guide): भारत में यातायात नियमों पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं क्योंकि यहां पर चालान कटने पर कोई देना नहीं चाहता है और Traffic Police को कुछ रुपये देकर लोग इससे बच जाते हैं।

मगर सितंबर, 2019 से चालान के नये नियम बनाए गए हैं जिसमें हजार से नीचे कोई चालान नहीं है और इस वजह ये यातायात नियम यानी Traffic rules काफी हद तक सुधर गए हैं।

इन New Traffic Rules in India के अनुसार, सड़क पर गाड़ी चलाना बहुत रिस्की हो गया है लेकिन लोग ज्यादा चालान कटने के डर से हर नियम को Follow कर रहे हैं।

सही मायनों में आपको यातायात के नियमों के अवगत होना चाहिए क्योंकि यातायात नियमों का पालन करने से आपको सड़क पर जाम लगने से निजात मिल सकता है।

तो यहां आपको Traffic Rules in Hindi के बारे में  बताते हैं..

भारत में क्या है ट्रैफिक रूल्स ? | What is Traffic Rules in India in Hindi:

traffic rules symbol

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आजकल ज्यादातर दुर्घटनाएं (Road Accident) यातायात के नियम से होते हैं।

हम अक्सर न्यूज़ पेपर और न्यूज चैनल में रोड एक्सिडेंट के बारे में सुनते हैं और ये एक सीरियस मामला है.

जिससे आम लोगों को बचाने के लिए परिवहन विभाग में ट्रैफिक नियम बनाए गए और इन्हें फॉलो करना हर भारतीय का फर्ज़ है।

इसलिए आप भी हमेशा यातायात के नियमें का पालन करें और Traffic police द्वारा चालान कटने से बचें।

आजकल 18 साल के कम बच्चे भी ड्राइविंग करते हैं तो उन्हें ऐसा करने से पहले Traffic Rules के बारे में जान लेना चाहिए.

क्योंकि उन्हें ना तो यातायात के नियम की समझ होती है और ना ही वे इसका पालन करना चाहते हैं।

अगर हम Two Wheeler या Four Wheeler लेकर सड़क पर निकल रहे हैं तो Traffic Rules के बारे में डिटेल्स जरूर पता होनी चाहिए।

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

यातायात नियम के संकेत | Traffic Symbols in Hindi:

जब भी हम RTO लाइसेंस बनवाने जाते हैं तो हमारा एक टेस्ट होता है जिसमें हमसे कई सवाल पूछे जाते हैं।

इनमें ट्रैफिक नियम के बारे में बहुत से सवाल होते हैं जिसमें why should we follow traffic rules in hindi जैसे कई महत्वपूर्ण सवाल होते हैं

और इनके बारे में अगर हमें सही से पता हो तो उसमें हम पास होकर आसानी से Driving License हासिल कर सकते हैं.

इसके लिए आपको ट्रैफिक के संकेतों को पहचानना आना चाहिए।

1.हॉर्न का प्रयोग (Horn Uses):

हम और आप अक्सर यहल सोचते हैं कि बार-बार हॉर्न बजाने से ट्रैफिक जल्दी खुल जायेगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

ऐसा करने से पर्यीवरण में ध्वनि प्रदूषण होता है जिसके लिए भारत सरकार ने धवनि प्रदूषण रोक लगा दी है। इसलिए गाड़ी चलाते समय जरूरत के हिसाब से हॉर्न बजायें।

2.यू-टर्न (U Turn):

वाहन चलाते वक्त अचानक से यू टर्न लेना आपकी जान के लिए खतरा हो सकता है। इसलिए यू टर्न के लिए मोड़ से करीब 500 मीटर पहले से ही Indicator का प्रयोग करना चाहिए।

3.Overtake करने के नियम:

आपके आगे चल रहे वाहन से आगे निकलना ही Overtake कहलाता है जो कि बहुत ही खतरनाक होता है। Overtake करते समय यह बात ध्यान में रखें कि कहीं जिस तरफ से आप ओवरटेक कर रहे हो उधर की तरफ सामने वाला वाहन न जा रहा हो।

4.एकल तरफ के रास्ते (One Way):

वाहन चलाते समय हमेशा यह ध्यान रहे कि आप गलतस साइड पर तो नहीं चल रहे हैं आगर आप गलत साइड परल चल रहे हैं तो आप और सामने वालो व्यक्ति दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।

5.गति (Speed):

कई जगहों पर Speed Limit के बोर्ड लगे होते हैं डजिसके अनुसार ही आपको अपने वाहन की स्पीड का ध्यान रखना होगा।

जैसे कि 40km/hr और यदि आप इस लिमिट को पार करते हैं तो आपकी दुर्घटना या आपके चालान कटने की संभावना बढ़ जायेगी।

6.पॉर्किंग (Perking):

अपने वाहन को हमेशा Parking के स्थान पर ही खड़ा करें और वाहन पार्क करते वक्त ये ज़रूर देख लें कि जहाँ आप अपना वाहन पार्क कर रहे हैं वह Parking का स्थान है या नहीं।

फिर अपना ऐसे वाहन पार्क करें की दूसरे पार्किंग में खड़े वाहन को निकलने में कोई परेशानी ना हो।

7.Lane Discipline:

आप जिस लेन में है, उसी लेन में चलते रहे और लेन न बदलें क्योंकि लेन तोड़ने से दूसरे लोग भी प्रभावित हो जाते है इसी तरह पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए भी अलग से रास्ता होता है.

