महिला सशक्तिकरण क्या है? | Women Empowerment in Hindi (Full Essay)

महिला सशक्तिकरण क्या है? | Women Empowerment in Hindi (Full Essay)

महिला सशक्तिकरण क्या है ? | Women Empowerment in Hindi: भारत देश में अक्सर महिला सशक्तिकरम मुद्दे पर चर्चाएं होती हैं और हर इंसान की इसपर अलग-अलग राय सामने निकलकर आती है।

अक्सर कहा जाता है कि किसी भी देश की तरक्की तभी होती है जब उस देश की महिलाओं का विकास सही रूप से किया जाए।

जहां एक तरफ महिलाओं को लेकर कई तरह के कार्य किए जा रहे हैं तो वहीं नारी के साथ होने वाली घटनाएं भी कम नहीं हो रही हैं।

ऐसे में What is women Empowerment in Hindi के बारे में आपको पूरी जानकारी जरूर होनी चाहिए।

महिला सशक्तिकरण क्या है? | What is women Empowerment in Hindi:

 Women Empowerment

महिला सशक्तिकरण की बात समाज में अक्सर होती रहती है।

Women Empowerment Meaning कुछ इस तरह लगाया जाता है जैसे महिलाओं को किसी वर्ग खासकर पुरुष वर्ग का सामना करने लिए सुदृढ़ किया जा रहा है।

भारतीय समाज में प्राचीनकाल से ही नारी को पुरुष के समान अधिकार प्रदान हुए हैं, उसे अपने जीवन की गरिमा को सुरक्षित बनाए रखने और सम्मानित जीवन जीने का पूरा अधिकार प्राप्त है।

यहां तक कि शिक्षा और ज्ञान-विज्ञीन के क्षेत्र में भी महिलाओं को अपनी प्रतिभा निखाने के लिए पूर्ण रूप से आजादी है।

महाभारत कारल के बाद नारी की इस स्थिति में गिरावट आई, इससे महिलाओं से शिक्षा का मौलिक अधिकार छीन लिया गया था।

मगर धीरे-धीरे शूद्र गंवार, पशु और नारी को ताड़ने के समान स्तर पर रखने की स्थित में हम सभी आ गए।

भारत में नारी को पर्दे में रखने का रिवाज शुरु हुआ और यहां पर्दा प्रथा मुस्लिम समाज के आतंक से बचने के लिए जारी की गई जो आज तक कई स्थानों रूढि बनकर हिंदू समाज के लिए गले की फांसी बनी हुई है।

अंग्रेजों के समय ये परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती गई और इसके बाद नारी को हर क्षेत्र में खुद को आगे बढ़ाने का अवसर मिलने लगा। 

नारी के सम्मान, नारी की मर्यादा, नारी की गरिमा और नारी सुलभ कुछ गुणों को बचाए रखने को लेकर नारी सशक्तिकरण का निर्माण हुआ।

women’s empowerment role संयुक्त राष्ट्र द्वारा कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाने लगा।

इनके जरिए नारी शक्ति को अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित भी किया जाने लगा। वहीं एक दुख की बात ये भी है कि आज भी भारत के कई जगहों में महिलाओं को पुरुष के समान स्थान पाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।

भारत में महिला की स्थिति | Women condition in India:

भारत में महिलाओं की स्थिति आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां 70 प्रतिशत महिलाओं की जिंदगी घर के चार दीवारी में गुजर जाी है।

इतना ही नहीं यहां काम करने वाली महिलाओं की संख्या दूसरे देशों के मुकाबले बहुत कम है।

हमारे देश की ज्यादा पढ़ी-लिखी महिलाएं भी इस समय अपने हक के साथ नहीं जी पाती हैं, जितना भी पढ़-लिख जाएं लेकिन उन्हें नौकरी करने और अपनी पहचान बनाने के लिए अपने पिता या पति पर निर्भर रहना पड़ता है।

उनको ना चाहते हुए ऐसा जीवन जीना पड़ता है जिसके वे विरूद्ध हैं फिर भी जी रही हैं।

डिफेंस हो या मेडिकल, बिजनेस हो या कोई मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी हर क्षेत्र में महिलाएं कमाल करने का हौसला रखती हैं मगर यहां ज्यादातर जगहों में पेट में बच्चा आते ही देखा जाता है कि वो बेटा है या बेटी।

इसके बाद भी अगर कोई महिला पढ़ लिखकर गलती से इंजीनियर या डॉक्टर बन जाती है और उसका साथ घरवाले भी देते हैं तो कोई ना कोई राक्षस उसे नोच (बलात्कार) डालता है।

इस डर से भी लोग अपने घरों की महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देते हैं। समाज के कुछ नीची सोच वाले आदमी ऐसी महिलाओं को जीने नहीं देते जो खुलकर जीना चाहती हैं, अपने जीवन में कुछ करना चाहती हैं।

इसका ताजा उदाहरण आप निर्भया केस या हैदराबाद रेप केस देख सकते हैं।

निर्भया केस में 7 साल 3 महीने के बाद दोषियों को फांसी की सजा हुई वो भी बहुत मुश्किल से, ऐसे देश में लोग अपनी बेटियों को बाहर भेजने से एक बार डरते जरूर हैं।

ऐसे में हमें अपने देश में पहले महिलाओं की ऐसी स्थिति को सुधारने की जरूरत है।

महिला का आरक्षण बिल | Women’s Reservation Bill:

किसी भी देश को चलाने के लिए सारे जरूरी फैसले संसद में ही लिए जाते हैं।

भारतीय संसद में अगर महिला सांसदों की संख्या देखी जाए तो वो ना के ही समान है।

हमारे देश की महिलाओं की भूमिका देश को चलाने में ज्यादा खास नहीं है, वहीं संसद में महिलाओं की इतनी कम संख्या को देखते हुए भारत सरकार (Indian Government) ने साल 2010 में महिला आरक्षण बिल का संसद में प्रस्ताव रखा और इसमें संसद की 33 प्रतिशत सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया।

उस समय कांग्रेस सरकार केवल राज्यसभा से ही इस बिल को पारित करवाने में कामयाब रही थी।

लोकसभा में इस बिल को पूर्ण रूप से मत नहीं मिले तो ये पास नहीं हो पाया।

साल 1993 में भारत सरकार ने एक संवैधानिक संशोधन पारित किया था, जिसमें ग्रामिण परिषद स्तर के होने वाले चुनावों में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कराई थी।

इस वजह से आज हर गांव में होने वाले चुनावों में महिलाएं चुनाव जरूर लड़ती हैं।

महिला सशक्तिकरण का महत्व | Importance of Women Empowerment:

अक्सर लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता है कि आखिर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को विश्व के कई संगठनों द्वारा इतना महत्व क्यों दिया जाता है।

इन सवालों के जवाब आपको नीचे दिए इन तथ्यों में मिल जाएंगे…

समाज का विकास | Development of Society:

महिला सशक्तिकरण की मुख्यता समाज से ही जुड़ी है।

अगर हम अपने देश को शक्तिशाली बनाना चाहते हैं तो इसके लिए हमें समाज की महिलाओं को शक्तिशाली बनाना होगा।

महिलाओं के विकास का मतलब ये है कि आप एक परिवार के विकास के लिए काम करते हैं।

अगर महिला शिक्षित होगी, तो वो अपने परिवार को भी पढ़ा-लिखा बनाएगी। इसके तहत देश को पढ़े-लिखे नौजवान मिलेंगे.

जो देश की तरक्की में अपनी योगदान देने में सक्षम होंगे।

घरेलू हिंसा में कमी | Violence against Women:

घरेलू हिंसा भारत में हर चौथी महिला के साथ होती है।

किसी ना किसी रूप में लोग अपने घर की महिलाओं को प्रताड़ित करने का काम करते हैं।

ऐसा जरूरी नहीं है कि घरेलू हिंसा सिर्फ अनपढ़ महिलाओं के साथ होती है।

ऐसा शिक्षित महिलाओं के साथ भी होता है बस इसमें फर्क इतना होता है कि पढ़ी-लिखी महिलाएं इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत रखती हैं लेकिन अनपढ़ इसे सहते हुए ही अपनी जान दे देती हैं।

अगर घरेलू हिंसा में कमी आएगी तो ये देश और भी विकास कर सकेगा।

आत्म निर्भर बनाना | Campaign for Female Education:

हमारे देश में लड़कियों को शुरु से सिखाया जाता है कि जितना भी पढ़ लिख लो शादी के बाद पति के लिए खाना ही तो बनाना है।

आज 21वीं सदी में भारत ने कई आधुनिक चीजों का अविष्कार किया है लेकिन सोच आज भी लोगों की यही है।

जब किसी का एक बेटा और एक बेटी होती है तो माता-पिता बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ते हैं तो वहीं बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़ते हैं।

इस सोच को बदलते हुए हर लड़की को आत्म निर्भर बनाने का समय है भी ये देश आगे बढ़ सकता है।

भारत में चलाई जाने वाली योजनाएं | Women Empowerment schemes in India:

भारत सरकार ने देश की महिलाओं के विकास के लिए कई तरह की योजनाओं को लागू किया है।

इन योजनाओं का लाभ आज देश की बहुत सी महिलाएं उठा रही हैं और इन योजनाओं की मदद से सरकार महिलाओं की मदद करके उनका सशक्तिकरण करने का उद्देश्य रखती है।

कुछ योजनाएं इस प्रकार हैं…

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  1. नेशनल मिशन फॉर इम्पॉवरमेंट ऑफ वूमन (National Mission for Empowerment of Women)
  2. स्वाधार गृह योजना (SWADHAR Greh Scheme)
  3. वन स्टॉप सेंटर योजना (One Stop Centre Scheme)
  4. बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना (Beti Padhao, Beti Bachao Scheme)
  5. कार्य महिला छात्रावास योजना (Working Women’s Hostel)
  6. महिला हेल्पलाइन योजना (Women helpline scheme)
  7. राजीव गांधी राष्ट्रीय आंगनवाड़ी योजना (Rajiv Gandhi National creche scheme)

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निष्कर्ष | Conclusion:

आप लोगों ने महिला आयोर और महिला की सहायता के लिए बनाए गए कई संगठनों के बारे में सुना ही होगा।

मगर क्या आपने कभी पुरुष के लिए बनाए गए किसी संगठन के बारे में सुना है?

ऐसा इसलिए क्योंकि भारत में महिलाओं के बारे में जितनी भी बात हो जाए लेकिन यहां की महिलाएं इतनी ताकतवर नहीं ह कि वे अपने आप हर मुद्दे को निपटा लें।

वहीं जब हमारे देश में हर महिलाएं शिक्षित होंगी तभी हम Women Empowerment in Hindi सही मायने में समझ पाएंगे।

हम सभी को महिलाओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए, अगर सम्मान नहीं है तो कोई बात नहीं कम से कम उन्हें ऐसी नजरों से तो नहीं देखना चाहिए जिससे वे असहज महसूस करें।

उम्मीद है आपको महिलाओं पर आधारित ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आर्टिकल पसंद आया तो आपने दोस्तों के साथ Share करना ना भूले. ध्यनाबाद||

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