उस रास्ते पर हमें एक सीध में चलना है अगर आप उस लाइन को तोड़ते हैं तो आपके आगे पीछे वालों को भी परेशानी होगी और समय भी ज्यादा लगेगा।

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

ट्रैफिक लाइट्स के मतलब क्या हैं? | What is Traffic Lights?

 traffic symbols

traffic symbols

चौराहे के बीच में एक पोल पर Red Light दिखाई दे तो स्टॉप लाइन से पहले अपने वाहन को रोक देना होता है।

इस लाइन को ज़ैब्रा क्रॉसिंग (Zebra Crossing) कहते हैं, इस पर अपना वाहन ना खड़ा करें क्योंकि इससे आपका चालान भी कट सकता है।

अगर पोल पर आपको Green Light जलती हुई दिखाई दे तो समझिये की अब आप वाहन आगे ले जा सकते है लेकिन इस बात का ध्यान रहे की जब आप आगे जा रहे हो तब पैदल यात्री और दूसरी साइड से आने वाले वाहन सर्किल में ना हों।

पोल पर जब Yellow Light जलती दिखाई दे तो जोन लें कि अब बस Red Light होने वाली है अपने वाहन को आगे बढ़ा ले या Stop Line से पहले वाहन रोक कर रखें।

Green Light में जो चिन्ह जिस दिशा को दर्शाता है उनसे आप यह समझ सकते है की आपको उसी दिशा में जाना है यदि आप गलत दिशा में जाते हैं तो आपके वाहन पर चालान कट सकता है।

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

भारत में यातायात के प्रतीक | Important Symbols of Traffic:

भारत में यातायात के कई प्रकार के चिन्ह होते हैं जो आपको रास्ते में चलते समय सावधानी बरतने के लिए लगाए जाते हैं।

इसके अलावा कुछ और भी प्रतीक हैं जिनके बारे में आप आगे का रास्ता तय कर सकते हैं जो इस प्रकार हैं:

हाई लिमिट (High limit):

इस साइन का मतलब है कि इस एरिया में दी गई लिमिट से ज्यादा वाहन नहीं खड़े हो सकते हैं।

बायां मोड़ (Left Turn):

इस साइन का मतलब है कि आगे आपको बाएं की तरफ मुड़ना है।

पशु (Animals):

इस साइन का मतलब है कि इस जगह पर पशुओं का डेरा है कृपया यहां से होकर नहीं जाएं वरना उन्हें नुकसान हो सकता है।

साइकिल क्रॉसिंग (Cycle Crossing):

इस साइन का मतलब है कि ये साइकिल क्रॉसिंग है और यहां से मोटरसाइकल, स्कूटर का जाना भी मना है।

चट्टानों का गिरना:

इस साइन का मतलब होता है कि खराब मौसम के कारण चट्टाने रोड पर गिर सकती हैं और ऐसा सिर्फ पहाड़ी इलाकों में ही साइन मिलता है।

नौका:

इस साइन का मतलब है कि ड्राइवर को एक नदी के पार नौकायान पार करने की स्थिति के बारे में चेतावनी दी जाती है।

बाएं हैर्पिन मोड़:

ये साइन उस स्थिति में उपयोग किया जाता है जब दिशा में परिवर्तन इतना जरूरी होता है कि वो दिशा के रेवेर्सल के बराबर होता है। यां ये संरेखण के आधार पर बाएं की ओर झुका होता है।

बाएं हाथ का कर्व:

इस साइन का उपयोग तब होता है जब संरेखण की दिशा बदल जाती ै और गति कम करने की चेतावनी दी जाती है।

बाएं रिवर्स मोड़:

इस साइन का उपयोग तब होता है जब रिवर्स मोड़ की प्रकृति आवागमन तक पहुहंचने के लिए ड्राइवर को जानकारी ना हो।

नैरो ब्रिज (Narrow Bridge):

ये साइन उस स्थिति में लगा होता है जब पुल आने वाला होता है। जहां प्रतिबंध या पहिया गार्ड के बीच की चौड़ाई गाड़ी के सामान्य चौड़ाई से कम होती है।

नैरो रोड (Narrow Road):

ऐसे साइन ज्यदाातर ग्रामिण क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहां फूटपाथ की चौड़ाई में अचानक कमी से यातायात में खतरा पैदा हो सकता है।

पैदल चलने वालों की क्रॉसिंग:

ये साइन जेबरा क्रॉसिंग आने से पहले बनाया जाता है जिससे आने वाले वाहन अपनी गति को कम कर लें और रोड क्रॉस करने वाले पैदल राहगिरों को परेशानी नहीं हो।

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

Also Read:

[su_list icon=”icon: arrow-right” icon_color=”#c22d11″]

[/su_list]

[su_divider top=”no” divider_color=”#163890″]

Conclusion:(Traffic rules in Hindi)

दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल पे बस इतना ही था. I Hope आप सबको Traffic rules in hindi में पुरे जानकारी मिल गए होंगे।

आपको Traffic rules के बारे में आपका कोई भी डाउट हो तो हमे कमैंट्स सेक्शन पे जरूर बताये।

और जाते जाते हम आपको बता दे की Traffic rules का पालन जरूर करे और Drive करते समय हेलमेट जरूर पहने।

और हमारे ये आर्टिकल आपको कैसा लगा आप हमे Comments पे जरूर बताये। अगर आर्टिकल अत्छा लगा हो तो आप आपने दोस्तों के सह Share करना ना भूले। धन्यबाद ||

2

No Responses

Write a response